हुज़ूर ﷺ ने फरमाया:-
ﻭَﻣَﻦْ ﻟَﻢْ ﻳَﺸْﻜُﺮِ ﺍﻟﻨَّﺎﺱَ ﻟﻢَ ْﻳَﺸْﻜُﺮِ ﺍﻟﻠﻪَ
“जिसने लोगों का शुक्रिया अदा ना किया उसने अल्लाह का शुक्रिया अदा नहीं किया”
(तिर्मिज़ी 1955)
#HadithOfTheDay
हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया :-
“एक फ़ाहिशा ���रत सिर्फ़ इस वजह से बख़्शी गई कि वो एक कुत्ते के क़रीब से गुज़र रही थी जो एक कूँए के क़रीब खड़ा प्यासा हाँप रहा था, ऐसा मालूम होता था कि वो प्यास की शिद्दत से अभी मर जाएगा, उस औरत ने अपना मोज़ा निकाला और उसमें अपना दुपट्टा बाँध कर पानी निकाला और इस कुत्ते को पिला दिया तो उसकी बख़्शिश उसी (नेकी) की वजह से हो गई”
(बुखारी 3321)
#HadithOfTheDay
हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया :-
एक फ़ाहिशा औरत सिर्फ़ इस वजह से बख़्शी गई कि वो एक कुत्ते के क़रीब से गुज़र रही थी जो एक ��ूँए के क़रीब खड़ा प्यासा हाँप रहा था ऐसा मालूम होता था कि वो प्यास की शिद्दत से अभी मर जाएगा उस औरत ने अपना मोज़ा निकाला और उसमें अपना दुपट्टा @_DailyHadith__
हुज़ूर ﷺ ने फरमाया:-
ﻭَﻣَﻦْ ﻟَﻢْ ﻳَﺸْﻜُﺮِ ﺍﻟﻨَّﺎﺱَ ﻟﻢَ ْﻳَﺸْﻜُﺮِ ﺍﻟﻠﻪَ
“जिसने लोगों का शुक्रिया अदा ना किया उसने अल्लाह का शुक्रिया अदा नहीं किया”
(तिर्मिज़ी 1955)
#HadithOfTheDay@_DailyHadith__
हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया :-
“एक फ़ाहिशा औरत सिर्फ़ इस वजह से बख़्शी गई कि वो एक कुत्ते के क़रीब से गुज़र रही थी जो एक कूँए के क़रीब खड़ा प्यासा हाँप रहा था, ऐसा मालूम होता था कि वो प्यास की शिद्दत से अभी मर जाएगा, उस औरत ने अपना मोज़ा निकाला और उसमें अपना दुपट्टा बाँध कर पानी निकाला और इस कुत्ते को पिला दिया तो उसकी बख़्शिश उसी (नेकी) की वजह से हो गई”
(बुखारी 3321)
#HadithOfTheDay
हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया :-
“जिसने अपने किसी भाई पर ज़ुल्म किया हो उसे चाहिए की (इसी दुनिया में) माफ करा ले, इसलिए की आख़िरत में रुपए पैसे नहीं होंगे, इससे पहले (��ाफ़ कराले) की इसके भाई के लिए उसकी नेकियों में से हक़ दिलाया जाएगा और अगर उसके पास नेकियां ना होंगी टी इस (मज़लूम) भाई की बुराइयाँ उस पर डाल दी जाएगी”
(बुख़ारी 6534)
#HadithOfTheDay
हुज़ूर ﷺ ने फरमाया:-
ﻭَﻣَﻦْ ﻟَﻢْ ﻳَﺸْﻜُﺮِ ﺍﻟﻨَّﺎﺱَ ﻟﻢَ ْﻳَﺸْﻜُﺮِ ﺍﻟﻠﻪَ
“जिसने लोगों का शुक्रिया अदा ना किया उसने अल्लाह का शुक्रिया अदा नहीं किया”
(तिर्मिज़ी 1955)
#HadithOfTheDay@_DailyHadith__
हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया :-
“जिसने अपने किसी भाई पर ज़ुल्म किया हो उसे चाहिए की (इ��ी दुनिया में) माफ करा ले, इसलिए की आख़िरत में रुपए पैसे नहीं होंगे, इससे पहले (माफ़ कराले) की इसके भाई के लिए उसकी नेकियों में से हक़ दिलाया जाएगा और अगर उसके पास नेकियां ना होंगी टी इस (मज़लूम) भाई की बुराइयाँ उस पर डाल दी जाएगी”
(बुख़ारी 6534)
#HadithOfTheDay
हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया:-
“क्या में तुम्हें ऐसी चीज के बारे में ना बताऊँ जो दर्ज़ा में सलात सोम और सदक़ा से भी अफ़ज़ल है? सहाबा से अर्ज़ किया, क्यों नहीं जुरूर बताएँ, आप ने फ़रमाया, आपस में मेल जोल करा देना ”
(तिर्मिज़ी 2509)
#HadithOfTheDay
हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया:-
“क्या में तुम्हें ऐसी चीज के बारे में ना बताऊँ जो दर्ज़ा में सलात सोम और सदक़ा से भी अफ़ज़ल है? सहाबा से अर्ज़ किया, क्यों नहीं जुरूर बताएँ, आप ने फ़रमाया, आपस में मेल जोल करा देना ”
(तिर्मिज़ी 2509)
#HadithOfTheDay
हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया:-
“जो हमारे बच्चों पर रहम नहीं करता और हमारे बड़ों पर एहतराम नहीं करता, वह हम में से नहीं”
(मुस्तद्रक 7353) @_DailyHadith__#HadithOfTheDay
हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया:-
“जो हमारे बच्चों पर रहम नहीं करता और हमारे बड़ों पर एहतराम नहीं करता, वह हम में से नहीं”
(मुस्तद्रक 7353) @_DailyHadith__#HadithOfTheDay
People have become more self-centered. They don’t try to understand the feelings, needs & problems of others. They’re keen on satisfying their own needs, even by hurting others. Don’t let up. Continue spreading values of honesty, sincerity, integrity & compassion.
हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया :-
“किसी का बदला देना सिलारहमी नहीं है बल्कि सिलारहमी करने वाला वह है, के जब इसके साथ सिलारहमी का मामला ना किया जा रहा हो फिर भी वह सिलारहमी करे”
(बुख़ारी 5991)
#HadithOfTheDay
रसूल अल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:-
"बेशक जुमा का दिन तमाम दिनों का सरदार और अल्लाह तआला के नज़दीक सबसे ज़्यादा अज़मत वाला दिन है इसका दर्ज़ा अल्लाह तआला के नज़दीक ईद उल फितर और ईद अज़हा से भी ज़्यादा है"....!!!
(इब्ने माजा 884)
हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया :-
हसद जायज़ नहीं मगर दो में, एक वह जिसे अल्लाह ने क़ुरान दिया वह इसके साथ रात की घड़ियों में क़ायम करता है और दिन में, दूसरा वह जिसे अल्लाह ने माल दिया और वह दिन और रात की घड़ियों में इसे ख़र्च करता है”
(सुनन बेहकी 7826) @_DailyHadith__#HadithOfTheDay