प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं - इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।
152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को।
और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए - तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आज़ाद - और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं।
यह सरकार सिर्फ़ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही - उनपर टूट पड़ी है।
कानपुर, यूपी की आर्या सिंह ने NEET परीक्षा दी। आंसर–की के हिसाब से 609 नंबर आने चाहिए थे, लेकिन ऑनलाइन पोर्टल पर 540 नंबर दिखे। 2 घंटे बाद यही रिजल्ट बदलकर सिर्फ़ 167 रह गया। आर्या सिंह अब अपनी फैमिली के साथ जंतर–मंतर पर प्रोटेस्ट में शामिल होने गई हैं और कोर्ट जाने की बात कह रही हैं। #neet