मां के देहांत पर भी सिर्फ 5 घंटे का पेरोल,
इस्लामिक मुल्क बांग्लादेश में संत चिन्मय दास के साथ हो रहे अत्याचार का मूक गवाह बन रहा है संसार,
पाप के भागीदारों में चु�� बैठा संयुक्त राष्ट्र संघ @UN और सभी तथाकथित मानवाधिकार गिरोह भी..
भगवावेश धारी को मुस्लिम तानाशाहों ने डाल रखा है जेल में..
यहीं के करोड़ों घुसपैठियों को अपना खून बेच कर पाल रहा है हिन्दुस्थान.
भारत में सेक्युलर गैंग द्वारा उमर खालिद से ले कर अबू सलेम तक के लिए बहाए जा रहे लीटर में आंसू..
#Bangladesh
छत्तीसगढ़ में भगवान हनुमान की गाथा और सनातन संस्कृति पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ क�� लेकर बड़ा ऐलान हो सकता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कैबिनेट मंत्रियों, विधायकों और बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ फिल्म देखने पहुंचे। सीएम साय ने संकेत दिए हैं कि फिल्म को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री किया जा सकता है। अगर घोषणा होती है, तो फिल्म को सरकार की ओर से प्रोत्साहन मिलने के साथ दर्शकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
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@supriyashrinate तुम्हारी बकाचोदी सुन के अच्छा लगा और मुझे तुम जैसी से यही उमीद भी था ।
सोशल मीडिया या टीवी मीडिया छोड़ के कभी पब्लिक के सामने ये बाकचोदी मत कर देना नहीं तो, बुढ़िया तेरे उमर का लिहाज लोग भूल जाएंगे
BJP वाले मनुस्मृति के समर्थन में कूद पड़े हैं - य��� कोई हैरानी वाली बात नहीं है
मनुस्मृति में महिलाओं को सिर्फ दोयम दर्जे का या पुरुष पर निर्भर रहने के लिए ही नहीं कहा गया है - बल्कि तमाम और वाहियात घटिया बातें कहीं हैं -सुनकर खून खौल जाए 👇
▪️मनुस्मृति के पांचवें अध्याय के 148वें श्लोक में कहा गया है कि "एक स्त्री को हमेशा अपने पिता के संरक्षण में रहना चाहिए, विवाह पश्चात पति द्वारा उसका संरक्षण होना चाहिए, पति की मृत्यु के बाद उसे अपने बच्चों की दया पर निर्भर रहना चाहिए. लेकिन किसी भी स्थिति में एक महिला स्वतंत्र नहीं रह सकती"
यानी स्त्री के पास अपने बारे में भी निर्णय लेने के अधिकार नहीं है
▪️मनुस्मृति में महिलाओं को शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार नहीं है. सिर्फ वे महिलाएं ही वेदों का अध्ययन कर सकती हैं, जिनका यज्ञोपवीत संस्कार होता है. यानी उच्च वर्ण की कुछ महिलाओं को छोड़कर किसी को कोई शिक्षा लेना का अधिकार नहीं है
▪️मनुस्मृति के 15वें नियम में कहा गया है कि 'महिलाओं का चंचल मन और स्वाभाविक हृदयहीनता की वजह से अपने पति के प्रति धोखेबाज हो सकती हैं. ऐसे में उन्हें निगरानी में रखना चाहिए
▪️मनुस्मृति के दूसरे अध्याय में कहा गया है कि 'पुरुषों को उत्तेजित करना और उनको बहकाना महिलाओं का स्वभाव है. ऐसे में समझदार लोगों को महिलाओं के आसपास ��ंभलकर रहना चाहिए. किसी भी पुरूष को अपनी मां, बहन या बेटी के साथ भी एकांत में नहीं रहना चाहिए, वर्ना स्त्रियों की वजह से पुरूष का धर्म भ्रष्ट हो सकता है
▪️मनुस्मृति में कहा गया है कि राजा धन और स्त्रियों की रक्षा करता है. मगर विपत्ति में धन या स्त्रियों के प्रयोग से भी राज्य को सुरक्षित रख सकता है. यानी स्त्रियों का उपयोग वस्तु की तरह किया जा सकता है
▪️मनुस्मृति में कहा गया है कि महिला को अपने माता-पिता या पति की संपत्ति पर प्रत्यक्ष अधिकार नहीं है. अगर वह धन अर्जित करती है तो वो धन उसके पति या पुत्रों को जाएगा. यदि स्त्री के भाई हैं, तो उसे माता-पिता की संपत्ति में हिस्सा नहीं मिलेगा
▪️मनुस्मृति के तीसरे अध्याय में मनु ने महिलाओं की तुलना कुत्ते और सुअर से की है. कहा है कि “जब ब्राह्मण भोजन करें तब उन्हें किसी सुअर, मुर्गे, कुत्ते या किन्नर या ऐसी महिला जो रजस्वला (पीरियड्स) में हो, उसको देखना भी नहीं चाहिए”
तीसरे अध्याय में ही कहा गया है कि उस महिला से व���वाह न किया जाए, जिसके बाल और आंखें लाल हो. या एक ऐसी महिला जो नीची जाति की हो
▪️मनुस्मृति के ग्यारहवें श्लोक में कहा गया है कि जिस स्त्री के भाई न हो या जिसके पिता को कोई �� जानता हो यानी वो लड़की किसकी है ये किसी को न मालूम हो तो उस स्त्री से विवाह करने वाला आदमी मूर्ख होता है. जबकि बिना बाप वाले पुत्र से विवाह करने में कोई दिक्कत नही है
आख़िर कौन हैं वो महिलायें जिनका खून नहीं खौलता यह सब सुनकर?
मनुस्मृति जिसकी घटिया बातों से यह कहकर ध्यान भटकाने की कोशिश है कि बाक़ी धर्मों की बात नहीं हो रही - ऐसे लोग तो राजा राममोहन रॉय को सती प्रथा ख़त्म करते वक़्त कहते बाक़�� धर्मों की कुरीतियाँ ख़त्म कीजिए. ये कैसी बचकानी बेहूदी और महिला विरोधी बात है
आख़िर BJP वाले मनुस्मृति का बचाव कैसे कर सकते हैं?
👉🏾 जुम्मन टेलर की घरवाली रजिया ... जुम्मन के काम पे जाते ही अपने पड़ोसी ..लतीफ मियां के आगोश में समा जाती।।
इस बात को पूरा मोहल्ला जानता था।।
जुम्मन मियाँ भी जानते थे ।।
पर जुम्मन का जोर न तो रजिया पे था और न ही लतीफ पे ।।
जुम्मन बड़े दुखी रहते थे ।।
फिर एक दिन अचानक से जुम्मन खुश हो गए ।।
और खुश रहने लगे ।।
लोगों में कानाफूसी शुरू हो गई ।।
बताओ जिसकी घरवाली दूसरे के साथ रंगरेलियां मनाती हो वो भला इतना खुश कैसे रह सकता है ..??
आखिर कार एक दिन कुछ क्लेशजीवियों ने जुम्मन से पूछ ही लिया ...!!
अरे भाई तेरी घरवाली तो दिन भर लतीफ के साथ सोती है .. फिर भी तू इतना खुश कैसे ..?? 🤔🤔
जुम्मन ने कहा पहले मैं भी यही सोच सोच के दुखी रहता था ...फिर मैंने अपने सोचने का नजरिया बदल लिया ...!
अब मैं सोचने लगा के रजिया मेरी नहीं लतीफ की घरवाली है .... जो रात में मेरे साथ सोती है ...तब से मैं बहुत खुश हूं ।।
हजार सालों तलक मुसल मानों ने बेइंतहा जुल्म किये ...दो सौ सालों तलक अंग्रेजों ने हमारा खून चूसा ...
।।
दोनों ने हमे लूटा खसोटा ..हमे बर्बाद कर दिया ।।
हम गरीबी भुखमरी से परेशान रहने लगे ..हम बहुत दुखी थे ।।
हमारा सारा हाथ का काम मुसलमानों के कब्जे में चला गया ..!!
हमारी जमीनों पे वक़्फ़ का कब्जा हो गया ।।
हमारे देश के टुकड़े टुकड़े हो गए ।
हमारी लड़कियां लव जेहाद का शिकार होने लगीं ।।
हमारे तन सर से जुदा ���ोने लगे ।।
हम महंगाई और बेरोजगारी से परेशान रहने लगे।।
फिर हमने अपना नजरिया चेंज कर लिया।। 🙄😘
हमारे लीडरों ने हमे बताया के हमारे बदहाली का कारण अंग्रेज और मुशरीम नहीं बल्कि ब्राह्मण और ठाकुर हैं।।
तब से हम अपनी बदहाली के लिए सुबह शाम ब्राह्मणों एवम थाकुर को सौ सौ गाली देते हैं ..!
अब न हमे महंगाई सताती है न बेरोजगारी ..न हमें जाति पाति ऊंच नीच से कोई परेशानी है।।
न वक़्फ़ ��े कोई दिक्कत ..न लव जेहाद से..--..
क्योंकि अब हम इन सबका जिम्मेदार ब्राह्मणों और ठाकुर को मानने लगे हैं।।
तब से हम बहुत खुश हैं।।
🙏😡🙏