बेंगलुरु के मंच से ध्रुव राठी ने ज्ञानेश कुमार के सामने कुछ गंभीर सवाल और चुनौतियाँ रखीं।
अब सवाल ये है कि इन उठाए गए सवालों का जवाब चुनाव आयोग देगा, देश के प्रधानमंत्री देंगे या फिर देश के गृहमंत्री देंगे?
मुद्दा किसी एक व्यक्ति का नहीं, देश के हर नागरिक के वोट और लोकतांत्रिक अधिकारों का है। सवाल उठेंगे तो जवाब भी देने होंगे। जनता को सच्चाई जानने का पूरा हक है। 🇮🇳
वीडियो देखिए और खुद तय कीजिए कि ��वाल कितने गंभीर हैं।
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औरत की छाती दबोचना किसे कहते हैं, जानते हैं?
इस वीडियो को देखें। ये तड़ीपार अमित शाह की दल्ली पुलिस है। बीजेपी इसे नारी वंदन कहती है।
बाबा साहेब आंबेडकर के हर कानून, पुलिस मैनुअल (नियमावली), ट्रेनिंग, संविधान की शपथ, वर्दी क�� पवित्रता–सबकी धज्जियां उड़ गईं।
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मैं नहीं जानती कि मैं कितने दिन, कितने वर्ष जिन्दा रहूंगी.. लेकिन ज़ब तक जीवित रहूंगी, ये याद रहेगा कि जनता के लिए,मेरे लिए,आपके लिए सिर्फ राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी सड़क पर थे,धक्के खा रहे थे,manhandling सह रहे थे !
Huge respect for you both @RahulGandhi@priyankagandhi
इतने वर्षो से देवी माँ क��� आराधना करते हुए, मैंने एक बात तो जान ली है कि ब्रह्माण्ड की ऊर्जा पौरुष (masculine) नहीं, बल्कि स्त्रेण (feminine) है !
वह ऊर्जा किसी आक्रामकता या एक्शन से नहीं जानी जा सकती ; वरन शांत, मौन, relaxed होकर,स्वयं को समर्पित करने से जानी जाती है !
2014 के अन्ना आंदोलन को मैंने देखा है! तब पापा जीवित थे और टीवी था घर में !
सबको खूब छूट थी जंतर - मंतर पर प्रदर्श��� की! जिन मूर्खों को आज कांग्रेस के प्रदर्शन से तकलीफ है,वो 2014 का बीजेपी का प्रदर्शन याद कर लें !
कॉंग्रेस ने तब किसी को अपने विरुद्ध प्रोटेस्ट से नहीं रोका था !
देश को अब नहीं लगता की मी. लार्ड
CJI सूर्यकान्त जी देश हित में निर्णय लें पाएंगे इनका जो भी फैसला होगा वह
संघी बीजेपी वालों के पक्ष में ही होगा!
क़ानून के रक्षक क़ानून के भक्षक नजर आने लगे हैं...?!"