कान खोलकर सुन ले सरकार
हमारी पहली मांग।
78000 प्राइमरी शिक्षक भर्ती का विज्ञापन इस महीने जारी किया जाए।
बाकी सारे मुद्दे और लोगों के हक और अधिकार के लिए हम युवा खुद मोर्चा खोलेंगे।
Inflation in the country is at its peak,
unemployment is rising,
there’s a shortage of petrol and diesel,
but our Prime Minister is busy making reels. What a leadership 🤡 Peak diplomacy 🤡
प्रधानमंत्री मोदी सत्र शुरू होने से पहले 8 मिनट 25 सेकंड बोले - और उनके पास मणिपुर के लिए सिर्फ़ 36 सेकंड थे? मणिपुर पर बोलने के बजाय आप राजस्थान और छत्तीसगढ़ पर ताने देने लगे?
घटना 77 दिन पुरानी है और आपको वाक़ई में अब पता चल रहा है इसके बारे में?
सच तो ये है कि इस हैवानियत के आप भी उतने ही ज़िम्मेदार हैं जीतने वीडियो में दिखने वाले दरिंदे.
आज इस देश की हर औरत नंगा महसूस कर रही है - लगता है कोई शरीर ही नहीं आत्मा को भी नोच रहा हो.
धिक्कार है, लानत है आप पर मोदी जी, दुर्भाग्य है आप इस देश के प्रधानमंत्री हैं.
मित्र, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ लक्ष्मण यादव Dr @DrLaxman_Yadav संग प्रिया चौहान के शुभ विवाह के सुअवसर पर वर वधु को शुभकामनाएँ 🌷 💕और💕 💐 बधाई 🌺।
साथ में डॉ रतन लाल Dr @ratanlal72 और डॉ सूरज मण्डल Dr @suraj_yadav2005 Mandal।
#weddingparty
कहासुनी: नए संसद के उद्घाटन के दिन राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने ताबूत और संसद भवन की तस्वीर ट्वीट कर के पूछा है 'ये क्या है'?
बीजेपी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि देश की जनता आपको (आरजेडी) नए लोकतंत्र के मंदिर में आने का मौका नहीं देगी.
इसपर आपकी राय क्या है?
पहलवान बेटियों को जबरन सड़क पर घसीटने वाली केंद्र सरकार संसदीय मर्यादाओं की दुहाई देकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रही है, लेकिन बेटियों की चीख आज हुक्मरानों को नहीं सुनाई दी। हमारी बेटियों को हिरासत से छोड़ने और न्याय मिलने तक किसान गाजीपुर बॉर्डर पर डटे रहेंगे। @ANI@PTI_News
ये जो दो बेटियां तिरंगे के साथ सड़क पर गिरी हुई हैं, इन्होंने विश्व में तिरंगे का नाम रोशन करने में कोई कसर नहीं रखी, इनके साथ ऐसा सलूक ????
न्यायालय द्वारा मंज़ूर धरना स्थल #जंतरमंतर से भारत के ओलंपिक पदक विजेता पहलवानों को हिरासत लेना और पुलिस द्वारा उनके टैंट और तंबू हटाना लोकतंत्र की हत्या है।
पता नहीं क्यों मुझे लग रहा है किं मनुवाद की फिर से शुरू करने की बू… सी रही है
हज़ार किलोमीटेर से बाबा लोगो को निमंत्रण दे कर एक दिन पहले ब���लाया जा सकता है लेकिन चंद सौ मीटर से एक दलित राष्ट्रपति को नहीं निमंत्रण दिया जा रहा है , जनतांत्रिक प्रणाली में राष्ट्रपति ही पहला नागरिक होता है