प्रदेश टुडे, जबलपुर के संपादक और वरिष्ठ पत्रकार श्री पंकज पटेरिया जी के हृदयघात के कारण निधन की दुःखद सूचना प्राप्त हुई है, ईश्वर से प्रार्थना है कि उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दे और परिजनों को दुःख सहन करने की शक्ति दे.
�� शांति
इस अकाउंट वाले के स्थान विशेष के कोई कीड़ा है को उछाल मार रहा है हर पोस्ट पर आ जाएगा ताकि हम इसको जवाब दे और ये फेमस हो जाए चलो कर दी ख्वाहिश पूरी तेरी पोस्ट का जवाब ले संभाल अब 👉 फिर चुपकेगा गुज्जर नाम ✌️😂
Note - जा मुन्ना जा अब भोंकता रह 😆
इसीलिए उसी के तोड़ के रूप में या complex के कारण इन लोगो में बच्चो से लेकर बुड्ढा तक और अनपढ़ से लेकर आईएएस तक ऐसी वाहियात और हास्यास्पद बाते और दावे करते हैं. ये सोचते हैं भसड़ मचा दो ताकि असलियत छुप जाए।। 9/9
@rajput_of_india 🏹
इन्हे ये सब पता है और ये तब दिखता भी है जब आरक्षण मांगने के लिए कोर्ट और सरकार के सामने ये खुद को नंगा करते हैं. तब ये खोद खोद के अपने नीच और शूद्र होने के प्रमाण पेश करते हैं. इन्हे ये सब पता है और ये भी पता है कि इतिहास पर बहस करने कि इनकी कोई औकात नहीं। 8/9
ये तो सबने देखा ही है. Bully के behaviour के पीछे ये डरपोक या कायरता ही कारण होता है।
इस डर या Syndrome कि वजह से ये लोग ऐसे बेहूदा और हास्यास्पद दावे करते हो, इन्हे पता होता है इतिहास पर तर्क शील बात करने पर इनकी सिर्फ और सिर्फ बेज्जती होनी है। 7/9
इसे Deimatic Behavior कहते हैं. इंसानो में भी ऐसा होता है. कमजोर या डरपोक समाज अपनी कमजोरी छुपाने के लिए झ��ण्ड का सहारा तो लेते ही हैं, साथ ही आक्रामक दिखने कि कोशिश करते हैं या Bullying का सहारा लेते हैं। 6/9
लेकिन बाते हमेशा नीच और कमजोर लोगो कि तरह करते हैं.डिस्कवरी चैनल पर देखा होगा कि जंगल में कई कमजोर जानवर होते हैं जो अपने बचाव के लिए ��पने को बढ़ा चढ़ाकर दिखाने कि कोशिश करते हैं, अजीबोगरीब हरकते करते हैं जिससे ताकतवर जानवरो को Bluff कर सकें। 5/9
बेशर्मी इनके खून में हैं इसलिये खुद अपनी बेज्जती करवा के भी इन्हे शर्म का एहसास नहीं होता.
ये लोग उपर से अपने को कुछ भी माने लेकिन Subconscious Mind (अवचेतन मन )को असलियत पता होती है. इसलिये इन लोगो के पास चाहे पैसा या ताकत आ जाए 4/9
ये एक मनोवैज्ञानिक डिफेक्ट है, इन्हे पता होता हैं ये कितनी मूर्खता पूर्ण बाते कर रहे है लेकिन अपने Complex के कारण ये अपनी मूर्खता पर कण्ट्रोल नहीं कर पाते. सैकड़ो साल कि जो इनकी जात���गत कंडीशनिंग है उसमे शर्म नाम कि चीज के लिए कोई जगह नहीं होती। 3/9
Fact - असलियत यह है कि ये लोग इतने मूर्ख नहीं हैं जितने ये बनते हैं.ये लोग सब जानते हैं. ये अपना इतिहास, हैसियत, वर्णसंकर्ता सब जानते है. और इसी कारण इनमें भयंकर Inferiority Complex है जो इनसे ऐसी मूर्खता पूर्ण हरकते और दावे करवाता है। 2/9
लोग आश्चर्य करते हैं कि ये इतीहास चोर Gujjar ओर बाकी जितने है,ये खुद का ही मजाक बनवाने कि हद तक मूर्खता पूर्ण बाते कैसे करते है ? कोई इतना बड़ा गधा कैसे हो सकता है ? 1/9
लोग ठाकुरों को गलत बताते हैं कि ठाकुरों ने दलितों पर उनके साथ दुर्व्यवहार क्या है। उसका जीता जागता एक उदाहरण है ठाकुर समाज हमेशा दलित समाज के साथ था और अब भी है
अरे मृगनयनी को औलाद दाcपुत्र कब से इग्नोर कर रहा हूं तुझे पर तू है की मान ही नहीं रहा तो ले पढ़ इनको ढंग से पढ़ना ⬇️
Note- सारे सरकारी गजेटियर है इनको डाल ले अब अपने स्थान विशेष में और हां कभी हिसार के गुजरी महल होके आ तेरी बुआ की चीखें आज भी सुनाई देती है वहां
थाम अब इसक��🖕😂