India's Double Strike at the ISSF World Cup 🇮🇳
Esha Singh and Manu Bhaker made a marvellous display of their talent by winning the gold and bronze medals, respectively, in the Women's 25 m Pistol event at the ISSF World Cup 2026. Their resolute determination and unmistakable precision, even under immense pressure, reflected the indomitable spirit of India. Many congratulations to both of them.
@singhesha10@realmanubhaker
सायद आपके लिए महत्वपूर्ण हो।🤔
इस वीडियो में 𝗢𝗖𝗟. 𝗕𝗣𝗖𝗟. 𝗛𝗣𝗖𝗟, 𝗥𝗲𝗹𝗶𝗮𝗻𝗰𝗲 𝗝𝗶𝗼 𝗕𝗣. 𝗡𝗮𝘆𝗮𝗿𝗮. 𝗦𝗵𝗲𝗹𝗹 सभी कंपनियां के पेट्रोल का 𝗖𝗼𝗺𝗽𝗮𝗿𝗶𝘀𝗼𝗻 किया है। जानए बाजार में मिल रहे 𝟭𝟲 अलग अलग तरह के पेट्रोल, जैसे...
𝗫𝗣 𝟵𝟱,𝗫𝗣 𝟭𝟬𝟬 𝗣𝗼𝘄𝗲𝗿 𝟵𝟱, 𝗣𝗼𝘄𝗲𝗿 𝟵𝟳,𝗣𝗼𝘄𝗲𝗿 𝟭𝟬𝟬, 𝗦𝗽𝗲𝗲𝗱, 𝗦𝗽𝗲𝗲𝗱 𝟵𝟳, इन सभी में कितना 𝗘𝘁𝗵𝗮𝗻𝗼𝗹 होता हैं। 𝗢𝗰𝘁𝗮𝗻𝗲.𝗡𝘂𝗺𝗯𝗲𝗿 कितना होता है,
कीमत कितनी होती है, ताकि आप समझ पाएं कि आपके लिए कौन-सा पेट्रोल 𝗕𝗲𝘀𝘁 𝗩𝗮𝗹𝘂𝗲 𝗙𝗼𝗿 𝗠𝗼𝗻𝗲𝘆 है।
"Education ministers, are you alive?"
Private schools are looting poor parents by forcing them to buy expensive books only from selected publishers and shops.
Do state govts also take a share in this loot? Why are ministers silent on this issue?
क्या आपने भी बच्चों के लिए महंगी किताबें खरीदी हैं?
आप भी प्राइवेट स्कूलों की मनमानी से परेशान हैं?
आपको लूट से बचाने के लिए Zee News की मुहिम, किताबों का Bill हमें 9310497453 नंबर पर WhatsApp करें, हम करेंगे EXPOSE
#SchoolBookLoot#PrivateSchool#Books | @pratyushkkhare
This is a matter of grave concern, and the continued silence of the administration is troubling. Such unchecked practices resemble open exploitation, and urgent government intervention is necessary. Appreciation to News India 18 for bringing attention to this issue.
@ZeeNews@pratyushkkhare This is unacceptable. While the public suffers, the administration stays silent. This feels like open loot, and the government must step in immediately. Kudos to Zee News for exposing it.
200 रुपए के दो इरेज़र..भड़के छात्रों ने क्या कहा ?
आपको लूट से बचाने के लिए Zee News की मुहिम, किताबों का Bill हमें 9310497453 नंबर पर WhatsApp करें, हम करेंगे EXPOSE
#SchoolBookLoot#PrivateSchool#Books@pratyushkkhare
अलीगढ़
➡अलीगढ़ में प्राइवेट स्कूलों पर गंभीर आरोप
➡NCERT नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां
➡अभिभावकों पर निजी सिलेबस खरीदने का दबाव
➡NCERT से 10 गुना महंगी किताबें खरीदने को मजबूर
➡यूपी शासन के निर्देशों का भी नहीं हो रहा पालन
➡चिन्��ित दुकानों से ही किताबें खरीदने का दबाव
➡GD पब्लिक स्कूल पर अभिभावकों के गंभीर आरोप
#Aligarh #EducationNews #UttarPradesh @Dm_Aligarh
शिक्षा या स्कैम??
6500 की books लो और साथ में 2500 के स्टिकर लो, लेकिन UPI से पेमेंट नहीं करना है
मतलब दो नंबर के धंधे को स्कूलों द्वारा एक नंबर का बनाया जा रहा है.
निजी स्कूल माफियाओं के ख़िलाफ़ अभिभावक उतरे सड़कों पर‼️
♦️ निजी स्कूल मनमाने तरीक़े से बेतहाशा फ़ीस बढ़ा रहे हैं, अभिभावक परेशान हैं लेकिन सरकार उनकी बात तक नहीं सुन रही है
यह शिक्षा नहीं, बाज़ारी शोषण है।
ज्ञान को अधिकार मानने वाली लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी समान, सुलभ और न्यायपूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है। किंतु नीति-नियंताओं की चुप्पी निजी प्रकाशकों और स्कूलों की मनमानी को मानो वैधता प्रदान करती प्रतीत होती है।
क्या शिक्षा अब सामाजिक न्याय का माध्यम न रहकर मुनाफे का उद्योग बन चुकी है? सरकार स्पष्ट करे - यह नियंत्रणहीन लूट आखिर कब रुकेगी?
प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा या व्यापार ? 📚
आजकल स्कूलों में किताबों के नाम पर जो हो रहा है, वह वाकई चिंताजनक है। एक छोटे बच्चे की किताबों का सेट: ₹12,000/-
📍 वीडियो के कुछ चौंकाने वाले तथ्य:
➡ 100 पेज की साधारण नोटबुक - ₹350
➡ जूनियर क्लास की मात्र एक किताब - ₹900
➡ किताबों का कुल बिल - ₹12,000
क्या यह शिक्षा का प्रसार है या सिर्फ पैसा कमाने का जरिया ?
यूपी में प्राइवेट स्कूलों ने शिक्षा के नाम पर धन उगाही सेंटर खोल रखा है ।इन स्कूलों में KG, class 1 के किताबों का दाम लगभग 10 से 15 हजार तक और यही नही अगले साल ये किताबे किसी काम की नही क्योंकि सिलेबस ही बदल दिया जाता है वजह है ये कितने इन्हीं स्कूलों की अपनी प्रिंटिंग प्रेस में छपती है इस लिए आप को नया किताब ही खरीदना पड़ेगा इसके अलावा स्कूल बै���, ड्रेस सब कुछ शॉपिंग मॉल की तरह आप को स्कूल से ही लेना ही लेना है । शिक्षा के नाम पर इन प्राइवेट स्कूलों ने अंधेरगर्दी मचा रखी है सरकार भी इनके आगे नतमस्तक है ! हाल तो ये है कि स्कूल चले हम,साक्षर भारत और तमाम ऐसे अभियान सिर्फ और सिर्फ कागजों पर जिंदा है और विकसित भारत का सपना कोसों दूर #DLFGaziabad #Cmslucknow @myogioffice
इस महिला को सुनिए,
दिल्ली के शिक्षा विभाग के आ���े प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस के खिलाफ धरने पर खड़ी है लेकिन बुराई सरकारी स्कूलों की कर रही है। एक शब्द नहीं निकाल पा रही सीएम और मिनिस्टर के खिलाफ जो जिम्मेदार है।🤡
वैसे सरकारी स्कूल के बच्चे देश के सबसे पढ़े पदों पर है आज भी
प्राइवेट स्कूल लोगों का खून चूस रहे हैं। ये मुश्किल से दस बारह किताबें हैं, लेकिन इनकी कीमत दस हज़ार रुपये है। यह हाल देश की राजधानी दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों का है। @gupta_rekha सरकार @LtGovDelhi इस पर अंकुश लगाएगी? या आम आदमी यूं ही लुटता रहेगा?