बिहार में बाढ़ से हुई जनहानि अत्यंत पीड़ादायक है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।
15 जिलों में क़रीब 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और हजारों गाँवों में जनजीवन अस्त-व्यस्त है। संकट की इस घड़ी में सरकार की प्राथमिकता हर प्रभावित परिवार तक राहत और सहायता पहुँचाने क��� होनी चाहिए।
सरकार और प्रशासन राहत, बचाव, चिकित्सा सहायता और पुनर्वास कार्यों में कोई कसर न छोड़ें तथा प्रभावित परिवारों तक सहायता अविलंब पहुँचाएँ।
कांग्रेस के सभी कार्यकर्ताओं से अपील है कि वे प्रभावित क्षेत्रों में आगे बढ़कर लोगों की हर संभव मदद करें।
पूरा देश इस कठिन समय में बिहार के साथ खड़ा है।
बेशर्म बिहार सरकार कल प्रधानमंत्री मोदी जी के जन्मदिवस पर ‘आशीर्वाद का दीया’ नामक सरकारी कार्यक्रम का आयोजन कर बिहार जैसे ग़रीब राज्य में 100 करोड़ रूपए का दीया-बाती व तेल के साथ-साथ बाढ़ प्रभावितों का जिया भी ज��ाएगी।
बिहार बाढ़ से त्राहिमाम कर रहा है, 49 लाख लोग बाढ़ प्रभावित है। उनकी सहायता करने की बजाय डबल इंजन सरकार मोदी के प्रचार में 100 करोड़ रूपए नाले में प्रवाहित करेगी। शर्मनाक! कोई लोकलाज नहीं! घोर निंदनीय!
बिहार में बाढ़ की भयावह स्थिति है और वहां की सरकार को कुछ लेना देना नहीं है,
जाने-माने शिक्षक रोशन आनंद सर अपनी तरफ से राहत सामग्र�� देने का काम कर रहे हैं,
ऐसे लोगों की समाज में बहुत ज्यादा जरूरत है।
Bihar is going through one of the worst humanitarian crisis . Yet, PM Modi wants to celebrate his birthday with grand celebrations across the country.
He has not uttered a word on the sufferings of Biharis.
इधर बाढ़ में bihar के 15 जिले और 48 लाख लोग प्रभावित है एक तरफ़ #UPI पर Charge की बात सरकार कर रही है और Media दिखा रही है कि ये सही हो रहा है ….
दूसरी तरफ़ PM Care Fund में 8400 करोड़ रुपए आराम फ़रमा रहे है मगर चर्चा होगी कि मोदी साहब को भारत रत्न देने का सुझाव है और घर घर दीपक जलाने का सुझाव है पूरा देश celebrate करे ।
क्या Celebrate करे देश ?
PM मोदी का जन्मदिन celebrate करे या उस दीये में तेल आज बढ़कर 150 से 200 -250 रूपये मिल ���हा है वो celebrate करे .
बता दो भाई , महंगाई Celebrate करनी है या बाढ़ Celebrate करनी है Paper leak Celebrate करना है जनता तो दर्द में है
और आप उसे Celebration का ज्ञान दे रहे है
बिहार में भयानक बाढ़ की वजह से हुई तबाही का समाचार अत्यंत दुखद है। प्रदेश के लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। बड़ी संख्या में जन-धन की हानि हुई है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं क�� शांति प्रदान करें। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।
सरकार से मेरी अपील है कि राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाई जाए ताकि प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द मदद पहुंच सके। कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आग्रह है कि प्रभावित लोगों की यथासंभव मदद करें। पूरा देश आपदा में प्रभावित लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है।
Bihar Floods and Corruption = Deadly Combination
Condition of Road connecting one of last settlements of Ismailpur Block "Basgarha Village" and "Binobha Tola Village"
📍Naugachia , Bhagalpur District , Bihar .
@KumarBulo@Ershailendrabjp@RCD_Bihar@WRD_Bihar@samrat4bjp
बिहार में आई विनाशकारी बाढ़ से हुई जनहानि अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है।
इस आपदा में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों के साथ मेरी सहानुभूति है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील है कि वो आगे बढ़कर प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद करें। साथ ही, सरकार और प्रशासन से अपेक्षा है कि वो राहत एवं बचाव कार्यों को पूरी तत्परता के साथ चलाकर प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सहायता जल्द से जल्द पहुंचाए।
गुजरात के किसी नाला में भी बारिश का पानी बढ़ जाता है तो प्रधानमंत्री वहाँ पहुँच, इसे आपदा घोषित कर गुजरात को हज़ारों करोड़ का पैकेज दे देते है।
इसी साल 23 जुलाई को गुजरात में बारिश ही हुई थी, बारिश के कारण एक व्यक्ति की मृत्यु हुई। बारिश मतलब बारिश होने पर ही प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमि�� शाह ने वहाँ के CM से conferencing की, Airforce और NDRF को अलर्ट मॉड पर रहने को कहा गया।
अभी कुछ साल पहले गुजरात में बाढ़ आई तो प्रधानमंत्री मोदी हवाई सर्वेक्षण करने गए, तुरंत 500 करोड़ का पैकेज दिया। राहत और बचाव के लिए Army, Airforce और NDRF की टीमें लगाई। पीड़ितों को 2-2 लाख रुपए दिए।
👉 अब देखिए बिहार में बाढ़ से 50 से अधिक लोग मरे है। हज़ारों मवेशी ग़ायब हैं, हज़ारों करोड़ का नुकसान हुआ है, 45 लाख लोग प्रभावित है लेकिन सहायता तो छोड़िए प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री के मुँह से एक शब्द नहीं निकला है। वहाँ मदद करना तो दूर बिहार के CM से फ़ोन पर भी बात नहीं की है। क्या यहाँ के CM को वो फालतू और हल्का समझते है?
👉 हमारे बिहार के साथ इतना भेदभाव क्यों? गुजरात में बाढ़ नहीं बारिश में ही केंद्र सरकार active हो जाती है और बिहार में सैंकड़ों लोगों के मरने और 45 लाख बिहारियों के प्रभावित होने ���र भी कोई हलचल नहीं।
👉 समझो बिहारियों। हमारे यहाँ तो ठनका गिरने से ही एक सीजन में सैंकड़ों लोग मर जाते है फिर भी “ठनके” को इन्होंने राष्ट्रीय आपदा सूची में सम्मिलित नहीं किया। केंद्र सरकार कोई मुआवजा नहीं देती। गुजरात में तो बारिश से मरने पर केंद्र 2 लाख रुपए दे देती है।
👉 पहले बिहार पर आपदा आती थी तो लालू जी, नीतीश जी, चाहे इनके बीच जैसे राजनीतिक दुश्मनी हो लेकिन आपदा के समय बिहार के हक को लेकर एक ��हते थे। अब तो 30 सांसद सहित 8 केन्द्रीय मंत्री सब गूंगे, बहरे और अंधे है। ये अपने हक के लिए भी नहीं बोल सकते।
👉 हम तो विपक्ष में है पहले दिन से माँग कर रहे है, प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है अगर केंद्र से पैकेज मिलेगा तो वो सरकार को मिलेगा, बताइए इसमें मेरा क्या भला होगा? अगर मैं नकारात्मक दृष्टिकोण का होता तो केंद्र पर क्यों दबाव बनाता? तेजस्वी बिहार और बिहारियों के लिए मरता और जीता है, यही हमारे र��ष्ट्रीय अध्यक्ष ने सिखाया है।
भाजपाई लोग तो अब सरेआम कहते है कि हमें बिहारियों की कोई चिंता नहीं। भाजपाई कहते है कि 4 साल 11 महीना बिहारियों को उनके हाल पर छोड़ दो। चुनाव के आख़िरी महीना में 5 किलो चावल और 10 हज़ार नगद बांटो और वो सब भूल जाएँगे।
हम बिहारियों के लिए कितने शर्म की बात है कि 45 लाख लोग प्रभावित होने के बावजूद सरकार से कहीं कोई सहायता, सहयोग और उम्मीद नहीं।
आख़िर सोचिए ऐसा क्यों? राजनीति से परे यह पूछ रहा हूँ, क्यों? बिहार ने अपने हक़ के लिए हमेशा केंद्र को झुकाया है लेकिन अब इस बीजेपी के फेर में बिहार झुक रहा है।
#TejashwiYadav #RJD #flood #Bihar