1943 में बंगाल famine (अकाल) के दौरान "विंस्टन चर्चिल" ने भारतीयों की हुई 30 लाखों मौतों को अच्छे से छिपाकर रखा, जो भी इस बारे में बात करता चर्चिल उसपर ही कार्रवाई कर देता, ठीक वैसे ही जैसे अभी योगी जी करते है, जो भी इस पर बात करता है, उसपर ये करवाई कर देते है, लेकिन फिर