₹1500 की एक छोटी-सी चीज़ न होने की वजह से कल मेरे दोस्त को करंट लग गया.?😭
कल शाम मेरे दोस्त का फोन आया
घबराई हुई आवाज़ में बोला
भाई कूलर में पानी डाल रहा था... अचानक जोर का करंट लग गया मैं तो बाल-बाल बचा हूं
मैंने पूछा घर में RCCB लगी है?
उसने कहा नहीं सिर्फ MCB है
यहीं ज्यादातर लोग गलती करते हैं
हममें से बहुत से लोग सोचते हैं कि MCB लगी है मतलब घर पूरी तरह सुरक्षित है
लेकिन MCB का काम शॉर्ट सर्किट और ओवरलोड से तारों व उपकरणों को बचाना है
अगर कूलर गीजर फ्रिज वॉशिंग मशीन या किसी दूसरे उपकरण की बॉडी में करंट लीक होने लगे तो हर बार MCB ट्रिप नहीं होती
ऐसे समय में RCCB करंट लीकेज पहचानकर तुरंत बिजली काट सकती है और बड़े हादसे का खतरा कम कर सकती है।
सबसे हैरानी की बात?
जिस सुरक्षा डिवाइस की कीमत सिर्फ ₹1200–₹2200 है वह आज भी कई घरों में नहीं लगी।
MCB = सामान की सुरक्षा करती है
RCCB = इंसानों की अतिरिक्त सुरक्षा देती है
अभी जाकर अपना बिजली बोर्ड देखिए आपके घर में RCCB लगी है या सिर्फ MCB? कमेंट में बताएं 👇
चलती ट्रेन में हुई इस घटना ने हर बेटी,बहन और महिला की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक युवक सोने का बहाना बनाकर पास बैठी लड़की को गलत तरीके से छूने की कोशिश करता दिखाई देता है
शायद उसे लगा कि उसकी इस हरकत पर किसी का ध्यान नहीं जाएगा और लड़की भी चुप रह जाएगी।
लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ।
जैसे ही लड़की को उसकी नीयत का एहसास हुआ, उसने बिना डरे और बिना घबराए वहीं डटकर विरोध किया और मनचले को जोरदार थप्पड़ जड़ दिया।
उस एक थप्पड़ में सिर्फ गुस्सा नहीं था बल्कि हर उस लड़की की आवाज थी जिसने कभी न कभी ऐसी किसी शर्मनाक हरकत का सामना किया है।
सोचिए, एक महिला जब घर से निकलती है तो वह सिर्फ अपनी मंजिल तक पहुंचने की चिंता नहीं करती, बल्कि रास्ते में अपनी सुरक्षा की भी चिंता करती है।
महिलाओं की सुरक्षा सिर्फ कानून या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सभी की जिम्मेदारी है।
इब्राहिम और पलक का वीडियो खूब वायरल है ....।
तुम लाख छुपाओ प्यार मगर दुनिया को पता चल जाएगा .....😁
क्योंकि हमारे देश में पेप्स का काम है सेलिब्रिटी के गांव से चिपके रहना इनको और कोई मुद्दा इस देश में दिखता नहीं है ....।
अरे यारो जीने दो किसी को खुल के उठा फोन पहुंच जाते है देश में बहुत मुद्दे है गरीबी महंगाई बेरोजगारी उनके मुद्दे उठाओ न लेकिन नहीं उठाएंगे दूसरों की पर्सनल लाइफ़ को उजागर करेंगे..
क्या ऐसा करना सही है ....???
₹1500 की एक छोटी-सी चीज़ न होने की वजह से कल मेरे दोस्त को करंट लग गया.?😭
कल शाम मेरे दोस्त का फोन आया
घबराई हुई आवाज़ में बोला
भाई कूलर में पानी डाल रहा था... अचानक जोर का करंट लग गया मैं तो बाल-बाल बचा हूं
मैंने पूछा घर में RCCB लगी है?
उसने कहा नहीं सिर्फ MCB है
यहीं ज्यादातर लोग गलती करते हैं
हममें से बहुत से लोग सोचते हैं कि MCB लगी है मतलब घर पूरी तरह सुरक्षित है
लेकिन MCB का काम शॉर्ट सर्किट और ओवरलोड से तारों व उपकरणों को बचाना है
अगर कूलर गीजर फ्रिज वॉशिंग मशीन या किसी दूसरे उपकरण की बॉडी में करंट लीक होने लगे तो हर बार MCB ट्रिप नहीं होती
ऐसे समय में RCCB करंट लीकेज पहचानकर तुरंत बिजली काट सकती है और बड़े हादसे का खतरा कम कर सकती है।
सबसे हैरानी की बात?
जिस सुरक्षा डिवाइस की कीमत सिर्फ ₹1200–₹2200 है वह आज भी कई घरों में नहीं लगी।
MCB = सामान की सुरक्षा करती है
RCCB = इंसानों की अतिरिक्त सुरक्षा देती है
अभी जाकर अपना बिजली बोर्ड देखिए आपके घर में RCCB लगी है या सिर्फ MCB? कमेंट में बताएं 👇
@shivamworldbit@Xkuldeepsingh09 यह तो बहुत ही सही समय है जब नया घर बन रहा हो और वायरिंग का काम बाकी हो तो समझो आधी टेंशन वैसे ही खत्म हो गई आप बिल्कुल सही फैसला ले रहे हैं
Actual incident
कल सुबह भाई-बहनों के साथ घूमने निकली थी। रास्ते में अचानक सब का कचोरी का मन किया, तो एक मिठाई की दुकान पर रुक गए।
मैंने तो फोन निकाला और दुकान की खूबसूरत मिठाइयों की फोटो लेने लगी। सादा बर्फी, कलाकंद, रसगुल्ले, पेड़ा, गुलाब जामुन, काजू कतली... सब कुछ इतना टेम्प्टिंग लग रहा था कि क्लिक किए जा रहे थी।
लेकिन मेरी फोटो खींचने की मुद्रा देखते ही पूरा स्टाफ Attention! मोड में आ गया 😂
एकदम से सुनाई देने लगा
"अरे ! इनके लिए कचोरी के साथ अच्छे से चटनी रखना... कढ़ी भी रख दो... दो चम्मच, नैपकिन, एक्स्ट्रा दोने रख देना... और हाँ, गरम-गरम सर्व कर देना!"
मैं तो चुपचाप फोटो ले रही थी, पर उन्हें लगा पता नहीं कौन है और क्यों फोटो क्लिक कर रही है!
(देखने में बहुत स्मार्ट लगती हूं मैं 😂)
पूरा स्टाफ अलर्ट हो गया और मुझे देखकर हँसी भी आ रही थी और मजा भी आ रहा था।
सच में, इन छोटी-छोटी दुकानों का प्यार और ध्यान देखकर दिल खुश हो जाता है। हम तो बस कचोरी खाने आए थे, पर मिल गई VIP ट्रीटमेंट✌️
क्या कभी इस तरीके का घटनाक्रम आपके साथ हुआ है।
देसी का दम...🍷🍷
देसी दारू: वो पेय पदार्थ है जो इंसान को कुछ घंटों के लिए अर्थशास्त्री, शायर और पहलवान तीनों बना देती है 🤣
मतलब..
कम खर्च ज्यादा आत्मविश्वास 🤣
क्या आपके आसपास कोई ऐसा आत्मविश्वासी इंसान है ❓
@NayiSochHQ दिल्ली जैसे घने इलाकों में इतने बड़े कमर्शियल स्पेस बिना जांच-परख के कैसे चल रहे होते हैं जब तक कोई बड़ा हादसा नहीं होता तब तक प्रशासनिक विभाग नींद से नहीं जागते
Delhi में बड़ा हादसा
Malviya Nagar के Flourish Stay Hotel में लगी भीषण Fire ने 21 लोगों की जान ले ली। मृतकों में कई Foreign Nationals भी शामिल बताए जा रहे हैं।
आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ लोग जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से Jump करने पर मजबूर हो गए।
स्थानीय लोगों ने Rescue के लिए गद्दे बिछाए। कई लोगों को सुरक्षित निकाला गया,जबकि मामले की Investigation जारी है।
आपको क्या लगता है इस घटना का जिम्मेदार कौन है 👇👇
अभी के टाईम ये ट्रेंड वहुत ज्यादा वायरल हो रहा है सोसल मिडिया पर लेकीन मेरे ये समझ नहीं आ रहा है की कटना चाहता है इस पेड़ को कट रहा है वह पेड़ ये केसे हो रहा है!😱😱
“गाजीपुर: होटल कारोबारी के बेटे की हत्या का आरोपी STF मुठभेड़ में ढेर, SOG प्रभारी भी घायल 😳
गाजीपुर से बड़ी खबर सामने आई है। करोड़पति होटल कारोबारी के बेटे की हत्या के मामले में वांछित आरोपी कमलेश चौधरी को STF ने मुठभेड़ के दौरान मार गिराया।
जानकारी के अनुसार, STF की टीम आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। इसी दौरान हुई मुठभेड़ में कमलेश चौधरी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मुठभेड़ के दौरान SOG प्रभारी रोहित मिश्रा भी गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। अधिकारियों के मुताबिक उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
गौरतलब है कि कमलेश चौधरी पर होटल कारोबारी के बेटे की हत्या का आरोप था और पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और मामले की आगे की जांच जारी है।
हत्याकांड के मुख्य आरोपी के एनकाउंटर के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है, जबकि घायल SOG प्रभारी के उपचार पर भी सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। 🤔
@Viewonviral लोकतंत्र का नियम यह है कि संस्थाएं हमेशा व्यक्ति से बड़ी होनी चाहिए लेकिन आज चाहे केंद्र की राजनीति हो या राज्यों की हर जगह एक सुपरमैन वाली छवि गढ़ने की होड़ मची है
क्या भारतीय राजनीति नार्सिसिज़्म की शिकार है?
जब नेता खुद को व्यवस्था से बड़ा दिखाने लगें और हर उपलब्धि को अपने नाम से जोड़ने लगें, तब लोकतंत्र से ज़्यादा व्यक्तित्व केंद्र में आ जाता है।
जनता की समस्याओं से अधिक अपनी छवि की चिंता करना नार्सिसिस्ट प्रवृत्ति की पहचान मानी जाती है।
लगातार प्रशंसा सुनने की इच्छा और आलोचना को दुश्मनी मान लेना स्वस्थ लोकतांत्रिक सोच नहीं है।
सोशल मीडिया पर छवि निर्माण और व्यक्तिगत महिमामंडन कई बार जनसेवा से अधिक प्राथमिकता लेता दिखाई देता है।
जब संस्थाओं की बजाय एक चेहरे को ही सफलता का प्रतीक बनाया जाए, तो लोकतांत्रिक संतुलन कमजोर पड़ सकता है।
क्या भारतीय राजनीति में जनसेवा पीछे छूट रही है और व्यक्तित्व-पूजा आगे बढ़ रही है?