A level playing field in India has come to mean one in which savaranas get most of the pie under the guise of merit. This is precisely why fields which are not covered by reservation have no representation from the OBCs, SCs, and STs. https://t.co/T9R98XBvWH
केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल कोरोना की शिकायत के कारण नेहरू जी के बनवाये हुए AIIMS में भर्ती हो गए इसके पहले कोरोनिल किट बाट रहे थे, अब तो जाग जाओ अंधभक्तो।
जब खुद की जान पर आई तो क्या मंत्री की को रामदेव पर भरोसा नही रहा ?
न्यायिक इतिहास के सबसे भ्रष्ट और जातिवादी जज अरुण मिश्रा मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन बनाए गए हैं। इनके पापा हरगोविंद मिश्रा जज थे। अरुण मिश्रा ने अपने भाई विशाल को हाई कोर्ट का जज बना दिया। इन्हीं के करप्शन के ख़िलाफ़ 4 जजों ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस की थी। #ShameonArunMishra
जज हरगोविंद मिश्रा का बेटा अरुण मिश्रा वकील था। कोलिजियम सिस्टम से हाई कोर्ट और फिर कोलिजियम से ही सुप्रीम कोर्ट का जज बन गया। फिर सीनियर होकर कोलिजियम में शामिल हुआ और अपने भाई विशाल को जज बना दिया। यही भ्रष्ट और जातिवादी जज अब मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष है। #ShameonArunMishra
अंधभक्त-भाजपा-संघ के लोगों को पेट्रोल 200 रुपये में दिया जाए क्योंकि उनको शेर पालना है।
आम जनमानस को 50 में दिया जाए क्योंकि उनको बच्चे पालने हैं।
आर्थिक व्यवस्था भी ख़राब नहीं होगी।
#PetrolPrice
किसी पद की आलोच���ा से देश की गरिमा कम नहीं होती। लेकिन पिछले सात सालों से ‘चौकीदार साहेब’ की आलोचना को देश का अपमान साबित करने का फर्जीवाड़ा चल रहा है ताकि ज़बरदस्ती ��क फ़र्ज़ी इंसान को महान घोषित किया जा सके।
ज��� न्यूज सिर्फ किसानों या मुसलमानों का ही नहीं हर उस शख्स का दुश्मन है जो देश में अपने अधिकार, सौहार्द्र, एकता और अखंडता चाहता है।
#किसानों_का_दुश्मन_ZeeNews
कोरोनाकाल की भयानक त्रासदी अब गांव गांव दिखने लगी है। लखनऊ का इमलिया गांव। ओमकार यादव के परिवार में 25 दिन में 8 मौतें हुई। कल एक साथ सबकी त���रहवीं थी। ओमकार अकेले बचे पूरा परिवार मारा गया। ऑक्सीजन और इलाज के अभाव में तड़प-तड़पकर के मरे। ओमकार ना तो रो पा रहे हैं, ना सो पा रहे हैं
@rohini_sgh ऐसे वक्त में आदित्यनाथ को हटाया जाएगा - मुझे संदेह है। हालाँकि ये सच है कि यूपी में आदित्यनाथ के दोस्त क�� और दुश्मन अब ज़्यादा हैं और वो सिर्फ़ एक जाति विशेष के नेता बन कर रह गए हैं। 2022 उनके भरोसे जीत पाना बहुत मुश्किल है। कई मौजूदा विधायक तक चुनाव लड़ने को तैयार नहीं।
2019 के बाद ‘भविष्य के प्रधानमंत्री’ की दावेदारी ठोकने वाले योगी जी को सच्चाई से मुँह मोड़ना, अधिकारियों की उच्चस्तरीय चाटुकारिता में आकर आलोचकों को अपना दुश्मन समझना इतना भारी पड़ गया की आज उन्हें ‘हटाने और बदलने’ तक पर चर्चा हो रही है।
यह सभी मुख्यमंत्रियों के लिए एक सबक है।
छतरपुर में SC गर्भवती महिला के साथ बच्चों के सामने दुष्कर्म मामले में मानवाधिकार आयोग एवं SC आयोग ने अब जाकर संज्ञान लिया। महिला आयोग अभी भी चुप है। शर्म नहीं आती? @NCWIndia
मध्य प्रदेश के जबलपुर में लड़का और लड़की के अंतरजातीय प्रेम को मिली सजा। SC लड़के को जूते चप्पल की माला पहनाकर गांव में घुमाया गया।
गुंडों के नाम हैं- पवन यादव, शिव यादव, घनश्याम एवं नन्हे यादव। इन जाहिलों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। @ChouhanShivraj
टीवी डिबेट में कांग्रेस प्रवक्ता ने बीजेपी के प्रवक्ता को #नाली_का_कीड़ा बोल दिया। कुछ लोग इतने खुश हुए मानो देश में सरकार बदल गई। क्या आपको लगता है कि इस गाली से बीजेपी के एक भी वोटर ने अपना नज़रिया बदला होगा? जब तक बीजेपी का वोटर मन नहीं बदलता तब तक बीजेपी अजेय है।
Retired SC Judge Arun Mishra to head National Human Rights Commission.
All good things come to those who wait.
Especially to those who while in office, described PM Modi as “internationally acclaimed visionary who could think globally & act locally”.
विकास दर: -7.3
बेरोजगारी दर: 12%
दूसरी लहर: 1 करोड़ नौकरियां खत्म
2020: 97% लोगों की आय घटी
पेट्रोल- 100रु
सरसों का तेल- 200रु
रसोई गैस- 809रु
“अर्थव्यवस्था में आपदा और आपदा में अवसर” यही मोदी सरकार का मास्टरस्ट्रोक है।