वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर BJP पार्षद और BJP नेताओं ने नाव पर गंगा नदी में मीट मुर्गे और शराब की पार्टी की
लेकिन, इससे किसी की भावना आहत नहीं हुईं
इसी गंगा नदी पर नाव में इफ्तार करने के लिए 12 मुसलमानों को ईद के ठीक पहले गिरफ़्तार करके 2 महीने जेल में रखा था
पाखंडी कहीं के
ये विदेशी मीडिया की ��ाज़िश है ?
मोदी जी के सामने दो इलेक्ट्रॉनिक खंभे लगे है जिन्हें टेलीप्रॉम्प्टर कहते है ताकि वो जो लिखा है वही पढ़े विदेशी मीडिया वाइड एंगल वीडियो जारी कर देता है ताकि पता चले मोदी जी सब पढ़ कर बोलते है
विश्व पर्यावरण दिवस की सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ।
पर्यावरण संरक्षण के��ल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा कर्तव्य है। आइए, प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने, जल, जंगल और जमीन की रक्षा करने तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण का संकल्प लें।
विश्व पर्यावरण दिवस की सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ।
पर्यावरण संरक्षण केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा कर्तव्य है। आइए, प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने, जल, जंगल और जमीन की रक्��ा करने तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण का संकल्प लें।
बरसों से भारत अमरीका से व्यापार में फ़ायदा उठा रहा था, अब उल्टा है हम भारत से ख़ूब माल बना रहे हैं।
अगर माई फ़्रेंड ऐसा होता है तो दुश्मन कैसा होता होगा?
विश्व पर्यावरण दिवस की सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ।
पर्यावरण संरक्षण केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा कर्तव्य है। आइए, प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने, जल, जंगल और जमीन की रक्षा करने तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण का संकल्प लें। स्वच्छ और हरित पर्यावरण ही स्वस्थ एवं समृद्ध भविष्य की आधारशिला है।
#WorldEnvironmentDay
@RahulGandhi इसे कहते है उड़ता हुआ तीर लेना 😅
अमीर खान प्रोडक्शन के ट्विटर अकाउंट से ये गाना डिलीट करवा कर पूरे देश का ध्यान इस तरफ खींच दिया।
ये गाना पहले तो कम वायरल था, अब ज्यादा होगा।
"सखी सैंया तो खूब ही कमात है,महंगाई डायन खाए जात है"
RT करो या ट्वीट करो, बस इसे वायरल करो।
भयानक: राजस्थान के जैसलमेर में 500 गायों के शव कचरे की तरह सड़ने के लिए छोड़ दिए गए।
इस घटना के बाद लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। उनका कहना है कि देश में गाय के नाम पर मुस्लिम समुदाय के लोगों की मॉब लिंचिंग और हिंसा की घटनाएं सामने आती रहती हैं, लेकिन जब आवारा गायें सड़कों पर कूड़ा खाती दिखाई देती हैं या बड़ी संख्या में गायों के शव इस तरह सड़ने के लिए छोड़ दिए जाते हैं, तब अधिकांश हिंदू संगठन इसके खिलाफ सड़कों पर क्यों नहीं उतरते?
सरकार ने ख��द और दवाई में लिमिट तय कर दिया है और वो भी सिर्फ़ सीजन में ही मिलेगा।
जो सरकार समय से राशन नहीं दे पा रही क्या वो समय से खाद उपलब्ध करवा पाएगी?