@RailMinIndia@IRCTCofficial@RailwaySeva
Despite raising the issue earlier, the problem remains unresolved.
We request immediate action without further delay.
In Gauhati–Kolkata Garib Rath Train No. 12502, Coach G7, some articles/luggage have been kept inside the toilet, causing serious inconvenience for passengers.
We request immediate intervention and urgent resolution of the problem. @RailwaySeva@RailMinIndia@IRCTCofficial
हमारे मित्र 6 प्रशिक्षु वनरक्षी (Forest Guard, Jharkhand Forest Dept) शैक्षणिक भ्रमण हेतु शक्तिपुंज एक्सप्रेस (11448) दिनांक 30.10.2025 से बड़काकाना से जबलपुर जा रहे हैं।
उन्होंने फॉर्म में बोर्डिंग स्टेशन बड़काकाना लिखा था, पर रिजर्वेशन क्लर्क की गलती से रानीगंज दर्ज हो गया। 1/2
@drmdhnecr@RailwaySeva धन्यवाद @Drmdhnecr 🙏
हमारी एक और टिकट (PNR: 6459631431) में भी यही समस्या हुई है। 6 यात्री ट्रेन सं 11448 में हैं और यात्रा का लगभग 75% हिस्सा बिना सीट के सफर कर चुके हैं।क्या रेलवे प्रशासन ऐसी गंभीर असु��िधा के लिए कोई मुआवजा प्रदान करेगा? कृपया संज्ञान लें। @RailwaySeva
Beyond the news of human-animal conflicts, happy to share this example of human-animal harmonious existence.
A train in Jharkhand waited for two hours as an elephant delivered her calf. The 📹 shows how the two later walked on happily.
Following a whole-of government approach, @MOEFCC and @RailMinIndia have identified more the 110 sensitive spots by surveying 3,500 km of railway tracks in the country. It is lovely to see the efforts producing such heart-warming results.
Special kudos to @JharkhandVan officials for their sensitivity which helped the elephant deliver her young one.
मा० सीएम @HemantSorenJMM सर अनुरोध है कि झारखंड राज्य अवर वन क्षेत्रकर्मी संवर्ग नियमावली- 2014 में कंडिका 15 (vii) में "वनपाल के शत-प्रतिशत पद प्रोन्नति के होंगे" को यथावत रखा जाए।
संशोधन को वापस लेकर हमारे भविष्य को अंधकारमय होने से बचाएं।🙏
आज अनिश्चितकालीन धरना का 15वां दिन भी जारी है। जंगल विकास कार्य, वनाधिकार पट्टा सत्यापन, वन एवं वन भूमि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। अब तक वन विभाग के अधिकारी द्वारा धरना पर बैठे वनरक्षियों की कोई सुध नहीं ली गई है।
मा० सीएम @HemantSorenJMM सर। हमारी मांगों पर विचार कीजिए।
जबकि नियमावली में यह है कि वनरक्षी ही प्रोमोशन पाकर वनपाल बनेंगे। कैबिनेट से पास संसोधन के अनुसार 50 प्रतिशत वनरक्षी को ही वनपाल में मौका दिया जाएगा। वनरक्षी इसी का विरोध कर रहे हैं और अपनी बात CM @HemantSorenJMM तक पहुंचना चाह रहे हैं। क्योंकि ये विभाग उन्ही के पास है।
झारखंड के 1600 वनरक्षी आंदोलन पर हैं। 16 अगस्त से वह रांची वन भवन में धरना पर बैठे हैं। 2014 की नियमावली के तहत 2017 में इनकी नियुक्ति हुई थी। लेकिन अभी 7 अगस्त को कैबिनेट की बैठक में यह लिए एक फैसले ने इनको आंदोलन पर मजबूर कर दिया। फैसले के अनुसार अब वनपाल की नियुक्ति होगी 1/2
मा० सीएम @HemantSorenJMM सर वनपाल के शत-प्रतिशत पद प्रोन्नति का है।अनुरोध है कि झ��रखंड राज्य अवर वन क्षेत्रकर्मी संवर्ग नियमावली- 2014 में कंडिका 15(vii) के प्रावधान को यथावत रखा जाय।
संशोधन को वापस लिया जाय।
#justice4ForestGuard
राज्य स्थापना के 14 वर्ष बाद 2014 में वनरक्षी नियुक्ति के लिए ऐतिहासिक पहल करते हुए श्रीमान के नेतृत्व में "झारखंड राज्य अवर वन क्षेत्रकर्मी संवर्ग नियमावली-2014" बनाई गई थी। तब 2204 वनरक्षी की बहाली हुई थी।
अब पुनः वनरक्षी की बहाली होगी।
मा० सीएम @HemantSorenJMM सर धन्यवाद!🙏
माननीय CM @HemantSorenJMM महोदय, श्रीमान की सरकार संवेदनशील है। आप हमारी पीड़ा समझ सकते हैं। हमें आपसे उम्मीद और भरोसा है। आप हमारे साथ अन्याय नही होने देंगे।
मांग पत्र पर विचार करने की कृपा करें।🙏
@JMMKalpanaSoren@BhoktaSatyanand
वनरक्षी नियुक्ति नियमावली, 2014 में प्रावधानित वनपाल के शत-प्रतिशत पद प्रोन्नति के ही रखे जाए। क्योंकि इसी नियमावली के तहत हमारे नियुक्ति हुई है। वनपाल पद के रिक्तियों को भरना है तो हमारे संवर्ग में 7 वर्षों से अधिक समय से कार्यरत वनरक्षियों से भरा जाय।
@HemantSorenJMM
माननीय मुख्यमंत्री जी आपका निर्णय का हमारे संवर्ग के लोग भी स्वागत करते हैं। आप एक संवेदनशील मुख्यमंत्री हैं।
हमारे मामले में भी ध्यान देने की कृपा की जाय।
@HemantSorenJMM
गृ�� रक्षकों की खुशी देखकर मन प्रसन्न हुआ। उन्हें पुलिस कर्मियों के समकक्ष दैनिक कर्तव्य पारिश्रमिक देने का निर्णय लेकर एक और वादा पूर्ण हुआ।
आज उनके द्वारा दी गई बधाई और जताए गए आभार से हमारा संकल्प और मजबूत हुआ है। हम सभी मिलकर झारखंड को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे
माननीय cm @HemantSorenJMM Sir,
झारखंड राज्य अवर वन क्षेत्रकर्मी संवर्ग नियमावली -2014 में प्रोन्नति संबंधी संशोधन को वापस लिया जाए।
हमारे भविष्य को अंधकारमय होने से बचाएं।
माननीय cm @HemantSorenJMM Sir हमलोग कुछ नया नहीं मांग रहे हैं। जिस नियमावली के तहत हमारी नियुक्ति हुई है, उस नियमावली के अनुसार वनपाल के पद प्रमोशनल पोस्ट है। अब अचानक 7 वर्ष सेवा देने के बाद नियम बदलना उचित नही है। हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ ह���।
कृपया पुनर्विचार कीजिए।