Drishti IAS के founder विकास दिव्यकीर्ति जब reservation के समर्थन में यह तर्क रखते हैं कि हजारों वर्षों तक शिक्षा पर सिर्फ ब्राह्मणों का अधिकार था, तो Ajeet Bharti ने इसी दावे को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया।
अगर ��सा हुआ है तो उसका प्रमाण दो! सिर्फ़ मुंडी हिला के बोल देने से इतिहास नहीं बदल जाता। अगर ऐसा है तो प्रमाण दो। विकास दिव्यकीर्ति ही वो व्यक्ति हैं जिसने“स्तन टैक्स” वाली झूठी कहानी लोगों तक परोसी थी!
RHA की अब तक की सबसे बड़ी जीत:
१. आरक्षण पर सोशल मीडिया और मीडिया में लगातार चर्चा
२. आरक्षण पर ‘दलित नेता’ की जगह अमुक जाति बनाम अमुक जाति का वाक्��ुद्ध
३. आरक्षण पर लोगों के पास आँकड़े, तथ्य और तर्क
४. सरकार द्वारा एकता तोड़ने के प्रयास, जो लोगों को दिख रही है
५. आरक्षण पर उपेक्षित जातियों के कंटेंट क्रिएटर्स द्वारा खुल कर अपनी बात रखने का आरंभ
आने वाले दिनों में यह और वृहद् और व्यापक होने वाला है। नवंबर की प्रतीक्षा कीजिए।
@RahulGandhi लग रहा डुबोने का ठिका ले रखा है आपने ।
कुएं से कौन पानी पीता है इस समय।
कुल्हड़ और डिस्पोजल पैसे पे डिपेंड करता है।
कहा से इतना चु..... पा लाते हो।
आरक्षण का मुद्दा इतना गरम है कि कोई चिमटे से भी नहीं छूना चाहता।
किसान के बच्चे को आरक्षण मिले या सांसद-विधायक के बच्चे को ?
रिक्शा चालक और मनरेगा मजदूर के बच्चे को मिले या कंपनी के वाइस सीईओ, आईएएस, आईजी, डीजीपी के बच्चे को?
क्रीमी लेयर सिस्टम लागू करो। महीने 50 हजार कमाने वाले को आरक्षण की क्या जरूरत ?
आरक्षण रिव्यू करना जरूरी है। जो कहते हैं “छूना मत"...
अगर वाकई दलितों से लगाव है तो एक जिले में पूरा स्कूल सिर्फ दलित टीचर्स का बनाओ,
एक सरकारी अस्पताल सिर्फ दलित डॉक्टरों का,
एक मेडिकल कॉलेज, एक IIT/NIT पूरी तरह दलित फैकल्टी वाला। सांसद-मंत्री-कलेक्टर अपने बच्चे वहीं भेजें।
हवा-हवाई बातें बंद करो। दलित कल्याण दिखना भी चाहिए। जब 10 करोड़ आवाजें उठेंगी तभ�� बदलाव आएगा।
अश्वनी उपाध्याय - अधिवक्ता
ये बीजेपी के सवर्ण नेता है जिनका जमीर सोया हुआ है 😡😡
इन्होंने मोदी जी की चाटुकारिता के अलावा कभी कुछ नहीं किया 😡😡
ना UGC पर कुछ बोले, ना आरक्षण आंदोलन पर। बस फर्जी राष्ट्रवाद करवा लो इनसे। दिन भर कांग्रेस और दूसरे दलों को वंदे मातरम् का ज्ञान देंगे।
इन गद्दारों के लिए दो शब्द 😡😡
और किसी गद्दार सवर्ण नेता का नाम ध्यान आए तो डालते जाइए फोटो के साथ 😡😡
@SudhanshuTrived@sambitswaraj@KapilMishra_IND@girirajsinghbjp
आज अजीत भाई को हम सब के समर्थन की जरूरत है।
क्या देश में मौलिक अधिकार “जाति विशेष” तक सीमित है।
ब्राह्मण लड़कियों के बारे में अभद्र टिप्पणियों पर कभी FIR क्यों नहीं होती ?
ब्राह्मणवाद से आज़ादी मांगने वाले पर भी FIR नहीं होती।
लेकिन अगर कोई पलट कर जवाब दे दे,
तो पूरे समाज की भावना आहत हो जाती है, आख़िर क्यो ? 🤷🏻♂️
आज का लाइव ऐसा होगा
फिर कभी नहीं जैसा होगा
एट्रोसिटी एक्ट के खोलेंगे धागे
रख कर दलितों को ही आगे
चुन-चुन कर वीडियो लाएँगे
सब तथ्य दिखाए जाएँगे
मंचों के बोल भी आएँगे
हर इमेज सजाए जाएँगे
सवर्णों की भी बेटी होती है
उसकी भी इज्जत ह���ती है
वो राह चलती वेश्या नहीं
मैं चुप सुनने वाला प्रेश्या नहीं
हर रंग दिखाऊँगा तुमको
धो-धो के सुखाऊँगा सबको
—
मित्रों, आप सबके स्नेह और समर्थन का आभार! मेरी बहन आपकी भी बहन है, और आपकी बहन मेरी भी बहन है। मेरे वचन तब कटु हुए जब किसी ने उसे राह चलती किसी वस्तु की तरह देखा। मेरी बहन का ऑब्जेक्टिफिकेशन किसी नारीवादी को नहीं दिखा, पर जब एक कथित रावण समर्थक को मैंने लक्षित करके कुछ कहा तो तुम्हें ध्यान आया कि मेरी मानसिकता सड़ी हुई है।
मैं जहाँ से आता हूँ, यदि यह बात मुझे कोई सामने से कहता तो मेरे ऊपर यह धाराएँ नहीं लगती, वो कोई और धारा होती। मैं आत्मनियंत्रण वाला व्यक्ति हूँ और ट्रोल की ट्रोलिंग को उसी तरह से थामना जानता हूँ।
बाकी, जो भी होगा वह प्रारब्ध है। पर हाँ, सवर्णों की बेटियाँ किसी भी शोषित-वंचित के डिजिटल उपभोग या विकृत यौन मानसिकता के प्रयोग की वस्तु नहीं।
Hello @DelhiPolice एक दिन में आपने ग़लत बोलने वाले @ajeetbharti पर FIR ���जिस्टर कर ली !!
लेकिन पिछले एक साल से हज़ारो प्रयास के बाद भी मेरे साथ शोषण करने वाले सांसद पर FIR क्यों नहीं की ?
आप किस���े इशारों पर काम करते हो ?
11 सितंबर को दिल्ली पुलिस थाने में आ कर ही धरना दूँगी क्या मैं महिला नहीं हूँ मेरे सम्मान का क्या ?
#Law #Delhi
रिजर्व��शन की बात करते उसे जनरल कास्ट Vs SC/ST/OBC की लड़ाई बनाने की साज़िश वही लोग करते हैं जिन्हें इस वीडियो में बतायी सच्चाई पता है।
देखिए कैसे ओबीसी की 75% जातियों को 3% हिस्सा भी नहीं मिला आरक्षण के फायदे का और 25% जातियां 97% फायदा ले गईं।
उन्हें पता है समीक्षा होगी तो पूरे देश का सच सामने आ जाएगा
महिपाल सिंह मकराना सवर्णो के लिए शानदार स्पीच दी है
हरियाणा का जाट भी सवर्ण समाज में आते है, इसलिए अपील की थी, जाट समाज को समर्थन नही देना है तो मत दिजिए, आपके बच्चो की फिक्र आपको नही है कोई बात नही,आपकी मजबूरी होगी वोटबैंक लेने की,क्षत्रिय मजबूत था और मजबूत है, और हमेशा मजबूत रहेगा-मकराना
हरियाणा की राजधानी ��ंडीगढ़ पंचकूला पहुंचने पर बोले करणी सेना प्रमुख-महिपाल सिंह मकराना ने सामान्य वर्ग से किया -आह्वान ✊
मेरे ऊपर SC/ST एक्ट में FIR पर कुछ बातें सवर्ण समाज से
कोई मेरी माँ या बहन पर सीधे बलात्कारी मानसिकता के साथ यह कहे कि उसका विवाह मैं चंद्रशेखर के साथ करा दूँ, और मैं चुप रह जाऊँ तो ���प बताइए कि मैं कैसा पुत्र या भाई हूँ?
इतने पर भी चंद्रशेखर को ले कर मैंने कोई जातिसूचक शब्द नहीं बोला, जो उक्त वीडियो में है। जब स्टेज से ब्राह्मणों की बेटियों को खींचने की बातें होती हैं और किसी SC नेता का चेला सोच-समझ कर उकसाने के लिए ऐसी बात करेगा, तो मैं चुप कैसे रहूँगा?
आज व्यक्ति अपने मौलिक अधिकारों को समझे या न समझे, वह यह अवश्य जानता है कि SC/ST एक्ट क्या है। तो मैं जब बोलता हूँ तो मुझे अपनी सीमाएँ (चाहे वह कितनी ही अनुचित क्यों न हों) पता हैं कि क्या बोलना है, क्या नहीं।
मैं जानता हूँ कि दिल्ली पुलिस के नॉर्थ अवेन्यू स्टेशन में आजाद समाज पार्टी वालों ने कितना दवाब दे कर रात के बारह बजे ���ह FIR लिखवाया है जो कोर्ट में दो मिनट नहीं टिकेगा। एक भी धारा ऐसी नहीं है जो होल्ड करेगी।
मैं सैनिक स्कूल का छात्र हूँ और इतनी रैगिंग झेल चुका हूँ कि मेरा मनोबल तोड़ने के लिए दिल्ली पुलिस को कस्टडी में मेरी हत्या करनी पड़ेगी, दो-चार डंडों से मेरा मनोबल नहीं टूटने वाला। और यदि मैं जीवित बच गया तो इसी स्थिति में जंतर मंतर जाऊँगा और अपने समाज से कहूँगा कि बताओ, तुम्हारी बहन और माँ को ले कर कोई ऐसी टिप्पणी करे तो क्या करोगे?
यदि ऐसा कमेंट फिर मेरे वीडियो पर आया तो मैं पुनः उसी तरीके से उत्तर दूँगा जो मैंने दिया। कानून जब तक है, संशोधन नहीं होता, मैं उसका सम्मान करूँगा और दिल्ली पुलिस के साथ पूर्ण सहयोग करूँगा। 92% ऐसे केस केवल प्रताड़ित करने के लिए होते हैं।
अंत में, सवर्ण समाज से यह पूछना चाहता हूँ कि क्या इस तरह की टिप्पणी पर मुझे सह ले���ी चाहिए थी क्योंकि किसी पार्टी के लोग नाराज हो जाएँगे? क्या ब्राह्मणों की माँ और बहनें इन रेप मैंटिलिटी से संचालित गुंडों के शाब्दिक बलात्कार के लिए जन्म लेती हैं?