देश चल पड़ा है प्रगति पथ पर
बस यूं ही चलते रहना है
बहुत कुछ मजबूत किया है
बहुत कुछ मजबूत करना है
तो आओ अब ये ठान लें
ये बात गांठ बांध लें
बड़ी मुश्किल से घूमा है प्रगति का पहिया
प्रगति के इस पहिए को अब रुकने नहीं देंगे
खड़े हैं मुझको ख़रीदार देखने के लिए,
मैं घर से निकला था बाज़ार देखने के लिए...
हज़ार बार हज़ारों की सिम्त देखते हैं,
तरस गए तुझे इक बार देखने के लिए...
#HappyBirthdayAamirKhan
नैना नीर बहाये
क्यों नैना नीर बहाये
कह तो दूँ लफ्जों में ग़मे दिल
दिल की पीर न जाये।नैना..
तेरी यादों में सिमटे पल
तुझसे हैं उलझे सुलझे कल
तेरी ��स्वीर को उर में छिपाये।नैना..
वही धरा है वही गगन है
फूल वही हैं वही चमन है
तेरी खूशबू समीर,न बहाये।नैना..
भले ही ज़म�� पे गिरा तू पडा हो,
भले ही कदम से कदम ना मिला हो,
भले लडखडाके समंभलना पडा हो,
भले हान्थो के बल ही चलना पडा हो
तू बडना ना छोड
आगे बडना ना छोड
जीत हर हाल मे तेरी ही होगी
jai hind
सुप्रभात 🙏
नयन का नयन से नमन हो रहा है
लो ऊषा का आगमन हो रहा है
झरोखों से प्राची की पहली किरण का
लगन पूर्व कितना जतन हो रहा है
वही शाख पर पक्षियों का है कलरव
प्रभातीसा लेकिन सहन हो रहा है
मधुर मुक्त आभा सुगंधित पवन है
��ये दिन का कैसा सृजन हो रहा है !
जिसमे याद ना आए वो तन्हाई किस काम की
बिगड़े रिश्ते ना बने तो खुदाई किस काम की.
बेशक इंसान को ऊंचाई तक जाना है….
पर जहा से अपने ना दिखे वो उँचाई किस काम की….
लड़ तो लेंगें मुश्किलों से
जीत बिन तेरे न होगी
गिर के उठ कर फिर चलेंगे
मंजिल तुझ बिन न मिलेगी।
बिखर जाऊँ न मैं गिरकर
टूट न जाऊँ कहीं
पँख टूटे भावना के
उड़ान तुम बिन न अब होगी।
आत्मा परमात्मा संग
युग-युग से तुम संग बँधन
तेरा वास है सत्य का मन
तुझ बिन मुक्ति न मिलेगी।
#Poetuit
कृष्ण मिले राधा से ज्यों ही रंग उडाती अलियों मे
समय स्वयं ठहर गया तब गोकुल वाली गलियों मे
वस्त्रों की सीमायें टूटीं हाथों को आकाश मिला
गोरे तन को श्यामल तन से मादक विश्वास मिला
हर गंगा-यमुना से लिपटे लम्बे वृक्ष तमाल के
जिसने मृदु चुम्बन ले डाले हर गोरी के गाल के
@DrKumarVishwas