@ZeeNewsHindi @sudhirchaudhary हमें थोड़ा गूगल बाबा पर सर्च कर लेना चाहिए कि सन् 2014 से अभी तक हमारे देश की मीडिया को वैश्विक संस्था ने कितनीे रैंक दिया हैं? और क्या हम अफगानिस्तान से भी पीछे हैं मीडिया आज़ादी में ? आप सब ज़रुर सर्च करें
@Gouravs15193715@ANI तीन राज्��ों में कब्रिस्तान कौन गया है ये तो पता ही होगा और पांच राज्यों में कौन हारा है ये पता ही नहीं। मौलाना तो मुख्तार अब्बास नकवी और,सहनवाज़ हुसैन भी तो हैं।
@SirPunyPrasun मुसलमान महिलाओं पर बहुत ज़ुल्म करता है।अभी देखो फिर तीसरी बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री महिला ही को बनाया है।और तो और वहां 50 सीट महिलाओं के लिए भी ��िजर्व रखा है।
मुस्लिम समाज औरतों पर इतना ज़ुल्म करता है कि बांग्लादेश में तीन बार से औरतों को ही प्रधानमंत्री बना रहा है और कुल लोकसभा सीट में 50 सीट रिजर्व रखा है।और वहीं अमेरिकी समाज हिलेरी क्लिंटन को अभी देख रहा है।
15 साल बाद मध्य प्रदेश में मुस्लिम समुदाय से संबंध रखने वाले आरिफ अकील को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।मोदी जी का ना���ा सबका साथ और सबका विकास सफल हुआ।।
@DineshRedBull ये सब मंदिर और मस्जिद की डिबेट में MA किए हुए हैं।
हम तो खुद वर्तमान समय में सर���ार पटेल की मूर्ति नहीं बना सके जिसे चायना ने बनाया और बात 3 हज़ार साल के अंधकार युग की करते हैं हम।
@The_naaz जिस दिन से वहाबी आतंकवाद खत्म होगा और सूफी मुसलमान सच क��� सच और झूठ को झूठ कहेगा उदाहरण के लिए जंगे जमल का सच, मोहम्मद साहब का किसने जनाज़ा उठाया और कौन उनके जनाज़े में शामिल नहीं था जैस तमाम इतिहास का सच जानना।
मोहम्मद साहब की वफात के बाद जिन मुसलमानों ने हज़रत अली से इस्लाम जाना वहां आतंकवाद और ��हिलाओं पर ज़ुल्म नहीं है। लेकिन जिन मुसलमानों ने औरों से इस्लाम जाना वहां आतंकवाद,बंबवाद, महिलाओं पर ज़ुल्म आदि हो रहा है।लादेन से लेकर लश्करे-तैयबा जैसे अनेक आतंकी संगठन इसके उदाहरण हैं
भाजपा कहती हैं कि नोटबंदी सफल रही,देखो जनता ने हमें उसके बाद कयी राज्यों में चुनाव जिताया तो आप इमरजेंसी को लेकर इतना हल्ला क्यों मचाते हो क्योंकि इंदिरा गांधी भी तो इमरजेंसी के बाद चुनाव जीती थीं।
@Ravi37766401 @The_naaz कितने मुस्लिम देश में जनसंख्या की समस्या है। थोड़ा हमें बताएं।
100 करोड़ वाले 18 करोड़ को ऐसे देख रहे हैं मानो इनकी अम्मा पैदा कर रही हैं।
@The_naaz मैंम आप मोहम्मद साहब की शान में रोज़ कुछ न कुछ लिखती हैं जोकि अच्छी बात है, मैं एक बात बता दीजिएगा कि रसूल की वफात के बाद उनके जनाज़े को कंधे किसने दिए थे ? यानी कौन कौन था जो हज़रत को सुपुर्देखाक किया।और कौन कौन था जो ���कीफा में सत्ता बना रहा था।
@The_naaz पहले मुसलमानों दिमाग के अंदर हुसैनी आन्दोलन डालो फिर देखो उस आन्दोलन से आतंकवाद नहीं मानववाद निकलेगा जहां सबको अपने अपने धर्म और संस्कृति की ���ज़ादी होगी और दुश्मनी कोसों दूर होगी।इसकी मिसाल ईरान है जिसको वहां जाकर ही देखा और समझा जा सकता है।
@The_naaz हमारे साथ दिक्कत यही है कि हम नजीब को लेकर आवाज़ तो उठा रहे हैं और ज़रुरी भी है लेकिन जो तालेबान सहित सैकड़ों संगठन, शिया मुसलमानों को मारते हैं तो हम मिठाई खाकर खुशी मनाते हैं या चुपचाप देखते रहते हैं दोगली नीति यहीं दिखती है।वहाबिज़्म का दूसरा नाम आतंकवाद है।
@The_naaz अंबानी,अडानी,से लेकर प्रधानमंत्री और जैसे लोग किसी को दौलत और किसी को पद के साथ दौलत किसने दिया ??
सच ये है कि इंसान को खुदा ने दिमाग दिया और उसमें अक्ल की नेमत दी अब उसके हाथ में है मेहनत करके दौलतमंद बने या डाका डाल कर।