आज हमारे अधिवक्ता साथियों पर एवं हमारी अधिवक्ता बहनों पर हापुड़ में पुलिस द्वारा बर्बरता से लाठी चार्ज किया गया है @CMOfficeUP से अनुरोध है कि दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध तुरंत गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज कराए जाए,उनकी गिरफ्तारी हो एवं तत्काल सेवा से टर्मिनेट किया जाए।
पासपोर्ट नागरिकता का सबूत नहीं,
आधार नागरिकता का सबूत नहीं,
वोटर ID नागरिकता का सबूत नहीं
तो फिर हम भारतीय हैं ये साबित कैसे करें सरकार?
हर चुनाव में वोटर ID से वोट डलवाते हो,
हर स्कीम में आधार मांगते हो,
विदेश भेजने के लिए पासपोर्ट बनवाते हो...
लेकिन जब नागरिकता पूछो तो कहते हो ये सबूत नहीं है?
Citizenship Act 1955 का हवा���ा देकर जन्म प्रमाण पत्र मांगते हो। गांव में 1980 से पहले कितने लोगों के बर्थ सर्टिफिकेट बने थे?
भाई बर्थडे सर्टिफिकेट मेरे न दादा का हे न पापाजी का उसी हिसाब से लगाया जाए तो पहले गाओ वालो के पास किसी का नहीं होगा
अगर ये ID नागरिकता के सबूत नहीं, तो इन्हें बनाते वक्त नागरिकता क्यों चेक नहीं की? 140 करोड़ लोगों से अब 70 साल पुराने कागज कौन लाएगा?
NRC-CAA पर ज्ञान देने से पहले ये बताओ आम आदमी साबित कैसे करे कि वो भारतीय है?
पहचान के लिए 10 ID चाहिए, पर भारतीय होने के लिए एक भी नहीं?
वाह सरकार वाह!
#Citizenship #NRC #Accountability #IndianCitizen
ये पैसा केवल केंद्र ने खर्च किया है।
राज्यों ने जो इनके विज्ञापनों पर खर्च किया वो अलग होगा।
और ये रकम उस घपले, घोटाले, तिकड़मों, उगाही से जमा की गई रकम से अलग है जो बाकायदा लोगों को 24X7 मोदी-मोदी जाप करने के लिए ख़र्ची जाती है। वो भी जनता का ही पैसा है।
23 साल के इस लड़के का नाम आदित्य शर्मा है। इनके पिता राजेश शर्मा अंधभक्त हैं।
अमेरिका ने जिस भारतीय जहाज पर हमला किया आदित्या उस के नाविक थे। हमले में आदित्य की मौत हो गई।
आदित्य अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे और उनके पिता राजेश शर्मा
"ग़ज़ा में नरसंहार का जश्न मनाते हुए इसराइल और अम���ीका को सलाह दे रहे थे कि पूरे गाजा को बर्बाद करके गैर मुस्लिम टेरिटरी बना दी जाए"
आज उसी इसराइल और अमरीका ने राजेश शर्मा के लड़के को मार डाला, अब शर्मा जी सरकार से सवाल कर रहे हैं
यूपी में बीते कुछ दिनों में चर्चित हत्याएं तो दर्जन भर के करीब हुईं- गोपाल शर्मा, मनीष सिंह, संदीप सिंह, शिवम सिंह, विनीत राय, रामजन्म राजभर, सूर्या चौहान, चिराग त्यागी, अनुष्का पाल, तु���ार त्यागी आदि
लेकिन 5 लाख का मुआवजा और सरकारी नौकरी बस सूर्या चौहान के परिवार को मिली- क्योंकि उसकी हत्या में आरोपी मुस्लिम ��े। बाकी सबमें सब हिंदू भाई ही आरोपी हैं।
संदेश साफ़ है- दुआ करें कि आपकी हत्या हो जाए तो हत्यारे “मुस्लिम” ही हों- परिवार को मदद मिल जाएगी। आप के ही धर्म वाले हुए तो मुआवजा और नौकरी कौन कहे न्याय तक की उम्मीद मुश्किल है!
मुसलमान का चाकू और सियासत की चालबाजी!
-गाजियाबाद के सूर्या को असद ने मारा, तो बड़े भाई को तुरंत नगर पालिका ने नौकरी दी
-गाजीपुर के विनीत राय को मुसलमान ने नहीं मारा, इसलिए परिवार को कुछ नहीं मिलेगा?
-सूर्या क��� असद ने मारा, तो असद के बाप का घर गिराया जाएगा
-मेरठ की अनुष्का को मुसलमान ने नहीं मारा, तो आरोपी का घर नहीं गिरेगा?
-सूर्या को असद ने मारा, तो सूर्या के घर पर लगा संपूर्ण टैक्स नगर पालिका ने माफ कर दिया
-गाजियाबाद के ही चिराग त्यागी को मुसलमान ने नहीं मारा, इसलिए कोई राहत नहीं दी जाएगी?
-सूर्या को असद ने मारा, तो सड़क या चौराहे का नाम सूर्या के नाम पर किया जाएगा
-नोएडा के गौरव शर्मा को मुसलमान ने न���ीं मारा, तो कोई उसका नाम भी नहीं लेगा?
-सूर्या को असद ने मारा, तो बीजेपी के बड़े-बड़े नेता उसके घर पर दुख जताने पहुंचेंगे
-लखनऊ के संदीप सिंह को मुसलमान ने नहीं मारा, तो दुख जताने घर पर कोई नहीं जाएगा?
-सूर्या को असद ने मारा, तो परिवार को सरकार 5 लाख रुपये देगी
-जौनपुर के आजाद बिंद को मुसलमान ने नहीं मारा, तो कोई मदद नहीं की जाएगी?
यानि जब मुसलमान के चाकू से किसी की मौत होगी, तभी उसकी मदद की जाएगी?
पाकिस्तान क��� प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ़ ने ईरान युद्ध के शुरूआत में ही जब भविष्य को भाँप कर अपने मुल्क की अवाम के सामने खर्चे घटाने के उपायों की घोषणा की थी तो कई गोदी चैनल और उनकी गोद में बैठे पत्रकारों ने ��ड़ी खिल्ली उड़ायी थी। अब शरम से मुँह गोंत लेना चाहिए उनको। दुशमनों से भी सीखने की ज़रूरत होती है।
' जो अतीक का यूपी में हुआ
बंगाल में वैसा ही जहांगीर का होगा '
टाइम्स नाउ के हिंदी चैनल को TMC के उम्मीदवार जहांगीर ख़ान की लाश चाहिए. जहांगीर खान की हत्या पर जश्न मनाने का मौका चाहता है ये चैनल .
अगर देश में कोई कायदा कानून होता तो किसी हत्या के लिए उकसाने वाले शो चलाने वाले चैनल के खिलाफ मुकदमा होता .
कोई न्यूज चैनल ऐसा कैसे लिख सकता है ?
ऐसे मीडिया वाले इस देश को कहां ले जाना चाहते हैं , इसकी कल्पना की जा सकती है .
मेरे पास डोलची में 543 आम हैं, लेकिन मैं महिलाओं को तभी दूँगा जब मेरे पास 850 हो जाएँगे
बस यही है महिला आरक्षण की कहानी
नरेंद्र मोदी महिला आरक्षण में ख़ुद सबसे बड़ा रोड़ा हैं
यह ख़बर देखी क्या! यूपी के कुशीनगर में एक बच्ची के साथ दरिंदगी हुई। दरिंदगी करने वाला सुरेंद्र था। जिसने स्कूल से लौटते वक्त बच्ची को अपने पास ब��लाया और फिर दरिंदगी के बाद बेहोश करके छोड़ दिया। लेकिन इस बीच परिजनों ने स्कूल के प्रिंसपल नईमुद्दीन अंसारी पर आरोप लगा दिया। बस फिर क्या था हिंदूवादियों को मौका मिल गया, उन्होंने खूब हंगामा काटा, नईमुद्दीन को गिरफ्तार किया गया। और हर बार की तरह बेगुनाह साबित होने से पहले ही नईमुद्दीन को गुनहगार मान लिया गया।
नईमुद्दीन को यातनाएँ दी गईं, उनका बहिष्कार किया गया। हिन्दुवादी संगठनों के लिए तो ऐसे किसी मामले में ‘नईमुद्दीन’ का आरोपी हो जाना ही काफी होता है। उन्होंने जितना कर सकते थे, उतना हंगामा कि��ा। जांच शुरू हुई, जांच में पता चला कि नईमुद्दीन तो बेगुनाह है। असली गुनहगार तो पीड़ित बच्ची का पड़ोसी सुरेंद्र है। पुलिस ने सुरेंद्र को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।
अब सवाल यह है कि जो हिन्दुवादी संगठन बच्ची को इंसाफ दिलाने के नाम पर हंगामा कर रहे थे, वो अब क्यों खामोश हैं? जिन्होंने नईमुद्दीन का बहिष्कार किया, वो अब नईमुद्दीन से माफी क्यों नहीं मांगते? अब सुरेंद्र का विरोध करके दिखाएं, उसका बहिष्कार करके दिखाएं!
परिसीमन का खेल समझिए 👇
तमिलनाडु में 39 सीट हैं। यूपी में 80 सीट हैं। 50% बढ़ाने के बाद तमिलनाडु में होंगी 59 सीटें, जबकि यूपी में होंगी 120 सीटें। अभी दोनों राज्यों ��ें अंतर 41 सीट का है जो बढ़कर 61 हो जाएगा।
इस तरह दक्षिणी राज्यों की सीटें घटेंगी और उत्तरी राज्यों की सीटें बढ़ेंगी।
बीजेपी महिला आरक्षण बिल की आड़ में लोकतंत्र के अपहरण का खेल खेल रही है। खतरनाक विचारधारा है। हर काम के पीछे इनकी नीयत में खोट और दिल में साजिश होती है।
हंगरी में विक्टर ओर्बन का सोलह साल का शासन कल समाप्त हो गया।
• उसने प्रचंड बहुमत के सहारे संविधान में मनमाने बदलाव किए।
• चुनाव प्रक्रिया को बुरी तरह से प्रभावित किया और चुनाव आयोग में अपने लोग भर दिए।
• न्याय व्यवस्था में भी हस्तक्षेप किया और मनचाहे जज बिठा दिए।
• सोशल मीडिया ट्रोल्स पर जम के ख़र्च किया, ये ट्रोल्स विपक्ष को बदनाम करने के लिए घटिया पैंतरे अपनाते थे।
• ट्रम्प के समर्थन में रैली की, बदले में US-Hungary Friendship Day के बहाने वांस अभी उसका प्रचार करके गया था।
• पुतिन को भी दोस्त कहता था।
• इजरायल का पक्का समर्थक था। दो दिन पहले ही मैंने रिपोर्ट किया था कि Ytnet news ने लिखा था कि अगर ओर्बन हारा तो EU में नेतन्याहू का कवच कमज़ोर हो जाएगा। ऑर्बन ने उस पर प्रस्तावित हर सैंक्शन को वीटो किया था।
• नेतन्याहू ने अपने बेटे को उसका प्रचार करने के लिए भेजा था।
• विपक्ष के नेता माग्यार को इसके समर्थक सोरोस से फण्ड लेने वाला कहते थे, Minority का समर्थक बताते थे।
• हंगरी यूरोप का सबसे भ्रष्ट देश बन गया था, लोग लगातार ग़रीब हो रहे थे और भ्रष्टाचार चरम पर था।
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इन सबके बावजूद जनता का गुस्सा सीमा पार कर गया तो ओर्बन बुरी तरह से चुनाव हारकर सत्ता से बाहर हो गया।
जब दूसरों पर बुलडोजर चला, तो “योगी जिंदाबाद”, “नरेंद्र मोदी जिंदाबाद”और “जय श्रीराम” के नारे गूंज रहे थे।
...और आज जब खुद पर आई, तो दर्द महसूस हो रहा है।
सच्चाई यही है कि दर्द वही समझ आता है, जब खुद पर गुजरती है।
किसी के साथ गलत हो रहा हो, तो खुश मत हो क्योंकि वक्त घूमता जरूर है।
आज उसका है तो कल तुम्हारा भी हो सकता है।
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