1. जैसाकि सर्वविदित है कि समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख द्वारा अपनी पुरानी सहयोगी पार्टी राष्ट्रीय लोकदल व उस पार्टी के नेता केन्द्रीय मंत्री के बारे में यह सार्वजनिक बयान देना कि ’हमने इनको चवन्नी से रुपया बना दिया है’, यह कहना पूर्णतः अमर्यादित, अशोभनीय व अति-शर्मनाक है तथा इस प्रकार की अहंकारी व अलोकतांत्रिक बयानबाज़ी के लिये उन्हें उस पार्टी से व उनके नेता से ही नहीं बल्कि स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह जी के परिवार का अपमान करने हेतु पूरे जाट समाज से भी अविलम्ब माफी माँगनी चाहिये तो यह उचित होगा।
2. वैसे देश की राजनीति में सपा का चाल, चरित्र व चेहरा अपने विरोधी पार्टियों के लिये ही नहीं बल्कि अपने सहयोगियों के लिये भी हमेशा से र��जनीतिक संकीर्णता व जातिवादी द्वेष आदि से ग्रसित ज़्यादातर अप्रिय और अविश्वसनीय ही रहा है, जिस कारण इसका राजनीतिक एवं चुनावी लाभ भी अक्सर मौक़ों पर भाजपा ही उठाती रही है और सेक्युलर ताक़तें कमज़ोर होती रहीं हैं।
3. इस पार्टी के इसी प��रकार के अति-अहंकारी स्वाभाव के कारण पहले सन् 1993 में, यू.पी. में श्री मुलायम सिंह यादव के साथ सपा व बसपा का बना गठबन्धन जल्दी ही टूट गया, जिसके फलस्वरूप दिनांक 2 जून 1995 को मेरी हत्या करने के षडयन्त्र के तहत् मेरे विरुद्ध कुख्यात लखनऊ स्टेट गेस्ट हाऊस काण्ड हुआ।
और फिर आगे चलकर इनके बेटे श्री अखिलेश यादव द्वारा, इनके पिता की तरह पुरानी ग़लतियों को फिर से ना दोहराने का आश्वासन देते हुये, लोकसभा का चुनावी गठबन्धन हुआ जो चुनाव का नतीजा इनके अनुरुप ना आने की वजह से कुछ समय के बाद ही बी.एस.पी. के प्रति इनके अहंकारी व स्वार्थी आदि रवैये के कारण फिर यह गठबन्धन भी टूट गया, क्योंकि परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान के कारवाँ वाली पार्टी बी.एस.पी. �� उसकी नेतृत्व ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की सर्वसमाज हितैषी अम्बेडकरवादी नीतियों व सिद्धान्तों से कदापि विमुख नहीं हो सकती है।
4. अब संक्षेप में यही कहना है कि यह पार्टी (सपा) गठबन्धन के मामले में केवल अपना काम निकालना जानती है और अपना काम निकलते ही फिर यह पार्टी गिरगिट की तरह अपना रंग बदल लेती है तथा दूसरी पार्टी के बारे में अनाप-शनाप भाषा का भी ख़ूब इस्तेमाल करती रहती है, जो कि यह सपा का पुराना रवैया है। ऐसे में सर्वसमाज के लोग सपा की संकीर्ण व जातिवादी राजनीति से ज़रूर सावधान रहें।
5. इसके साथ ही, यह बात भी जग-ज़ाहिर है कि सपा मुखिया श्री अखिलेश यादव अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए अपने PDA में से P को कभी पिछड़ा वर्ग, तो कभी P को पण्डितों का हितकारी बता देते हैं, जबकि इनके बारे में सच्चाई तो यह है कि वे पिछड़े वर्गों में अपनी ख़ुद की जाति के अलावा बाकी पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यकों तथा अपरकास्ट समाज में से ख़ासकर ब्राह्मण समाज के भी क़तई हितैषी नहीं रहे हैं।
6. इतना ही नहीं बल्कि इस पार्टी (सपा) की सभी रही सरकारों में दलितों, पिछड़ों, अक़लियतों, अपरकास्ट समाज में से विशेषकर ब्राह्मण समाज का भी काफी शोषण व उत्पीड़न आदि किया गया है तथा ना ही इनके हितों में कोई भी सकारात्मक क़दम उठाये गये हैं, बल्कि इनकी सरकार में वास्तव में केवल गुण्डों, बदमाशों, माफियाओं व अन्य अ��ाजक तत्वों का ही भला हुआ है और साथ ही इनकी सरकार में दिन-छिपने के बाद हमारी बहिन-बेटियाँ भी घर से बाहर नहीं निकल सकती थीं। ऐसे में सर्वसमाज के लोग यू.पी. आगामी विधानसभा आमचुनाव में इस पार्टी (सपा) को सत्ता में क़तई भी ना आन दें, जो यह उनके हित में होगा।
1. दिल्ली के जंतर मंतर पर संविधान में एस.सी., एस.टी. व ओ.बी.सी. समाज को दिये गये आरक्षण के विरुद्ध अभी हाल ही में जमा हुये कुछ लोगों द्वारा आर्थिक आधार पर आरक्षण को लागू करने की उठाई गई यह नई माँग कतई भी उचित व देशहित में नहीं है। उन्हें आरक्षण के सम्बंध में ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिये जिससे समतामूलक समाज, विकसित व सम्मानित देश बनाने के संवैधानिक कार्यों को आघात पहुँचे।
2. वैसे भी देश में सदियों से जातिवाद की अमानवीयता का शिकार रहे एस.सी., एस.टी. व ओबीसी समाज के लोगों हेतु संविधान में की गई आरक्षण की व्यवस्था के बारे में परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का यह कहना था कि ’जातिवाद का परित्याग ही सबसे बड़ी देशभक्ति है’। अतः लोग सही देशभक्ति का परिचय ज्यादा दें तो यही उचित होगा।
3. जहाँ तक आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की बात है, तो केन्द्र व राज्य सरकारों द्वारा भी ग़रीबी उन्मूलन के एक नहीं बल्कि अनेकों कार्यक्रमों पर काफी सरकारी धन हर वर्ष ख़र्च किया जाता है, किन्तु उसमें व्याप्त भ्रष्टाचार आदि के कारण इसका सही लाभ अगर देश के लोगों को नहीं मिलता है तो यह तो सरकारी व्यवस्था का सीधा-सीधा दोष है।
4. इसके अलावा, आर्थिक आधार पर आरक्षण की नई व्यवस्था भी देश में लागू है, जिसका भी सही लाभ अपरकास्ट समाज के ग़रीब परिवारों को नहीं मिल पा रहा है बल्कि इसमें छलावा अधिक ह��।
5. वास्तव में ख़ासकर यही वह भ्रष्ट व जातिवादी सरकारी व्यवस्था है जिसने आरक्षण के संवैधानिक रचनात्मक प्रावधान को कभी सही से ज़मीन पर लागू ही नहीं होने दिया है, जिस कारण एससी, एसटी व ओबीसी समाज के लोग, आज़ादी के इतने लम्बे अरसे के बाद आज तक भी, ग़रीबी, जातिवादी द्वेष, शोषण, अत्याचार व जातिवाद के ज़हर का दंश हर दिन हर स्तर पर लगातार झेलते रहते हैं।
6. अतः सभी सरकारें भी आरक्षण विरोधी तत्वों को शरण व संरक्षण बिल्कुल भी ना दें तो यह व्यापक देश व जनहित में होगा। लोगों से भी अपील है कि वे आरक्षण जैसे अहम् एवं संवेदनशील मुद्दे पर सस्ती राजनीति ना करें और ना ही होने दें।
7. हालाँकि उसी ही दिन पार्लियामेन्ट थाना के बाहर एक पीड़ित व्यक्ति के मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्री राहुल गाँधी कई घन्टों तक धरने पर बैठे रहे, जिसका पार्टी को कोई ऐतराज़ नहीं है।
ऽ लेकिन उसके बग़ल में जंतर-मंतर पर दलित व शोषितों के जातीय आधार पर दिये जाने वाले आरक्षण को ख़त्म करवाने के लिए धरना-प्रदर्शन भी चल रहा था, वहाँ पर वे व उनका कोई भी कांग्रेसी साथी उन्हें समझाने तक के लिये भी नहीं गये, जिससे इन वर्गों के प्रति इनकी आरक्षण विरोधी मानसिकता अभी भी साफ झलकती है।
1. जैसाकि सर्वविदित है कि परम��ूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने मानवतावादी, कल्याणकारी व सभी जाति-धर्मों के मानने वालों को एक-समान समतामूलक अधिकार देने वाला सेक्युलर संविधान देकर पूरे देश को एक कड़ी ��ें जोड़ कर सशक्त भारत बनाने की गारण्टी सुनिश्चित की है और इसके तहत् सभी धर्म के ग्रंथों व उनके धार्मिक रीति-रिवाज व मान्यताओं के आधार पर शान्त एवं सुखी जीवन जीने का अधिकार है, जिसकी अनदेखी करने व उसमें दख़ल देने के बजाय सभी को उसकी पवित्रता का सम्मान करना चाहिये।
2. इस क्रम में महिलाओं की अस्मिता, सम्मान व पर्दा आदि के ज़रिये अपने आत्म-सम्मान व स्वाभिमान की रक्षा जैसे मामलों को उसकी उसी संवेद���शीलता से देखना चाहिये और जहाँ तक स्कूलों में यूनीफार्म, पर्दा, चादर, हिजाब आदि पहन्ने का मामला है, तो इन मामलों को ज़्यादा तूल देकर कोर्ट-कचहरी में विवाद का क़ानूनी मुद्दा बनाने के बजाय, उन्हें स्थानीय स्तर पर स्कूल प्रबंधन व शासन-प्रशासन की आपसी समझ व सूझबूझ से सुलझा लेना चाहिये ताकि किसी को भी इसकी आड़ में संकीर्ण राजनीति करने का मौक़ा ना मिल पाये।
3. जबकि बी.एस.पी. सर्वसमाज के सम्मान व उनके ���ान-माल व ��ज़हब की सुरक्षा की गारण्टी वाली अम्बेडकरवादी पार्टी है और यही मानना है कि किसी भी धर्म, धार्मिक ग्रंथ व धार्मिक प्रचलन/मान्यताओं के संवेदनशील मामलों पर सभी लोग टीका-टिप्पणी करने से बचें तो यह देश व जनहित में होगा।
4. इसके साथ ही, यूपी के ज़िला बदायूँ में भारतरत्न परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर जारी विवाद व तनाव की स्थिति को शासन-प्रशासन तुरन्त इसका श���न्तिपूर्ण व उचित समाधान निकाले तो यह उचित होगा।
1.काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का देश की राजधानी नई दिल्ली में संसद के नज़दीक जन्तर मन्तर में पिछले कई दिनों से, ख़ासकर मेडिकल की नीट जैसी विशेष परीक्षा आदि में पेपरलीक व अन्य गड़बडियों के दुष्परिणामों से छात्र-छात्राओं व उनके परिवार के काफी बुरी तरह से प्रभावित हो रहे जीवन को लेकर जारी अनिश्चितकालीन आन्दोलन के कारण सड़क से लेकर संसद तक में ज़बरदस्त हंगामा बरपा है और अब इसका राजनीतिकरण करने से यह मुद्दा सरकार के साथ सीधे टकराव का हो गया है, जिस विषम स्थिति से देश को निकालना ज़रूरी है, क्योंकि इससे दिल्ली में ही नहीं बल्कि विभिन्न राज्यों में भी आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
2.वैसे चाहे प��रे देश में अयोध्या श्रीराम मन्दिर में चढ़ावा चोरी/ग़बन आदि का गर्म मामला हो या फिर आल-इण्डिया व राज्यों की परीक्षाओं आदि में पेपरलीक का मुद्दा हो, यह सभी मूलतः भ्रष्टाचार के हर स्तर पर पनपने का ही परिणाम है।
3.इसके साथ ही यह संवैधानिक नैतिकता (constitutional morality) से भी जुडा़ मामला है, जिसके अभाव में यह देश को दीमक की तरह खाता चला आ रहा है, जबकि संविधान निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने ��ुड गवरनेन्स हेतु इस पर ख़ास ध्यान देने की ज़रूरत पर विशेष बल दिया है।
4.संक्षेप में मेरा यही कहना है कि देश व जनहित से जुड़े वर्तमान विकट हालात के सौहार्दपूर्ण समाधान हेतु सरकार तथा माननीय कोर्ट जैसी संवैधानिक संस्थाओं को अपनी भूमिका निभाने की पहल करनी चाहिये तो यह बेहतर होगा।
5.साथ ही, सीजेपी के व्यापक हो रहे आन्दोलन का अब विभिन्न राजनीतिक पार्टियों द्वारा अपने-अपने संकीर्ण स्वार्थ में र��जनीतिकरण करके सड़क से लेकर संसद तक में टकराव व हिंसा किया जाना घोर अनुचित। सरकार व आन्दोलनकारी दोनों मिलकर ��सका शान्ति व सौहार्दपूर्ण समाधान जितना जल्द निकालें उतना ही उचित।
इस लड़की ने जो मीडिया बंधु को बताया उसमे साफ हो गया है.इस बलबे का मुख्य कारण कोई दरोगा है जिसने बाबा साहब की मूर्ति को तोड़ा.खेल कुछ और है प्लानिंग किसी और की लगती है.इस सम्बंधित दरोगा की भूमिका की जाँच कर इस पर भी कार्यवाही होनी जरुरी है.@myogiadityanath जी संज्ञान लें.
@airtelindia@airtelnews@bhartiairtelfdn@Airtel_Presence क्या कोई समाधान निकलेगा या सिर्फ इन पर कोई कार्यवाही भी होगी गंभी�� मामला है एयरटेल का कोई अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझेगा या नही कब तक लोग परेशान होते रहेंगे जबाब देही किसकी है जबाव देगा कोई
@airtelindia आपकी कंपनी नवाबगंज बरेली मे जो ऑफिस मे बहुत बड़े गुंडे पाल रही है डिस्ट्रीब्यूटर नाजिम,अमन,tsm राहुल शर्मा ,परविंदर और दो लोग और थे जिन्होंने तीन दिन पहिले मेरे दोस्त को ऑफिस मे बंद कर दिया और फिर मारपीट की और उसकी पत्नी तक ओक ऑफिस मे बंद कर दिया था जबकी एयरटेल के
विशाल आबादी वाले अपने भारत देश में ’बहुजन समाज’ अर्थात् बहुजनो�� के मसीहा भारतरत्न बोधिसत्व परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर को आज उनकी जयंती पर प्रातः मेरे द्वारा शत्-शत् नमन, पुष्पांजलि एवं अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित करने के साथ ही बी.एस.पी. के लोगों द्वारा पूरे देश भर में ख़ुद व अपने परिवार सहित उन्हें पूरी मिशनरी भावना के साथ भावभीनी श्रद्धांजलि एवं श्रद्धा-सुमन अर्पित करने के लिये सभी लोगों का तहेदिल से आभार, शुक्रिया एवं धन्यवाद।
सर्वविदित है कि बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का पूरा जीवन ��ेश के ग़रीबों उपेक्षितों, शोषितों तथा जातिवाद एवं सामंतवाद से पीड़ित महिलाओं आदि समेत ’बहुजन समाज’ की सुरक्षा, सम्मान व उत्थान के लिये अत्यन्त ही कड़े संघर्ष में बीता, और अन्ततः जिसकी गारण्टी उन्होंने संविधान में सुनिश्चित करने का ऐतिहासिक कार्य किया और अमर हो गये और जिसके लिये देश हमेशा उनका कृतज्ञ रहेगा।
किन्तु काश, देश की केन्द्र व यहाँ राज्यों की सत्ता में रहने वाली पार्टियाँ बाबा स���हेब डा. भीमराव अम्बेडकर के अति-मानवतावादी, सर्वजन-हितैषी व बहुजन-कल्याणकारी संविधान के पवित्र उद्देश्यों को प्राप्त करने में सही से सफल हो पातीं तो भारत अभी तक स्वावलम्बी/आत्मनिर्भर व विकसित देश बनकर यहाँ के करोड़ों बहुजनों की अपार ग़रीबी, बेरोज़गारी, जातिवादी द्वेष, शोषण व जुल्म-ज़्यादती आदि से मुक्त समता एवं न्याय-युक्त जीवन लोगों को ज़रूर दे पाता।
��गर ऐसा नहीं हो पाया है तो क्यों? इसका जवाब ढूंढने पर देश में बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का ’सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति’ का कारवाँ चुनावी सफलता भी हासिल करके अपनी मंज़िल की ओर ज़रूर आगे बढ़ेगा। जय भीम, जय भारत
महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2025'
बहुजन समाज पार्टी महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2025 अपने दम पर अकेले ही लड़ रही है।
बीएसपी के पूर्व राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय को-ऑर्डिनेटर श्री राजाराम जी की जनसभा में उमड़ा जनसैलाब।
बहुजन समाज पार्टी जमीन पर उतर चुकी, भाजपा-शिवसेना दोनों बैकफुट पर जा चुकी हैं।
महाराष्ट्र में बीएसपी पहले से बेहतर प्रदर्शन करने जा रही है।
ये ह��जूम बता रहा है कि आने वाला समय बहुजन समाज पार्टी का है। अम्बेडकरवादियों का है।
@Mayawati @bspindia @AnandAkash_BSP
घटना लखीमपुर खीरी के ग्राम स्वर्गलोक थाना ईशानागर की है.17/07/25 को पुतीलाल गौतम की 13 वर्षीय बेटी का प्रताप नाम के व्यक्ति ने अपने साथियों के साथ अपहरण किया तब से लेकर आज तक नाबालिग बेटी का कोई अता पता नहीं. पुलिस ने fir कर क�� बाद में लीपापोती कर दिया.आज दुखी माँ ने कहीं से मेरा मोबाइल नम्बर लेकर घटना के बारे में बताया.माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath , जी @Uppolice ,@AmitShah, @dgpup ,@deo_kheri ,@kheripolice इस घटना का संज्ञान लेकर बेटी ढूंढ़ने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्यवही की एक माँ की माँग.
बसपा ही दे सकती है भाजपा को शिकस्त : विश्वनाथ पाल जी
अयोध्या। बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल जी ने कहा है कि प्रदेश और केंद्र की भाजपा सरकारें जनता की अपेक्षाओं पर पूरी तरह विफल साबित हुई हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भाजपा को अगर कोई राजनीतिक चुन���ती दे सकता है तो वह केवल बसपा है। सपा-भाजपा की मिलीभगत पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस का अब कोई जनाधार नहीं बचा है।
सोमवार को देवकाली स्थित एक गेस्ट हाउस में आयोजित मंडलीय कार्यकर्ता बैठक को संबोधित करते हुए विश्वनाथ पाल ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए निकाय चुनाव में पूरी ताकत के साथ उतरने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आगामी निकाय चुनाव में बसपा बड़े दल के रूप में उभरेगी और मजबूती से चुनाव लड़ेगी।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी पूरी तैयारी और रणनीति के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। उन्होंने बताया कि मंडलीय बैठक में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 14 अप्रैल को मनाई जाने वाली जयंती को लेकर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर लखनऊ के गोमतीनगर स्थित अंबेडकर पार्क सहित अयोध्या, कानपुर और लखनऊ मंडल में जयंती समारोह भव्य रूप से मनाए जाएंगे।
बैठक में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता उप���्थित रहे और संगठन को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
बदायूं कोर्ट ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और नेता उदित राज के खिलाफ जारी किया नोटिस
◆ 16 फरवरी को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उदित राज ने की थी BSP सुप्रीमो मायावती पर आपत्तिजनक टिप्पणी
◆ दोनों नेताओं को 29 जनवरी को होना होगा कोर्ट में हाजिर
◆ BSP नेता जय सिंह सागर ने कोर्ट में की थी राहुल और उदित राज के खिलाफ शिकायत
एक बार अवश्य सोचिये प्रदेश में ���ब बहिन @Mayawati जी के नेतृत्व में @bspindia की सरकार थी
उस समय इस तरह की घटनाये नही होती थी
और अगर कहीं भी किसी भी वर्ग समाज मे इस तरह की घटना की खबर आती थी खुद बहिन मायावती जी संज्ञान लेकर या खुद या अपने मुख्य सचिव को आदेश देती थी घटना स्थल पर जाकर कड़ी कार्यवाही कर पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए..
आज #बसपा के कमजोर होते ही आपके समाज के साथ ये घटनाएं आम होती नजर आ रही
ज्यादातर दल सिर्फ अपनी राजनीतिक रोटिया��� सेंकने के लिए अपने घड़ियाली आँसू बहाते हुए नजर आते है
आपको याद होगा हाथरस में यही दल पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए बाते करते फिर रहे
लेकिन जब केस कोर्ट में पहुंचा तो सिर्फ #बसपा के वकील जिर��� करते नजर आए
अंत मे सिर्फ यही कहूंगा
शोषित वंचित समाज का
बसपा एक मिशन है जो आपको सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है
धर्म जाति की राजनीति से दूरी बनाकर ✍️