माननीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp
जी तृतीय श्रेणी शिक्षक ट्रांसफर कीजिए
जो साथी घर बैठे हैं कम से कम ट्वीट रिट्वीट शेयर करो जो भी आपको थर्ड ग्रेड शिक्षक ट्रांसफर से संबंधित पोस्ट मिले, अगर ट्रांसफर खुलते है। तो सभी को फायदा होगा
#तृतीय_श्रेणी_अध्यापक_ट्रांसफर
तृतीय श्रेणी शिक्षकों ने तबादलों की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चूरू में हजारों शिक्षकों के जनसैलाब ने सरकार से पूछा कि केवल उन्हें ही तबादलों से बाहर क्यों रखा गया है। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन
@Amitteacher3 Dear Consumer,
We have shared your query with concerned officers and they will take further action on these thanks for sharing information with us.
-Team JDVVNL
@Amitteacher3@RajCMO@RajGovOfficial Dear Consumer,
Your complaint has been registered with us against Complaint Number: 310441035271
our concern team will get resolve it asap for you.
-Team JdVVNL
हमारे घर में इतनी भयंकर गर्मी में भी पिछले 24 घंटे से बिजली नहीं आ रही है। बिजली के पाॅल से मीटर ( मैन सप्लाई )का तार हिल रहा है सूचनार्थ प्रेषित है।
🙏सप्लाई ठीक करने हेतु अनुरोध।🙏
सादपुरा,सिद्धमुख चुरु
K no. 310441026095
M.👉 8696706353
@RajCMO@ccc_jdvvnl@RajGovOfficial
नीचता की कोई सीमा नहीं होती
एक 16 साल के बच्चे को मिलकर पीटने वाले ये लोग बाद में लूटपाट का इल्जाम भी उस बच्चे पर लगाने की प्लानिंग कर रहे थे जिसका वीडियो किसी ने बनाकर वायरल कर दिया है। पता नहीं ये लोग भगवान के घर क्या मुंह दिखाएंगे। इतने लोग मिलकर एक बच्चे को पीटेंगे भी और उसे जेल में डालने का इंतजाम भी करेंगे जबकि वह जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।
इस मारपीट कांड ने लोगों को विचलित कर दिया है। लोगों में भारी गुस्सा भी है जो सोशल मीडिया पर नज़र आ रहा है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है और उनके जुलूस भी निकाल दिया है लेकिन ऐसे लोगों को जब तक कठोर सजा नहीं मिलेगी तब तक कोई सख्त संदेश नहीं जाएगा।
जंगलराज नहीं देखा हो तो देख लीजिए
जो पिट रहा है, वह एक 16 साल का किशोर बताया जा रहा है और किराये के एक रुपए के डिफरेंस के विवाद में यह घटना हुई है।
घटनाक्रम हनुमानगढ़ जिले के भादरा क्षेत्र का बताया जा रहा है। एक 16 वर्ष के बच्चे के साथ ऐसी निर्दयता करते हुए वैसे ��ो किसी के भी हाथ कांप सकते हैं लेकिन अब समय बदल गया है। पांच-पांच लोग एक बच्चे पर पिल पड़े, शर्म भी नहीं आई। और पुलिस ने भी इस हमले का मामला बहुत साधारण धाराओं में लिखा बता रहे हैं।
उम्मीद है, इन हैवानों को अपने किए की सजा मिलेगी।
@HmghPolice @PoliceRajasthan @Rajeev_ips @BhajanlalBjp
#ग्रीष्मावकाश_कटौती_नहीं_चलेगी
शिक्षा विभाग राजस्थान सरकार ने हठधर्मिता अपना ली है कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को 20 जून तक ही ग्रीष्मावकाश दिया जायेगा। शिक्षक संघों व शिक्षकों ने सरकार द्वारा 1 अप्रैल से नवीन सत्र प्रारंभ करने के फैसले का स्वागत किया और इसे सफल बनाने में समर्पित होकर कार्य किया लेकिन यह कैसी असंवेदनशीलता है कि विषम परिस्थितियों वाले राजस्थान में जहां मई व जून के महीने में एक व्यस्क व्यक्ति के भीष्ण गर्मी से पसीने छूट जाते हैं वहां 6 वर्ष से लेकर 17 वर्ष तक के बच्च���ं को स्कूल बुलायेंगे।
एक तरफ हीटवेव, आंधियां, लू, भीष्ण गर्मी, सूर्य की तीखी किरणों का प्रकोप रहता है और दूसरी तरफ आवागमन के संसाधन क्या है सरकारी विद्यालयों के बच्चों के पास कुछ नहीं। क्या उनके स्वास्थ्य व सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
शिक्षकों से विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत कार्य करवाया गया लगातार चार महीने रविवार का भी अवकाश नहीं लिया। चुनाव के लिए कार्य किया, अब ग्रीष्मा���काश में भी अधिकतर शिक्षक जनगणना का कार्य कर रहे हैं। प्रत्येक रविवार को प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन करवाते हैं तो फिर सरकार आखिर चाहती क्या है शिक्षकों से? जिस तरीके से सरकार लगातार शिक्षकों पर काम का दबाव बढ़ा रही है यह शिक्षकों के साथ अन्याय है। बच्चों का स्वास्थ्य व शिक्षकों का अधिकार हमारे लिए केंद्र बिंदु है और सभी शिक्षक मिलकर इस फैसले का हम विरोध करते हैं।
जहां केंद्रीय विद्यालयों में ग्रीष्मावकाश 49 दिन, नवोदय विद्यालय में 60 दिन यहां तक की महाविद्यालयों में 61 दिन तो फिर विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले राजस्थान में 35 दिन क्यों?? सरकार तत्काल ग्रीष्मावकाश पूर्ववत 17 मई से 30 जून तक करें और इसके साथ ही ग्रीष्मावकाश कम से कम 50 दिन करने पर विचार करें।
शिक्षकों के अवकाश कटौती कर सरकार कर्मचारियों को आंदोलन के लिए मजबूर कर रही है। ग्रीष्मावकाश कटौती पर शिक्षक संगठन व शिक्षक एकजुट हैं और लामबंद ह��कर बड़े आंदोलन की तरफ अग्रसर हो रहें हैं, सरकार इस फैसले पर पुनर्विचार करें तथा ग्रीष्मावकाश 50 दिन करने का विचार करें।
मई व जून माह में मौसम विभाग की लगातार एडवायजरी जारी होती है कि सब अपने घरों में रहें मौसम बिगड़ने की संभावना है, आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि, तेज आंधियों का खतरा रहता है और इन सबके अलावा भीषण गर्मी तो लगातार रहती है और सरकारी विद्यालयों में आने वाला बच्चा अभावग्रस्त पृष्ठभूमि से होता है, वो ना तो पीने के लिए पानी की बोतल लाते हैं और दो तीन किलोमीटर का स���र भी पैदल तय करते हैं , इसलिए सरकार को राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षकों के अवकाश में कटौती नहीं करते हुए अवकाश पुनः 17 मई से 30 जून तक किये जाये , अन्यथा विरोध किया जायेगा।
माननीय मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp जी आप संज्ञान लेकर फैसले पर विचार कीजिए।
@RajCMO @RajGovOfficial @AvinashGehlot_ @DrSatishPoonia @mhrd_innovation @rajeduofficial @svoruganti1466 @TikaRamJullyINC @ashokgehlot51 @GovindDotasra @saten_08 @DharmendraS_inc @AshokChandnaINC @jayantrld @PMOIndia @rpbreakingnews @DainikBhaskar @arvindchotia @AshishModiIAS @drarushimalik@IASNJ @Nathmal70602774 @kana_ias @artizzzz @dpradhanbjp @lalitmeenabjp @AmitBudania9121 @ProfCong @zeerajasthan_ @1stIndiaNews @pantlp
आदरणीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी
राजकीय ���हाविद्यालयों में ग्रीष्मावकाश 1 मई से 30 जून तक रहेगा।
और स्कूलों में
17.05 से 20.06 तक
क्या छोटे बच्चों पर गर्मी और लू का असर कम होता है?
ऐसे निर्णय आपके शासन में क्या उचित है?
पुर्नविचार करें।
@madandilawar @RajCMO @GovindDotasra
@meesho_support मैंने दिनांक 18-3-2026 को एक ऑर्डर किया जिसकी ऑर्डर संख्या 265870812258473472 है जो आज दिनांक तक डिस्पैच नहीं किया गया है आपसे निवेदन है कि जल्द ही मेरा ऑर्डर भिजवाने का कष्ट करें।