जय जोहार ,जय बिरसा
प्रकृति- प्रेमी ,आदिवासी मानवतावादी ,समानतावादी, संविधानवादी हूँ और बिरसा, फुले ,भगत सिंह ,अम्बेडकर ,व कलाम, के सपनों का भारत चाहता हूं ।
सारी अनिश्चितताओं के बीच एक ही निश्चितता है बस पढ़ते रहो।
क्योंकि हालात बदलेंगे, रास्ते बदलेंगे, लेकिन सीखते रहने की आदत तुम्हें हर मोड़ पर आगे ले जाएगी। 📚✨
शिक्षा सबसे अच्छी मित्र है एक शिक्षित व्यक्ति हर जगह सम्मान पाता है, शिक्षा सुंदरता को भी पीछे छोड़ देती है अर्थात अगर आप सुंदर नहीं हैं परन्तु आ��� पढ़े लिखे विद्वान हैं तो आपका निश्चित ही सम्मान किया जाएगा।
इसलिए अंधविश्वास छोड़ो और शिक्षा अपनाओ।✍️
#जयभीम🙏
मैं बुद्ध को इसलिये अपनाती हूँ कि बुद्ध ना स्वर्ग का लालच दिखाते हैं.ना नर्क का डर!
वो ना खुद को भगवान कहते हैं और नाही.मुक्तिदाता!
वे सिर्फ अपने आप को मार्गदाता बताते हैं...!!!
#जयभीम#नमोबुद्धाय 💐💐🙏🙏
#भारत_का_संविधान - अनुच्छेद 47 - पोषाहार स्तर और जीवन स्तर को ऊँचा करने तथा लोक स्वास्नय का सुधार करने का राज्य का कर्तव्य - भाग IV - राज्य के नीति निर्देशक तत्व (36 - 51)
#अनुच्छेद_47 :
पोषाहार स्तर और जीवन स्तर को ऊंचा करने तथा लोक स्वास्थ्य का सुधार करने का #राज्य_का_कर्तव्य—
राज्य, अपने लोगों के पोषाहार स्तर और जीवन स्तर को ऊंचा करने ��र लोक स्वास्थ्य के सुधार को अपने प्राथमिक कर्तव्यों में मानेगा और राज्य, विशिष्टतया, मादक पेयों और स्वास्थ्य के लिए हानिकर ओषधियों के, औषधीय प्रयोजनों से भिन्न, उपभोग का प्रतिषेध करने का प्रयास करेगा ।
भारत के सभी सरकारी कर्मचारियों और नेताओं व ��ंत्रियों को अपने बच्चों को शिक्षा के लिए सरकारी स्कूल में भेजना चाहिए।
ये सभी अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में क्यों भेजते है..???🤔🤔
~ अभिजीत दीपके, CJP फाउंडर
एक भारतीय महिला जब ऑस्ट्रेलिया पहुँची तो उसने एक ऑस्ट्रेलिया�� महिला से जाति और धर्म के बारे में पूछा कि आपके यहाँ जाति या धर्म क्या महत्व है?
इस पर ऑस्ट्रेलियाई महिला ने बड़े गर्व से कहा कि मैं किसी भी धर्म पर विश्वास नहीं करती हूँ और ना ही वर्तमान में किसी भी धर्म से जुड़ी हूँ और यहाँ पर जाति का कोई स्थान या महत्व नहीं हैं यहाँ पर इंसान को इंसान की नज़रों से देखा जाता हैं।
ये बात सुनकर भी भारतीय महिला को आश्चर्यचकित लगा होगा क्योंकि भारत में तो जाति को ��िशेष महत्व दिया गया है क्योंकि यहाँ पर जातीय भेदभाव, अपमान, अत्याचार और शोषण की घटनाएं सामने आती रहती हैं यहाँ पर नाम के साथ उसका सरनेम तक पूछा जाता हैं और बिना सरनेम ��ूछे या बताए बगैर तो चर्चा आगे बढ़ ही नहीं सकती हैं।
#Bhopal | #Offbeat
क्या भोपाल में ��क्रिय है अंडकोष चोर गैंग?
भोपाल का एक 17 वर्षीय किशोर 6 अगस्त को लापता हुआ। गुमशुदगी का मामला दर्ज हुआ।
पांच दिन बाद 11 अगस्त को छोटे तालाब में उसकी लाश मिली। कपड़ों और चप्पलों के आधार पर 14 अगस्त को परिजनों ने शव की पहचान कि।
पुलिस ने ��रीब 13 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और खुलासा किया कि,
प्रथम दृष्टि में पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों ने मृतक किशोर को कथित अपना अंडकोष बेचने पर ₹2 करोड़ का लालच दिया था। जिसे विदेश भेजने की योजना थी।
पोस्टमार्टम के दौरान उसके शरीर से अंडकोष नहीं मिला।
फिलहाल पुलिस इस कथित सौदे के पीछे शामिल लोगों और विदेश भेजने की पूरी योजना की गहराई से जांच कर रही है।
इस से पूर��व भी एक डेड बॉडी बिना अंडकोष के मिली थी।
बाइट: शैलेंद्र सिंह चौहान, एडिशनल डीसीपी, भोपाल
साधन परिवर्तनशील होता है।उद्देश्य में कोई परिवर्तन नहीं होता है।बहुजन समाज में 50 सालों से अधिक समय लगाकर निरन्तर जागृत कर रहे। देश में बहुजनों का स्वालंबी स्वाभिमानी राष्ट्रव्यापी संगठन एवं राष्ट्रव्यापी आंदोलन खड़ा करना यह कोई साधारण बात नहीं है। बल्कि यह असाधारण कार्य है
आखिर कौन है ये आर्य?
साम्राज्यवादी शासक दूसरे राज्य के राजा को हराकर उसके महल पर कब्जा कर लेता है और उस राज���य की जनता को गुलाम बना लेता है यह बात सर्वविदित है
भारत में भी कुछ ऐसा ही हुआ है
तुकाराम— ये एक ऐसा नाम है जिसकी अपनी एक अलग विरासत है।
यह पावरफुल तस्वीर 3 अलग अलग दौर को खूबसूरती से एकसाथ जोड़ी है एक दमदार विचार और नाम के साथ— "तुकाराम"
पहले हैं संत तुकाराम महाराज— जिनके अभंग और शिक्षाओं ने लोगों को सच्चाई, विनम्रता और साहस के साथ जीने की प्रेरणा दी।
दूसरे हैं ASI तुकाराम ओंबले— जिन्होंने 26/11 ताज होटल हमले में आतंकवादियों के खिलाफ बहादुरी से लड़ाई लड़ी और "अजमल कसाब" को पकड़ने में अहम भूमिका निभाई और इस लड़ाई में वो वीरगति को प्राप्त हुए— इन्होंने दिखाया ड्यूटी जिम्मेदारी के साथ कैसे निभाते हैं।
तीसरे हैं तुकाराम मुंडे— ये भारत के सबसे अनुशासित, ईमानदार,निडर, सादगी और सही के साथ खड़े होने अफसरों में से एक हैं।
महाराष्ट्र के FDA में उनके हालिया कारनामों ने उन्हें फिर से चर्चा का विषय बना दिया है— खासकर खाद्य पदार्थों में मिलावट और फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड के उल्लंघन खिलाफ उनके सख्त रवैये भरी कार्रवाई के लिए,
संत तुकाराम महाराज से लेकर तुकाराम मुंडे के प्रशासनिक कामों तक रूप भले ही अलग हों लेकिन संदेश एक ही है👇
"कोई नाम इसलिए महान नहीं होता कि उसका मतलब क्या है बल्कि कोई नाम इसलिए महान होता है कि उस नाम वाला व्यक्ति काम क्या करता है"
Real Life Nayak — Tukaram Mundhe 🔥
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ये बंदा सबकी बैंड बजाने का दम रखता है