4 जुलाई 2026 को महान युवा प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी की पुण्यतिथि पर शत-शत नमन💐 उनके विचार आज भी करोड़ों युवाओं को आत्मविश्वास, राष्ट्रभक्ति और सफलता की प्रेरणा देते हैं। "उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।"@HCBA6@BarCouncilofUP@myogiadityanath
व्यायामं कुर्वतो नित्यं विरुद्धमपि भोजनम् । विदग्धमविदग्धं वा निर्दोषं परिपच्यते ॥
भावार्थ :
व्यायाम करने वाला मनुष्य गरिष्ठ, जला हुआ अथवा कच्चा किसी प्रकार का भी अयोग्य भोजन क्यों न हो, चाहे उसकी प्रकृति के भी विरुद्ध हो, भलीभांति पचा जाता है और कुछ भी हानि नहीं पहुंचाता ।
पूज्यनीय @myogiadityanath जी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र' ट्रस्ट के नृपेंद्र मिश्रा,चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र के विरुध्द भी अभियोग पंजीकृत कर जेल भेजा जाना चाहिए ! यदि ऐसा नहीं होता तो राम भक्तों के साथ अन्याय होगा… @myogioffice@CMOfficeUP@UPGovt@HCBA6@BarCouncilofUP
महान योद्धा, दूरदर्शी शासक और 'शेर-ए-पंजाब' महाराजा रणजीत सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि💐 उनका अद्वितीय पराक्रम, राष्ट्रप्रेम और न्यायपूर्ण शासन सदैव इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित रहेगा।@HCBA6@BarCouncilofUP@myogiadityanath@myogioffice
प्रशा��निक सेवा हो या कोई संगठन या कोई संस्था छोटे कर्मचारियों को ही दंड क्यों दिया जाता हैं,उच्च पदाधिकारी/अधिकारी दंड से वंचित रह जाते हैं, ऐसा क्यों? चंपत राय,डॉ अनिल मिश्र की गिरफ़्तारी क्यों नहीं हुई…?
यह प्रश्न सभी राम भक्तों का हैं-@PMOIndia @narendramodi @myogiadityanath
अपराधी से माननीय बने पृष्ठभूमि वाले लोगों की ओर युवाओं का आकर्षण एक गंभीर सामाजिक और मनोवैज्ञानिक चिंता का विषय है।त्वरित सफलता, आकर्षण (ग्लैमर), और शक्ति का आकर्षण बहुधा युवाओं को भ्रमित करता है।यद्यपि , अपराध का महिमामंडन मात्र अस्थायी भ्रम है।@HCBA6@BarCouncilofUP@BJP4India
राजनीति का अपराधीकरण भारत में एक गंभीर और चिंताजनक निर्गमन (मुद्दा) है। जब दागी छवि वाले लोग सत्ता में आते हैं, तो आम जनमानस को न्याय मिलने की राह में बड़ी बाधाएं उत्पन्न होती हैं। इसके कारण कानून का शासन कमजोर पड़ता है और आम नागरिकों का संस्थाओं से भरोसा उठने लगता है।@HCBA6
@mahijamwal0404 जय श्री सीताराम जय श्री सीताराम जय श्री सीताराम जय श्री सीताराम जय श्री सीताराम जय श्री सीताराम जय श्री सीताराम जय श्री सीताराम जय श्री सीताराम जय श्री सीताराम