#LifeChangingBook_JeeneKiRaah
पूर्ण परमात्मा कौन है? उसका नाम क्या है? उसकी भक्ति कैसी है? जीने ��ी राह पुस्तक में आपको ये सब जानकारी मिलेगी।
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#Secrets_Of_Vedas
️कविर्देव अर्थात् कबीर परमेश्वर सर्व ब्रह्मण्डों व प्राणियों को अपनी शब्द शक्ति से उत्पन्न करने के कारण (जनिता) माता भी कहलाता है तथा (पित्तरम्) पिता तथा (बन्धु) भाई भी वास्तव में यही है तथा (देव) परमेश्वर भी यही है। - पवित्र अथर्ववेद
#Secrets_Of_Vedas
️तत्वदर्शी सन्त वह होता है जो वेदों के सांकेतिक शब्दों को पूर्ण विस्तार से वर्णन करता है जिससे पूर्ण परमात्मा की प्राप्ति होती है वह वेद के जानने वाला कहा जाता है।
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#mondaythoughts
#Secret_Of_Vedas
कविर्देव शिशु रूप धारण कर लेता है। लीला करता हुआ बड़ा होता है। कविताओं द्वारा तत्वज्ञान वर्णन करने के कारण कवि की पदवी प्राप्त करता है। - ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 96 मंत्र 17
#Secrets_Of_Vedas
️"सर्व शक्तिमान परमेश्वर कबीर"
पूर्ण परमात्मा आयु बढ़ा सकता है और कोई भी रोग को नष्ट कर सकता है। - ऋग्वेद
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#GodMorningSunday
#Secrets_Of_Vedas
जिस समय सर्व सन्त जन शास्त्र विधि त्यागकर मनमानी पूजा द्वारा भक्त समाज को मार्ग दर्श��� कर रहे होते हैं। तब अपने तत्वज्ञान का संदेशवाहक बन कर स्वयं कबीर प्रभु ही आते हैं।
#GodMorningSunday
#Secrets_Of_Vedas
️पूर्ण परमात्मा कविर्देव (कबीर परमेश्वर) तीसरे मुक्ति धाम अर्थात् सतलोक में रहता है। -ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 96 मंत्र 18
अधिक जानकारी के लिये पढ़े पुस्तक
"ज्ञान गंगा"
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#SundayMotivation
#Secrets_Of_Vedas
��पूर्ण परमात्मा कविर्देव चारों युगों मेंआए हैं। सृष्टी व वेदों की रचना से पूर्व भी अनामीलोक में मानव सदृश कविर्देव नामसे विद्यमान थे। कबीर परमात्मा ने फिर सतलोक की रचना की बाद में परब्रह्म, ब्रह्म के लोकों व ��ेदों की रचना की इसलिए वेदो मे कविर्देव का विवरणहै।
#GodMorningSaturday
कविर्देव शिशु रूप धारण कर लीला करता है। कविताओं द्वारा तत्वज्ञान वर्णन करने के कारण कवि की पदवी प्राप्त ��रता है। वास्तव में वह पूर्ण परमात्मा कविर् ही है। ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 96 मंत्र 17
#SaturdayMotivation
#Real_God_Is_Kabir
सम्पूर्ण शांति दायक, कविरंघारिसि = कबीर परमेश्वर (अंघ) पाप का (अरि) शत्रु (असि) है अर्थात् पाप विनाशक कबीर है। बन्धन का शत्रु अर्थात् बन्दी छोड़ कबीर परमेश्वर है।
- यजुर्वेद अध्याय 5 मंत्र 32
#SaturdayMotivation
️अध्याय 11 श्लोक 47 में पवित्र गीता जी को बोलने वाला प्रभु काल कह रहा है कि ‘हे अर्जुन यह मेरा वास्तविक काल रूप है, जिसे तेरे अतिरिक्त पहले किसी ने नहीं देखा था।‘
कबीर साहेब ही पूर्ण परमात्मा हैं
"धाणक रूप रहा करतार"
राग ‘‘सिरी‘‘ महला 1 पृष्ठ 24
नानक देव जी कहते हैं :-
मुझे धाणक रूपी भगवान न�� आकर सतमार्ग बताया तथा काल से छुटवाया।
#GodIsOne_LordKabir
#ThursdayMotivation