दुनिया की कितनी भी सुविधाएं मिल जाएं, अंत में जीव को शांति या परम सुख पाने के लिए तो अंतर्मुख होना ही पड़ेगा, किसी फ़कीर की शरण जाना ही पड़ेगा।
#AsharamjiBapuQuotes
@Asharamjiashram#RPGP के माध्यम से अप्रैल, मई व जून 2026 की ऋषि प्रसाद का अध्ययन करने और अपने ज्ञान को परखने और बढ़ाने का सुनहरा अवसर। सभी आयु वर्ग के लिए यह Online Quiz निःशुल्क है।Register Now
अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:
https://t.co/vLwCnum5Bz
संत श्री आशारामजी आश्रम द्वारा आयोजित होने जा रही है 19वीं #RPGP । सभी आयु वर्ग के लिए निःशुल्क इस Online Quiz में भाग लेने से मिलेंगी सर्वांगीण विकास की कुंजियां। इस बार का पाठ्यक्रम है- अप्रैल, मई व जून 2026 महीने की ऋषि प्रसाद�� तो देर किस बात की? भाग लेने के लिए Register Now !
@Asharamjibapu__ मन को अनेक विषयों से हटाने का प्रयत्न करने से अधिक सरल है, उसे "एक" की स्मृति में स्थिर करना। क्यों कि जितना मन को किसी विषय से हटाने का प्रयास करेंगे, उतना ही वह उस विषय का और चिंतन करेगा। इसलिए उस "एक" परमात्मा में चित्त लगाने से मन स्वतः ही शांत होता है।
#AsharamjiBapuQuotes
@Asharamjibapu__ शरीर बालक से युवा और वृद्ध होता है, पर "मैं" वही रहता हूँ। यदि शरीर ही मैं होता, तो बाल्यावस्था समाप्त होते ही मेरा भी अंत हो जाता। पर शरीर बदलता है, आत्मा नहीं। इसलिए बदलते शरीर से नहीं, अटल परमात्मा से नाता जोड़ना ही सच्चा विवेक है।
#AsharamjiBapuQuotes
आपकी बुद्धि में ये बिठा दो कि परमात्मा का सुख पाना ही सार है। हमारा आत्मा अनंत है और परमात्मा अनंत हैं। हमारा अंत नही होगा, शरीर का अंत होगा, हमारी मौत नही होती और परमात्मा एक रस है। आत्मा सदा है, परमात्मा सदा है।
शरीर भी बदलता है, संसार भी बदलता है, तो बदलनेवाले के लिए मांग मांग कर मजूरी करके युग बीत गए, अब तो अबदल की ही मांग पैदा हो।
ज्यों भगवान की गरिमा, भगवान की मधुरता, भगवान का सामर्थ्य सत्संग के द्वारा सुनोगे, त्यों बुद्धि में भगवद प्राप्ति की मांग की जगह बढ़ेगी। ज्यों संसार की पोलपट्टी विचार करोगे, त्यों-त्यों संसार की मांग की जगह घटेगी।
#AsharamjiBapuQuotes
प्रतिदिन अपने मस्तिष्क में दिव्य संस्कार भरने चाहिए, टाईम नहीं मिले, तभी भी!!
टाईम नहीं मिलता, तभी भी आप भोजन के लिए सम�� निकाल लेते हो, टाईम नहीं मिलता, पानी पीने के लिए समय निकाल लेते हो, टाईम नहीं मिलता, तो शयन के लिए समय निकाल लेते हो, टाईम नहीं मिलता तभी भी कपड़े बदलने के लिए समय निकाल लेते हो, ऐसे ही आप विचार बदलने के लिए भी समय निकालिए!
#AsharamjiBapuQuotes
जब स्वास्थ्य संकट गहराता है, तब संवेदनशीलता सबसे बड़ी आवश्यकता होती है। चिकित्सा, गरिमा और जीवन के अधिकार को बिना भेदभाव सुनिश्चित करना ही Human Rights
सभी के लिए समान होने चाहिए। #CriticalHealth
@Asharamjibapu__ सत्य ही कहा है बापूजी ने 🙏😊। ध्यान वह दिव्य यज्ञ है जिसमें हमारे दोष, विकार और कुसंस्कार स्वाहा होते हैं तथा आत्मा परमात्मा के आनंदस्वरूप से जुड़ जाती है। ध्यान से बढ़कर न कोई तीर्थ है, न कोई साधना।
@Asharamjibapu__ ✨ जो व्यक्ति उत्साह, मनोबल और आनंदबल से कार्य करता है, उसकी ऊर्जा कभी कम नहीं होती। यही सच्ची जवानी का रहस्य है। 🙏😊
Sant Shri Asharamji Bapu
#AsharamjiBapuQuotes
@Asharamjibapu__ ध्यान अपने अंतरात्मा में शांत होने का, उसके आनंद और सामर्थ्य को प्रकट करने का अत्यंत सरल मार्ग है! ध्यान के दो प्रकार हैं— सारे कार्य करते हुए भी प्रभु की स्मृति रखना, और अलग से समय निकाल कर जहां से मैं उठता है, उस आत्मस्वरुप में शांत होना।
#AsharamjiBapuQuotes
ध्यान वो रसायन है कि रस और तृप्ति के साथ यात्रा होती है और सारी सृष्टि का जो पालक, ���ोषक और आनंद का उदगम स्थान है, उस परमात्मा से एकत्व करा देता है ध्यान!
ध्यान के समान कोई तीर्थ नहीं है, ध्यान के समान कोई यज्ञ नहीं, यज्ञ में वस्तु, स्वधा स्वाहा होती है, ध्यान में अपने ही कुसंस्कार स्वाहा होते हैं, ध्यान से आवश्यक सामर्थ्य की प्राप्ति होती है और अवांछनीय दोषों की निवृत्ति होती है।
#AsharamjiBapuQuotes
@Asharamjibapu__ बिल्कुल, हताश, निराश और खिन्न मानसिकता वाला व्यक्ति भले ही शरीर से जवान हो, तब भी उसकी कार्यक्षमता बूढ़े जैसी हो जाती है। किंतु मन से बलवान व्यक्ति यदि शरीर से रोगी और कमजोर भी हो, तो भी उसमें ऊर्जा किसी निरोगी जैसी ही होती है, ��ह सकारात्मक सोच रखता है।
#AsharamjiBapuQuotes
न प्रकृति का प्रभाव, न काम का प्रभाव, न क्रोध का प्रभाव, न लोभ का प्रभाव। न चित्त पर दुःख का प्रभाव पड़े न सुख का पड़े, क्योंकि हम अविनाशी हैं सुख-दुःख विनाशी है, हम शाश्वत हैं, काम-क्रोध आगंतुक विकार हैं। द��ःख, शोक, चिंता ये हमारे स्वभाव में नहीं है ये आने-जाने वाले हैं तो हम अपने स्वभाव को पाएं।
#AsharamjiBapuQuotes