क्या किसी भी समाज या तंत्र को बहुत अधिक समय तक दबाया जा सकता है ? राजनितिक दलों और उनके मुखियाओं ने हिन्दू समाज को कायर समझ कर हमेशा अपनी मनमानी चलाई है। लेकिन जिस दिन यह समाज जागृत हो जायेगा उस दिन पूरे विश्व में किसी को भी चैन से रहने नहीं देगा। हिन्दू समाज जागे ! उठो जागो !
पठानकोट भास्कर के दैनिक भास्कर के 11-06-2026 एडिशन की यह खबर जरूर पढ़ें।
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सनातन धर्म की इतनी विस्तृत व्याख्या आपने अभी तक सुनी ही नहीं होगी। कहते तो भारत में रहने वाले सब स्वयं को सनातनी ही हैं, लेकिन किसी को बता नहीं सकते कि धर्म क्या है। सनातन धर्म का ठीक ठीक परिपालन न करने के कारण ही अन्य पंथों का उदय सनातन के गर्भ से हुआहै
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आपने हमने सबने सुना है, नेताजी सुभाषचंद्र बोस कहा करते थे आजादी के बाद कम से कम 20 बर्ष भारत में सेना का शाशन होना चाहिये, जिससे 200बर्ष की गुलामी की सोच लोगों के मन से बाहर निकाली जा सके।लेकिन नहीं हो पाया। वही दासता सभी पर भारी है, समझ उल्टी हो गई है। ईश्वर रक्षा करें।
भगवान का सर्वोत्तम ज्ञान होना, भगवान में निरंतर मन को स्थित करना, भगवान में सबसे अधिक प्रेम करना, समस्त कर्मों का भगवान में समर्पण करना, मन वाणी और शरीर से किये जाने वाले कर्मों को भगवान की आराधना रुप से नित्य निरतंर करते रहना, यही गीता का मूल ज्ञान है।
@ChandanSharmaG हिन्दुओं के अस्तित्व और आदर्श की रक्षा का एक ही मार्ग शेष है। भारत शीघ्र हिन्दुराष्र्ट उद्घोषित हो और सनातन सिद्धांत के अनुरूप संविधान का गठन हो। राजतंत्र के अन्तर्गत लोकतंत्र हो। वर्तमान संविधान में आमूलचूल परिवर्तन हो। लोकतंत्र के नाम पर चल रहा उन्माद तंत्र बंद हो।
वेदादि शास्त्रसम्मत चिरपरीक्षित और प्रयुक्त राजनीति की सार्वभौम और स्वस्थ परिभाषा को भारत में प्रचलित लोकतान्त्रिक विधा से क्रियान्वित करना सर्वथा असम्भव है । अत एव सनातन विधा से शासनतन्त्र को शोधित और क्रियान्वित करने की आवश्यकता है । ++++
आज शासन तंत्र को अपना एजेंट या यंत्र चाहिए शंकराचार्य के रूप में। पूरी के शंकराचार्य किसी का यंत्र नहीं बनते।"
गोवर्धनमठ पुरीपीठ के वर्तमान 145 वें श्रीमज्जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी श्रीनिश्चलानन्दसरस्वतीजी महाराज।
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