जनपद अमेठी के विकासखंड मुसाफिरखाना में आवासीय/अनवासीय भवन निर्माण से विकास कार्यों को संचालित करने में सुविधा होगी तथा आम जनमानस को शासन द्वारा संचालित लाभार्थीपरक कार्यक्रमों से संतृप्त करने में सुविधा होगी तथा क्षेत्र का समग्र विकास होगा|
आज दिनांक 18 सितम्बर 2025 को विकास भवन सभागार में जनपद के समस्त खंड विकास अधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारियों की विकास कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक की गई तथा उन्हें आवश्यक निर्देश भी दिए गए।
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आज दिनांक 05 दिसंबर 2024 को विकास भवन सभागार में जिला विकास अधि��ारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, उपायुक्त श्रम रोजगार, उपायुक्त स्वतः रोजगार तथा जिला पंचायतराज अधिकारी अमेठी द्वारा जनपद के समस्त खंड विकास अधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारियों की विकास कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक की गई तथा उन्हें आवश्यक निर्देश भी दिए गए।
आज दिनांक 29 नवंबर 2024 को श्रीमती यशोदा देवी बालिका इंटर कॉलेज, विकास खंड भेटुआ में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत तहसील अमेठी के कुल 181 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया तथा सभी नवदंपत्तियों को सपरिवार शुभकामनाएं भी दी गई।
आज दिनांक 30 नवंबर 2024 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद में संचालित गोवंश आश्रय स्थल की समीक्षा संबंधित अधिकारियों के साथ की गई तथा गोवंश आश्रय स्थल के संचालन हेतु आवश्यक समुचित व्यवस्था यथा भूसा, पशु आहार, हरा चारा, पेयजल, शीत ऋतु से बचाव आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए गए।
अपने गोवंशों/पशुओं की ईयर टैगिंग कराए और सीधा निम्न लाभ पाए..........
अपने गोवंशों/पशुओं की ईयर टैगिंग कराने हेतु अपने क्षेत्र के पशु चिकित्साधिकारी तथा जनपद स्तर पर मुख्य पशु ��िकित्साधिकारी अमेठी से संपर्क कर सकते हैं।
आज दिनांक 09 सितंबर 2024 को कलेक्ट्रेट सभागार में "निपुण भारत एवं कस्तूरबा गांधी विद्यालय में संचालित कार्यक्रमों" से संबंधित समीक्षा बैठक संबंधित अधिकारियों के साथ की गई एवं उन्हें आवश्यक निर्देश दिए गए।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज दिनांक 8 सितंबर 2024 को जनपद में संचालित स्थाई तथा अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल में संरक्षित ऐसे गोवंश जिनकी ईयर टैगिंग नहीं है अभियान के माध्यम से उनकी ईयर टैग��ंग सुनिश्चित कराई जा रही है।
जनपद में संचालित गोवंश आश्रय स्थल में संरक्षित गोवंशों के खाद्यान्न हेतु हरा चार, भूसा, पशु आहार आदि एवं पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु नामित नोडल अधिकारियों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण कर गोवंश आश्रय स्थल संचालन हेतु समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई जा रही है।