#BLT So after this brother tweeted, as he was concerned about one of our sisters who was involved in BLT.
After contacting her, I chatted with her and had a phone call with her too.She promises me that she won't further contact her BF. As I threatened her about qiyamah, akhirat, and her parents' reputation.
Rest assured, Allah knows best what's in her heart; what we all can do is make dua for her hidayah.
आप लोग भी जब कभी अपने किसी जानने वाली को ऐसे देखे तो तुरंत उन्हे समझाए, और फिर भी ना माने तो घर पर ज़रूर बताए 🙏
उत्तर प्रदेश आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए वर्तमान समय में समाजवादी पार्टी सरकार बनाती नहीं दिख रही है, जो कि जमीनी हकीकत है।
सरकार बनाने के लिए सपा और बसपा को एक साथ आना होगा, क्योंकि प्रदेश में सरकार बनाने के लिए जातीय समीकरण बहुत मायने रखता है।
मुसलमान एक तरफा समाजवादी पार्टी को वोट करता है, वो किसी भी हाल में बसपा को वोट करता नहीं दिख रहा है, वैसे ही बसपा का कोर वोटर सपा को वोट करता नहीं दिख रहा है।
2024 लोकसभा चुनाव में बसपा ने भले ही 1 भी सीट नहीं जीती हो, लेकिन तब भी बसपा को 9–10% वोट मिला था।
कई बुद्धिजीवियों को मानना है, 2024 लोकसभा चुनाव में सपा, कांग्रेस ने मिलकर 43 लोकसभा सीटें जीती है थी, और भाजपा को हरा दिया था। लेकिन अखिलेश यादव को आने वाला विधानसभा चुनाव कतई भी 2024 लोकसभा चुनाव समझने की गलती नहीं करनी चाहिए।
उदाहरण: महाराष्ट्र 2024 लोकसभा चुनाव में महाविकास अघाड़ी ने अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन विधानसभा चुनाव में बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था, और बीते हरियाणा विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस पार्टी के साथ यही हुआ था।
2022 विधानसभा चुनाव में NDA लगभग 44%
सपा गठबंधन को लगभग 37%
बसपा को अकेले लगभग 13% वोट मिला था।
2027 विधानसभा चुनाव में सपा, कांग्रेस गठबंधन बिना दलित वोटो के उत्तर प्रदेश में कभी सरकार नहीं बना पाएगा। यही तल्ख हकीकत है..!
नाम _ सदाकत
बिहार पुलिस ने fir में नाम लिखा है स्टूडेंट प्रोटेस्ट में
उपद्रव करने के लिए,
सदाकत 4 महीने से Ruassia में हैं।
उन्होंने खुद वीडियो बनाकर डाला है।
आपको खरगौन मप्र. की घटना याद है जहां एक
शख्स के दोनों हाथ किसी हादसे में कट गए थे
लेकिन MP पुलिस ने पत्थर बाजी करने के इल्ज़ाम में
उस पर भी मुकदमा किया था।
आखिर इतनी असंवेदनशीलता क्यों है? क्यों
हर बार मज़ाक बन जाता है?
अपनी पार्टी
अपनी विचारधारा
अपने अपने अब्दुल
अब्दुल का इस्तेमाल हर एक संगठन हर एक राजनैतिक दल कर रहे थे,कर रहे हैं और करते रहेंगे।
बस अब्दुल ये भूल जाते हैं कि वें किसी भी दल या संगठन में रहते हुए भी अब्दुल हैं जहां उनकी हैसियत स्वादानुसार नमक से ज्यादा कुछ भी नहीं है
हिमाचल प्रदेश मे मुस्लिम वोट बैंक मात्र ना के बराबर 2 % है
मुझे नहीं लगता की सो कॉल सेक्युलर सताधारी दल कुछ करेंगी - इंसाफ दिलाएगी
हा अगर बिहार - यूपी रहता तो कर सकते थे।
काश हिमाचल प्रदेश मे @RahulGandhi भाई की पार्टी @INCIndia की सरकार होती तो ऐसा जुल्म बिल्कुल भी न होता मुस्लिमों के साथ और अगर ऐसा ज़ुल्म होता तो इन आतंकियों को कब का गिरफ्तार करके इनकी पब्लिक परेड हो जाती और इनके घरों पर भी बुलडोजर चल चुका होता ?
@asadowaisi जिन्दाबाद