हंसी हंसी में सीखिये योगी से स्वास्थ्य के साधन।
वीडियो में नीचे जमीन पर श्री श्री रविशंकर भी बैठे हैं।
स्वामी देवमूर्ति जी की उम्र इस वीडियो के समय 106 वर्ष थी।उन्होंने 2011 में 108 वर्ष की आयु में शरीर त्यागा।
🕉️ स्वामी देवमूर्ति जी — वह योगऋषि जिनकी साधना की गूंज भारत से यूरोप तक पहुँची
आज जब योग क�� अक्सर केवल आसन, फिटनेस और शरीर को लचीला बनाने के माध्यम के रूप में देखा जाता है, तब स्वामी देवमूर्ति जी की योग-दृष्टि हमें योग के उस गहरे आध्यात्मिक स्वरूप की याद दिलाती है जिसमें शरीर केवल साधन है और लक्ष्य है — प्राण, मन और चेतना की साधना।
स्वामी देवमूर्ति जी 20वीं शताब्दी के उन अग्रणी भारतीय योगाचार्यों में थे जिन्होंने यूरोप में भारतीय योग, ध्यान और प्राणायाम की परंपरा को पहुँचाने में म��त्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे उसी दौर के थे जिसमें B.K.S. Iyengar जैसे महान योगाचार्य भी पश्चिम में योग को स्थापित कर रहे थे; लेकिन देवमूर्ति जी की विशेषता यह थी कि उनका जोर केवल आसनों पर नहीं, बल्कि योग के आंतरिक और अनुभवात्मक पक्ष पर था।
उनकी साधना में प्राणायाम, ध्यान, श्वास की शक्ति और चेतना का विकास विशेष महत्व रखते थे। उनके द्वारा सिखाई गई परंपराओं का प्रभाव यूरोप के योग-जगत में आगे उनके शिष्यों के माध्यम से भी दिखाई देता है। उदाहरण के लिए, European Yoga Union के योग-इतिहास में J. Čumpelík को स्वामी देवमूर्ति जी का शिष्य बताया गया है।
यह जानना भी महत्वपूर्ण है कि देवमूर्ति जी की शिक्षाएँ केवल “योगासन” तक सीमित नहीं थीं। उनकी दृष्टि में योग एक जीवंत आध्यात्मिक अनुशासन था—श्वास से प्राण तक, प्राण स��� मन तक और मन से चेतना की गहराइयों तक जाने की यात्रा।
आज के समय में जब योग विश्वभर में लोकप्रिय है, ऐसे अग्रदूतों को याद करना इसलिए आवश्यक है क्योंकि उन्होंने उस समय भारतीय योग की गहराई को दुनिया तक पहुँचाया जब पश्चिम में योग अभी अपनी पहचान बना ही रहा था।
🙏 स्वामी देवमूर्ति जी को नमन — उन साधकों में से एक, जिन्होंने योग को केवल व्यायाम नहीं, बल्कि आत्म-अन्वेषण की साधना के रूप में दुनिया के सामने रखा।
21 AUGUST JANTAR MANTAR PERMISSION ✅
AB HUM SBHI GROUND PE AA CHUKE HAI SBHI LOG LG JAO HUME IS MOVEMENT KO SUCESS BNANA HAI
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हर घर में रखने योग्य 6 ज़रूरी होम्योपैथिक दवाएँ
1. Arnica Montana – चोट और दर्द की रामबाण दवा
लाभ (Benefits):
✔ गिरने-लगने की चोट
✔ शरीर दर्द, मांसपेशियों में जकड़न
✔ ऑपरेशन के बाद दर्द व सूजन
✔ थकान के बाद बदन टूटना
उपयोग / इलाज:
चोट लगते ही सबसे पहली दवा
कैसे लें:
Arnica 30 – 3–4 गोलियाँ दिन में 2–3 बार
चोट ��गते ही शुरू करें
2. Nux Vomica – गैस, अपच और पेट की गड़बड़ी
लाभ:
✔ गैस, कब्ज, एसिडिटी
✔ उलटी-मतली
✔ अधिक चाय, मसाले या दवा से पेट खराब
✔ चिड़चिड़ापन
उपयोग:
पेट से जुड़े अधिकांश रोगों में
कैसे लें:
Nux Vomica 30 – रात में 3 गोलियाँ
जरूरत हो तो दिन में 2 बार
3. Belladonna – तेज बुखार और सिरदर्द
लाभ:
✔ अचानक तेज बुखार
✔ सिर में तेज दर्द
✔ आँखें लाल, चेहरा गरम
✔ गले में सूजन
उपयोग:
अचानक शुरू होने वाले रोग
कैसे लें:
Belladonna 30 – हर 3–4 घंटे में 3 गोलियाँ
आराम आते ही बंद करें
4. Aconite – सर्दी लगने के शुरुआती लक्षण
लाभ:
✔ ठंडी हवा से सर्दी
✔ घबराहट, बेचैनी
✔ सूखी खांसी
✔ अचानक तबीयत बिगड़ना
उपयोग:
रोग के पहले स्टेज में
कैसे लें:
Aconite 30 – दिन में 3 बार 3 गोलियाँ
शुरुआत में ही लेना सबसे प्रभावी
5. Hepar Sulph – फोड़ा, पस और दर्द
लाभ:
✔ फोड़���-फुंसी
✔ दाँत दर्द
✔ कान दर्द
✔ पस बनने वाली सूजन
उपयोग:
जहाँ दर्द ज्यादा हो और ठंड सहन न हो
कैसे लें:
Hepar Sulph 30 – दिन में 2 बार 3 गोलियाँ
6. Ignatia – मानसिक तनाव और दुःख
लाभ:
✔ मानसिक तनाव
✔ रोना, घबराहट
✔ नींद न आना
✔ दुख, शोक, भावनात्मक चोट
उपयोग:
मानसिक और भावनात्मक समस्याओं में
कैसे लें:
Ignatia 30 – दिन में 1–2 बार 3 गोलियाँ
जरूरी सलाह
✔ दवा लेते समय मुँह साफ हो
✔ खाने से 15 मिनट पहले या बाद लें
✔ कॉफी, तं���ाकू से बचें
✔ लंबे रोग में डॉक्टर की सलाह ज़रूरी
बिहार-भोजपुर: सरथुआ पंचायत के मुखिया राकेश सिंह ने अपनी 5 वर्षीय बेटी प्रिंसी राज के जन्मदिन पर अनूठी पहल करते हुए 18 ��ट्ठा निजी जमीन महादलित और गरीब परिवारों को दान कर दी। इस पहल से कई जरूरतमंद परिवारों का अपने घर का सपना साकार होने की उम्मीद जगी।
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"इनके राज में हमारा मंदिर कॉरिडोर हो गया और इनका क���र्यालय तीर्थ हो गया। क्या ये सही है? हमारी धार्मिक चीजों का ये लोग कैसे दुरुपयोग करते हैं, इसी से अंदाजा लगा लीजिए।"
- शंकराचार्य जी
क्या अब समय आ गया है कि आरक्षण पर खुल कर चर्चा हो??? इसके फायदे, नुकसान और समीक्षा पर बात की जाए???
धन्यवाद @ajeetbharti का इस चर्चा को मंच पर लाने के लिए!
"काहे की श्रद्धा, मैं क्या करूं श्रद्धा का। चांदी के फूल हैं एक हजार। तो मैं क्या बेचूं? फिर क्या करूं?"
चंपत राय ने जैसा चांदी के फूल लाने वालों से कहा, वैसा ही सोने की रामचरित मानस देने वाले पूर्व IAS ऑफिसर से कहा।
बिहार की राजधानी पटना के सबसे बड़े रेलवे स्टेशन पटना जंक्शन (Patna Junction) से आम जनता, रेल यात्रियों और वाहन चालकों को चूना लगाने वाली एक गंभीर और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। अगर आप भी अपने परिजनों को छोड़ने या लेने पटना जंक्शन जाते हैं, तो सावधान रहें! जं���्शन पर पिक एंड ड्रॉप के नाम पर पार्किंग ठेकेदारों और एजेंटों की खुली गुंडागर्दी तथा मनमानी वसूली चल रही है।
एजेंटों की दादागिरी इस कदर बढ़ गई है कि वे यात्रियों से साफ कह रहे हैं, “यहाँ 2 मिनट का भी पैसा लगता है!” जबकि रेलवे के नियम इसके बिल्कुल उलट हैं।
दिन में (या संध्याकाल) में न सोएं। रात्रि के अन्तिम प्रहर (प्रातः लगभग ३-६ बजे) में उठकर दिन में किये जाने वाले कार्यों पर विचार करें।
Do not sleep during day. Wake up during last watch of night (app 3:00 AM to 6:00 AM) & reflect on tasks to be done during day.
#ŚrīRāmaRājanīti