#बड़ी_खबर
संगठन के प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेशाध्यक्ष श्री @RCPushkarnaRSSR के नेतृत्व में माननीय शिक्षा मंत्री श्री @madandilawar से मिल कर शिविरा पंचांग में शिक्षकों के अव��ाश कम करने पर जताया विरोध।
साथियों सादर प्रणाम
ग्रीष्मकालीन अवकाश में की गई कटौती को लेकर प्रदेशाध्यक्ष डॉ रणजीत मीना जी के आव्हान पर राजस्थान शिक्षक संघ एकीकृत द्वारा दिनाँक 07-04-2026 को जिला कलेक्टर दौसा को ज्ञापन दिया जाएगा अतः दौसा जिले के समस्त शिक्षको से विनम्र आग्रह है कि दोपहर 2:30 बजे जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंच कर ज्ञापन कार्यक्रम को सफल बनाये !
निवेदन
वीरेंद्र सिंह
जिलाध्यक्ष
ऋषिराज यादव
प्रदेश कोषाध्यक्ष
तेजकरण मुण्डोतिया
प्रदेश महासचिव
शिविरा पंचाग में शिक्षकों एवं संस्था प्रधानो��� द्वारा घोषित अवकाशों में की गई कटौतियों को वापस लेने की मांग को लेकर शिक्षक संघ @RESTARajasthan द्वारा माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर में ज्ञापन द���कर विरोध करवाया दर्ज मीडिया न्यूज।
@rajeduofficial
@NavalSi11153221
@ssunder018
सत्र 2026-27 के शैक्षणिक कैलेंडर में अवकाश कटौती के विरोध में राजस्थान एकीकृत शिक्षक महासंघ द्वारा 7 अप्रैल को जिला स्तर पर कलेक्टर को ज्ञापन दिया जाएगा
@RESMA_7@Dadarwal7@JATbera1@O_master_G
सत्र 2026-27 के शैक्षणिक कैलेंडर में अवकाश कटौती के विरोध में र���जस्थान एकीकृत शिक्षक महासंघ द्वारा 7 अप्रैल को जिला स्तर पर कलेक्टर को ज्ञापन दिया जाएगा
@RESMA_7
सत्र 2026-27 के शैक्षणिक कैलेंडर में अवकाश कटौती के विरोध में @RESMA_7 द्वारा 7 अप्रैल को जिला स्तर पर कलेक्टर को ज्ञापन दिया जाएगा
मुख्य मांगें:
• प्रधानाचार्य अवकाश 2 दिन यथावत रहें
• ग्रीष्मकालीन अवकाश 17 मई–30 जून किया जाए
• शीतकालीन अवकाश 26 दिसम्बर–10 जनवरी किया जाए
सभी शिक्षक साथियों से अपील है कि ग्रीष्मावकाश सहित अन्य अवकाशों में मनमानी कटौती को वापस लेने की मांग को लेकर राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन में भाग लेकर आंदोलन को सफल बनाएं।
@madandilawar@RajCMO@Shaikshiksraj@rajshiksha_@rajeduofficial
#Jaipur ग्रीष्मकालीन अवकाश में कटौती से शिक्षक संगठनों में आक्रोश
शिविरा पंचांग से नए सत्र की शुरुआत 1 अप्रैल से की गई, पंचांग के अ��ुसार कक्षा 9 से 12 में प्रवेश की अंतिम तिथि 11 जुलाई तय लेकिन ग्रीष्मावकाश 17 से 20 मई तक 10 दिन की कटौती, फैसलों के विरोध में प्रदेशभर के शिक्षक संगठनों में आक्रोश, राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा, शिक्षक संघ सियाराम के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र शर्मा ने जताया आक्रोश, प्रथम परख मई में, नए प्रवेश लेने वाले छात्रों पर असर का सवाल, शिक्षक संगठनों ने कहा मांगें ��हीं मानी तो होगा आंदोलन
@RajGovOfficial @Dineshtiwaridau #LatestNews #RajasthanNews #RajasthanWithZee
एक आम शिक्षक का दर्द है जिसे अभी ना तो शिक्षक संगठन समझ रहे हैं ना सरकार समझ रही है लेकिन जिस दिन ये शिक्षक उठ खड़े हुए उस दिन पता नहीं कितनों की कुर्सी जाएगी।
इस आभास को समझो मुख्यमंत्री जी और शिक्षा मंत्री जी और प्रदेश के सभी विधायकों को भी में चेता रहा हूं समय रहते जाग जाओ नहीं तो बहुत बड़ा तूफान आने वाला है।
@RSSEkikrat_
📢 हुंकार: शिक्षक एकता ही समाधान! 📢
शिक्षक साथियों, सादर नमस्कार।
राजस्थान के 4 लाख शिक्षक आज भी अपनी बुनियादी मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। लेकिन कड़वी सच्चाई यह है कि 50 से अधिक संगठनों में बंटा हुआ हमारा नेतृत्व सरकारों के सामने कमजोर साबित हो रहा है। जब तक हम गुटों में बंटे रहेंगे, हमारे हकों का दमन होता रहेगा।
⚠️ हमारे संघर्ष के प्रमुख मुद्दे:
पारदर्शी त���ादला नीति: वर्षों से दूर-दराज क्षेत्रों में बैठे शिक्षकों के लिए एक स्थाई और न्यायपूर्ण तबादला नीति का अभाव।
समयबद्ध डीपीसी (DPC): पदोन्नति की धीमी प्रक्रिया के कारण हजारों शिक्षकों का करियर और आर्थिक लाभ अधर में लटका है।
गैर-शैक्षणिक कार्यों का बोझ: शिक्षण कार्य से ज्यादा बीएलओ, जनगणना और अन्य सरकारी ड्यूटी में उलझाकर शिक्षक की गरिमा को कम किया जा रहा है।
अवकाशों में कटौती: हमारे जायज अवका��ों को कम करके और रविवार या छुट्टियों के दिन ट्रेनिंग/ड्यूटी लगाकर मानसिक तनाव दिया जा रहा है।
🤝 अब समय है "एक जाजम, एक आवाज" का!
संगठनों की आपसी खींचतान और श्रेय लेने की राजनीति ने केवल 'आम शिक्षक' का नुकसान किया है। सरकारों को हमारी एकता से डर लगना चाहिए, न कि हमारी गुटबाजी से उन्हें फायदा मिलना चाहिए।
"जब शिक्षक संगठ��त होता है, तो वह व्यवस्था बदल देता है। पर जब शिक्षक बंटता है, तो व्यवस्था उसे कुचल देती है।"
🔥 हमारा आह्वान:
संयुक्त मोर्चा: सभी शिक्षक संगठन अपने झंडे और अहंकार छोड़कर एक 'साझा संघर्ष समिति' बनाएं।
आर-पार की लड़ाई: तबादला, डीपीसी और गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति के लिए सरकार के सामने एक सशक्त मोर्चा खोलें।
शिक्षकों का साथ: जब भी हक की बात हो, हर शिक्षक साथी को संगठन की सीमा से ऊपर उठकर सड़क पर ��तरना होगा।
शिक्षक साथियों!
तबादले और पदोन्नति की राह देखते-देखते साल बीत रहे हैं। यदि आज हम एक होकर नहीं लड़े, तो भविष्य और भी अंधकारमय होगा। आइए, एक महासम्मेलन की ओर बढ़ें और सरकार को अपनी सामूहिक शक्ति का अहसास कराएं।
एकता में ही विजय है!
शिक्षक एकता—जिंदाबाद!
ग्रीष्मावकाश सहित अन्�� अवकाशों में मनमानी कटौती को वापस लेने की मांग को लेकर शिक्षक संघ (सियाराम) ने माननीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी व शिक्षा मंत्री @madandilawar जी को भेजा ज्ञापन।अवकाश कटौती के विरोध में संगठन ने की आंदोलन की घोषणा।
@RajCMO
@rajshiksha_
@TheNagariMedia
माननीय
@RajCMO@madandilawar@rajeduofficial#शिविरा_पंचांग_2026_27
में अवकाशों एवं प्रशासनिक प्रावधानों में की गई कटौती पूरी तरह अव्यावहारिक है।
भीषण गर्मी व भौगोलिक परिस्थितियों की अनदेखी करते हुए लिया गया यह निर��णय शिक्षकों व विद्यार्थियों के हित में नहीं है।
शिक्षक संगठनों के विरोध के बावजूद एकतरफा लागू किया गया यह फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है।
शैक्षिक उन्नयन के नाम पर अवकाशों में कटौती समाधान नहीं है—वास्तविक सुधार तब होगा जब शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से पूर्णतया मुक्त किया जाएगा।
संगठन इस निर्णय का कड़ा विरोध करता है और तत्काल संशोधन की मांग करता है, अन्यथा आंदोलन के लिए बाध्य होना पड���ेगा।
सादर
सत्य प्रकाश
प्रदेश सभा अध्यक्ष
@K_Barupal
प्रदेश अध्यक्ष
@sohanjoharm
प्रदेश महामंत्री
हरिराम बड़ीवाल
प्रदेश कोषाध्यक्ष
https://t.co/Gt042ankUQ
#ShiviraPanchang #RajasthanEducation
विभाग द्वारा जारी शिविरा पंचांग 2026–27 का गहन अवलोकन करने पर यह तथ्य स्पष्ट रूप से सामने आया है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश में 10 दिवस की कटौती की गई है तथा संस्थाप्रधान अधिकृत अवकाश को 2 दिवस से घटाकर मात्र 1 दिवस कर दिया गया है। इस प्रकार कुल मिलाकर 11 अवकाशों में कमी की गई है, जो न केवल शिक्षक हितों के विपरीत है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की कार्यक्षमता एवं शिक्षक समुदाय के मनोबल पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला निर्णय है।
यह निर्णय विशेष रूप से इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि जयपुर में शिक्षक संगठनों के साथ आयोजित बैठक में माननीय शिक्षा सचिव महोदय एवं निदेशक महोदय द्वारा स्पष्ट आश्वासन दिया गया था कि अवकाशों में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएग���। वर्तमान निर्णय उस आश्वासन के प्रतिकूल है और इसे प्रशासनिक स्तर पर विश्वास की अवहेलना एवं वादाखिलाफी के रूप में देखा जा रहा है।
शिक्षक केवल शैक्षणिक कार्य ही नहीं करते, बल्कि विभिन्न प्रशासनिक , सर्वेक्षण , जनगणना , चुनाव , विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम , जनकल्याणकारी योजनाओं सहित अनेक अतिरिक्त दायित्वों का निर्वहन भी करते हैं। ऐसी स्थिति में अवकाशों में कटौती करना न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि शिक्षकों के कार्य-जीवन संतुलन को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। इसके अतिरिक्त, राजस्थान की भौगोलिक एवं जलवायु परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश का विशेष महत्व है, जिसे नजरअंदाज करना पूर्णतः अनुचित है।
अतः यह अपेक्षित है कि इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए एवं पूर्व में दिए गए आश्वासन के अनुरूप अवकाश व्यवस्था को यथावत रखा जाए। अन्यथा, यह निर्णय शिक्षक समुदाय में व्यापक असंतोष एवं आक्रोश को जन्म देगा, जिसके परिणामस्वरूप समस्त शिक्षक संगठन लोकतांत्रिक एवं वैधानिक तरीके से अपने अधिकारों की रक्षा हेतु एकजुट होकर विरोध के लिए बाध्य होंगे।
में माननीय मुख्यमंत्री महोदय @BhajanlalBjp जी , माननीय शिक्षामंत्री @madandilawar जी , श्रीमान मुख्य सचिव महोदय @svoruganti1466 जी , श्रीमान
अतिरिक्त मुख्य सचिव महोदय शिक्षा से निवेदन करता हूं कि शिक्षकों के अवकाश कटौती पर पुनर्विचार करें , अन्यथा मजबूरन समस्त शिक्षकों व शिक्षक संघों को विरोध का रास्ता अपनाना पड़ेगा जो ��ि राज्य हित व शिक्षा के हित में नहीं है। इस समय प्रवेशोत्सव व नामांकन वृद्धि हेतु शिक्षक समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं , अतः उन्हें आक्रोशित नहीं किया जाये।
@DrSatishPoonia @DainikBhaskar @rpbreakingnews @Bhajanlalofc @RajCMO @RajGovOfficial @rajeduofficial @artizzzz @AshishModiIAS @IASNJ @kana_ias @Nathmal70602774
ग्रीष्मकालीन अवकाश में 10 दिन की कटौती शिक्षकों में आक्रोश शिक्षक संघो नेजाताया आक्रोश
राजस्थान शिक्षक कर्मचारी संघ की प्रदेश अध्यक्ष बिहारी लाल मिश्रा ने कहा कि यह नियमों के विपरीत है। मिश्रा ने कहा है कि यदि अवकाशों में कमी होती है तो राज्य के सभी शिक्षकों को अवकाशों के ऐवज में देना पड़ेगा पी एल का लाभ
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