कबाड़ समझकर फेंके जाने वाले बोतल के ढक्कन से इतने शानदार जुगाड़ बन सकते हैं 😲
वीडियो देखकर सच में दिमाग घूम गया…
छोटे-छोटे ढक्कन से इतने काम की चीजें बन सकती हैं, ये पहले कभी सोचा ही नहीं था 🔥
क्या आपको पहले से ये पता था? 🤔
कुछ रहस्य जो शायद देश कभी न जान पाएगा…
लाशों पर राजनीति करने वालों के,
मन के भेद देश कभी न समझ पाएगा …
हमेशा अपनी ही मन की बातें सुनाने वाले,
क्या हमारे दर्द-ए-दिल को कभी पहचान पाएगा …
छोड़ो, अब जाने दो, रहने दो यह सार��� खेल,
खून से सने हाथों से, देश का भविष्य ��्या ही ये संवार पाएगा ….
भारत में 2014 से 25 के बीच मूर्तियां बनाने में खर्च हुआ 77 सौ करोड़ रुपए
इतने पैसों में लगभग 800 स्कूल बनाए जा सकते थे और उन सभी स्कूलों का नाम सरदार पटेल सिंह महाविद्यालय रखा जात��� , इससे पटेल जी को ज्यादा समीक्षा मिलती
मंदिर निर्माण और मंदिर से जुड़े क्षेत्रों का विकास करने के लिए जो पैसा खर्च हुआ वो पैसा 98 हजार करोड़ रुपए यानी टोटल कितना हुआ 1 लाख 7 हजार करोड़
कुंभ मेले में लगभग 15 हजार करोड़ रुपए खर्च हुआ यानी 1 लाख 25 हजार करोड़ रुपए जबकि भारत का हेल्थ और एजुकेशन का बजट इससे कम है।
आगे वीडियो देखिए
This broke my heart into pieces 💔
& Prime Minister of this nation is shamelessly busy flying kites and clicking pictures with cows.
We are doomed as a nation.
Just notice the difference between the reporting of veteran Dalaal Rajat Sharma on pollution when AAP was in power and when BJP is in power.
This is why Indian media is now spit upon all over the world.
समझ में नही आता सारी फैक्ट्रियां तो गुजरात मे लगाई जा रही। हालांकि कुछ प्रीमियम इंडस्ट्री जिससे महाराष्ट्र मे लगनी थी उसे भी गुजरात भेजा गया।
पर इस केमिकल इंडस्ट्री को गुजरात क्यूं नहीं लगाया जा रहा है?
Next time you cherish Ratnagiri mango, remember what goes in your body along with it.