#NoTetBeforeRteAct
TET की अनिवार्यता समाप्त करने हेतु आरटीई में संशोधन सम्बन्धित ज्ञापन मा उप मुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक जी को दिया गया ।@brajeshpathakup
सपा सुप्रीमो कितना भी ब्राह्मण सम्मेलन कर ले,
आने वाले 20 वर्षों तक यूपी में सपा सरकार नहीं बनने वाली है, इसका सबसे बड़ा कारण उनके लठैत कार्यकर्ता है !
एक दौर था जब टीवी पत्रकारिता में विषय-विशेषज्ञता की अहमियत होती थी। राष्ट्रीय राजनीति के लिए अलग पत्रकार, अंतरराष्ट्रीय मामलों के लिए अलग विशेषज्ञ, खेल के लिए अलग संवाददाता और स्वास्थ्य जैसे विषयों के लिए अलग जानकार होते थे। उनके विश्लेषण में तथ्य, अनुभव और गहराई होती थी। कई प्रतियोगी परीक्षाओं के विद्यार्थी उनके कार्यक्रम देखकर नोट्स तक बनाया करते थे।
फिर समय बदला। पत्रकारिता धीरे-धीरे एंकरिता में बदलने लगी। खबरों की जगह बहसों ने ले ली और बहसों की जगह शोर-शराबे ने। अब अक्सर एक ही चेहरा हर विषय का विशेषज्ञ बनकर स्क्रीन पर दिखाई देता है—सुबह राजनीति पर, दोपहर में विदेश नीति पर, शाम को क्रिकेट पर और रात में अर्थव्यवस्था पर बोलता हुआ।
आज टीवी स्टूडियो में सूचना से ज्यादा प्रदर्शन, तथ्यों से ज्यादा उत्तेजना और संवाद से ज्यादा टकराव दिखाई देता है। खबरें अब भी होती हैं, लेकिन उन्हें खोजने के लिए शोर के पीछे छिपी सच्चाई तक पहुँचना पड़ता है।
पत्रकारिता का उद्देश्य जनता को जानकारी देना था; अब कई जगहों पर उद्देश्य दर्शकों का ध्यान बनाए रखना भर रह गया है। शायद इसी वजह से खबरें कम और उनका मंचन ज्यादा दिखाई देता है।
"पहले पत्रकार खबरों के पीछे दौड़ते थे, आज खबरें टीआरपी के पीछे दौड़ रही हैं।"
मेरे व्यक्तिगत विचार है बाकी मूल्यांकन आपका
- विपिन उपाध्याय
@rajendradev6@askrajeshsahu
क्या आप जानते हैं?
-EWS criteria, OBC creamy layer की criteria की तुलना में बहुत ही अधिक कठोर है! 👇
1. OBC-NCL में सिर्फ़ माता-पिता की आय देखी जाती है, उम्मीदवार की खुद की आय भी नहीं जुड़ती!
जबकि EWS में पूरे प��िवार की आय जोड़ी जाती है, जिसमें माता-पिता, भाई-बहन, ख़ुद, बीवी सब शामिल हैं!
2. OBC-NCL में कृषि, और अन्य पारम्परिक व्यवसायों की आमदानी जोड़ी ही नहीं जाती!जबकि EWS में पूरे परिवार के वेतन के साथ कृषि और अन्य साधनों की आमदनी भी जोड़ी जाती है!
3. OBC-NCL में पिछले 3 सालों की आय का average लिया जाता है!
जबकि EWS में सिर्फ़ एक साल पहले की आय देखी जाती है!
4. OBC-NCL के लिए कोई "asset limit" नहीं!
जबकि EWS में एक "asset criteria" होता है! यानी अगर किसी के पास पांच एकड़ कृषि ज़मीन, या 1,000 वर्ग फुट का आवासीय फ्लैट, या अधिसूचित नगर पालिकाओं में 100 वर्ग गज की आवासीय ज़मीन, या गैर-अधिसूचित नगर पालिकाओं में 200 वर्ग गज की आवासीय ज़मीन है, तो वो EWS नहीं ले सकता!
5. OBC-NCL में सरकारी नौकरियों में आय देखी ही नहीं जाती, सिर्फ रैंक देखी जाती है!अगर किसी के माता-पिता ग्रुप C या D नौकरी में हैं, या माता-पिता में कोई एक ग्रुप B नौकरी में है, तो आय भले ही 8 लाख से ऊपर हो, वो फिर भी OBC-NCL माना जायेगा!
साथ ही अगर प्रोमोशन से ग्रुप A में अगर 40 साल के बाद पहुंचे तो भी उनके बच्चे NCL हैं!
है ना कमाल?
जबकि ऐसा EWS में नहीं!
और इन्ही वजहों से EWS में अधिकांश लोग qualify ही नहीं करते!
ये आरक्षण सिर्फ एक छलावा है!
झारखंड की विदेश में पढ़ने के लिए छात्रवृत्ति योजना-
कुल सीट-50
ST-20
OBC-14
SC-10
Minority-6
माने एक भी सीट GC के लिए नहीं!
यही दिखाता है कि इस देश में असल शोषण किसका हो रहा है!!
विवेक दहिया, कॉकरोच जनता पार्टी के spokesperson कहते हैं:
"ब्राह्मणवाद ��क इच्छाधारी शैतान की तरह है, एक शरीर से दूसरे में प्रवेश करता है! कभी एकलव्य का अंगूठा काटता है, कभी गलत scriptures लिखता है, कभी इंटरव्यू में फेल करता है!"
सही नाम रखा इन्होंने अपना!
��्रभु श्री राम की ऐसी महिमा है कि उन पर अभद्र टिप्पणी करने वाला एक दिन उनके चरणों पर अपना सिर रख देता है।
कई बार तो नाक रगड़ कर माफ़ी भी मांगता है।
नहीं भरोसा? आपको लग रहा मैं झूठ बोल रहा। तो ये वीडियो देख लीजिए आप पूरा मिल जाएगा जवाब।
@yadavakhilesh जातिवादिता बंद करो जातिवाद के नाम पर भारत को बांटना बंद करो
गरीब पिछड़े और शोषित ��ोगों तक आरक्षण का लाभ जाने दो
समुदाय वर्ग के खिलाफ जहर उगलना बंद करो भारत के बंधुत्व को छलनी करना बंद करें
SP - गईं
DMK - गईं
AIDMK - गईं
AAP - गईं
TMC - गईं
शिवसेना - गईं
JDU - गईं
RJD - गईं
RLD - गईं
NCP - गईं
बस मंडल कमीशन को भी रोहिणी कमीशन से केंसल करने की जरूरत है।
फिर देश 1980 से पहले के 2 पार्टी सिस्टम में होगा।
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान अंसारी से पत्रकार आशीष साव ने सवाल पूछ दिया!
इसपर उसकी जमकर पिटाई हुयी!
बता दें: पत्रकार OBC है, स्वास्थ्य मंत्री कांग्रेसी!
मतलब राहुल गांधी मीडिया में SC/ST/OBC ढूंढते हैं और उनके मंत्री खुद OBC पत्रकार को पीटते हैं?