बिहार में जब से राज्यपाल सैयद अता हसनैन साहब आए हैं, विश्वविद्यालयों में विचित्र समस्याएँ होने लगी हैं। पहले की एड-हॉक नियुक्त���याँ रद्द की जा रही हैं, और उनकी जगह पर किसे रखा जाएगा यह पता नहीं है।
लेकिन मुख्य समाचार वह नहीं है। हाल ही में बिहार में 'डिग्री कॉलेज' खुले हैं और उसमें नियुक्तियाँ होनी थी। चूँकि कॉलेज है तो, अर्हता कॉलेज स्तर के प्रोफेसर की होनी चाहिए, परंतु इन्होंने कह दिया कि स्कूल के जिन शिक्षकों के पास पीएचडी है, व��� इन डिग्री कॉलेजों में पढ़ा सकते हैं। कोई लॉजिक नहीं है इस बात का।
इन्होंने विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों के लिए जितनी बार ड्राफ्ट नियम निकाले, हर बार वो UGC के विरोध में थे। जैसे कि MPhil का कॉन्सेप्ट अब नहीं है, पर इन्होंने वो भी जोड़ा। पीएचडी सर्वोच्च डिग्री है, पर वेटेज JRF का 18, पीएचडी का 10 किया है।
डिग्री कॉलेज का सत्र 1 जुलाई से आरम्भ होना है और आज यह अधिसूचना आई है कि 9-12 तक को पढ़ाने वाले शिक���षक, इन कॉलेजों में पढ़ाएँगे। गवर्नर साहब यह तो बताएँ कि 7 दिनों में शिक्षक से प्राध्यापक वो कैसे बन जाएँगे और विषय की गहराई कैसे माप लेंगे?
और, ये नियुक्तियाँ आप प्राध्यापक के पदों पर पूरे राज्य में एड-हॉक पर पढ़ाने वाले युवा प्रत्याशियों को नहीं दे सकते थे? इतने दिन से विभाग कर क्या रहा था? क्या UGC की गाइडलाइंस पढ़ने वाला कोई नहीं मिला या अपने विवेक से ऐसे निर्णय लिए गए?
आपने PET के माध्यम से जो बच्चे नियुक्ति पाते थे, उसे किस कारण से निरस्त कर दिया गया? अब बिहार के बच्चे क्या करेंगे जो NET की जगह PET के माध्यम से आया करते थे? आप बिहार में एकरूपता कैसे ला सकते हैं जहाँ बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में कॉलेज ३ महीने चल ही नहीं पाते?
राज्यपाल महोदय से आग्रह है कि थोड़ी प्रैक्टिकैलिटी लाएँ, CM @samrat4bjp इसे देखें कि उच्च शिक्षा विभाग कर क्या रहा है। ब��हार आख़िर UGC रेगुलेशन को क्यों फॉलो नहीं कर रहा? बच्चे NET क्वालीफाई कर के बैठे हुए हैं और आप स्कूल के शिक्षकों को किस आधार पर प्रमोट कर रहे हैं?
@ABVPVoice आप लोग क्या कर रहे हो? सड़कों पर उतरो ये आप ही लोगों के अधिकार की बात है।
हिंदुओं को गुरुद्वारा जाने की चुल्ल मची रहती है, इसलिए ये लोग मारते हैं। वीर पुरुष हैं, निहंग हैं, निहत्थों पर वीरता ऐ���े ही निकलती है। मज़ार और गुरुद्वारा जाना ही क्यों है? तुम्हारे मंदिर कम हो गए हैं? वो नहीं मानते तुम्हें अपना, तुम क्यों चिपकना चाहते हो? उनका समाज भी कभी इस पर सामूहिक रूप से नहीं बोलता।
उनके लिए तुम बिहारी, भैये और कुत्ते-सूअर जैसे हो। नस्लभेद, घटिया जातिवाद और क्षेत्रवाद का भौंडा प्रदर्शन हो रहा है।
चाहे पप्पू ���ादव हो या कोई अन्य, जो भी पैसा देते हुए ऐसे वीडियो बनाता है, वो केवल अपनी ब्रांडिंग के लिए ऐसा करता है। तुम सेलिब्रिटी हो तो फंड रेजिंग करो, कम से कम 20-25 लाख टाइप का। 25-50 हजार दे कर साले अपना फोटो खिंचाएँगे।
चंपत राय ट्रस्ट का गिरोह ऐसा अनैतिक है कि इन लोगों ने अभी तक मंदिर परिसर से स्वयं को अलग नहीं किया है। ये वहीं जमे हुए हैं।
हर दिन ऐसी कहानियाँ आ रही हैं कि हमारी चाँदी की 200 ईंटें रख लीं, रसीद नहीं दिया; हमारी कागभुशुंडी की मूर्ति ले ली, रसीद नहीं दिया; हमारे सोने की मूर्ति ले ली, रसीद नहीं दिया…
ये लोग इतने आरोपों के उपरांत भी न तो ट्रस्ट से सांकेतिक रूप ���े हट रहे हैं, न इसका खंडन कर रहे हैं। पर हाँ, भाजपा-संघ आदि ने अब त्यागपत्र, पद से हटने की परंपरा समाप्त कर दी है।
चार छोटे लोग हटा दिए जाएँगे, सही जवाबदेही कभी तय
नहीं हो पाएगी।
श्री चंपत राय कट्टर रामभक्त हैं, पर CCTV का बैकअप क्यों नहीं लिया?
श्री चंपत राय दो ही धोती पहनते हैं, पर सहायक टिन्नू यादव करोड़ों का सोना-हार ले कर कभी रसीद नहीं देते!
श्री चंपत राय ने मंदिर आंदोलन में रक्त-स्वेद बहाया, पर चढ़ावे का कोई ऑडिट नहीं करवा पाए!
श्री चंपत राय कारसेवकपुरम की कुटिया में रहते हैं, पर जाँच होने तक पद से हट नहीं पा रहे हैं।
मैं ब्राह्मण हूं, अगर गोली मारना है तो आओ यहाँ गोली मारो….जिसने हत्या की है उसे ब्रह्म हत्या का पाप लगेगा:- अश्विनी चौबे (BJP नेता)
क्या अब BJP नेताओं के ये हालत हो गए हैं कि वो एक मृतक को न्याय भी नहीं दिला नहीं पा रहे हैं? इसके लिए उन्हें मीडिया के सामने रोना पड़ रहा है?
किसी के अंतिम यात्रा के लिए ये भीड़ देखकर आप समझ सकते हैं कि वो अपने गाँव समाज के लिए कितना किया होगा और उसका उनके जीवन में कितना अहम योगदान रहा होगा।
कई नेता जीवन भर चप्पल घिस देंगे अपना तब भी ये भीड़ नहीं जुटा पाएंगे। ये भीड़ उस तथाकथित पागल भरत तिवारी के लिए है जो अपने हक अधिकार के लिए सिस्टम तक को झुका दिया।
भरत तिवारी निसंदेह एक देशभक्त, निर्भीक, क़ाबिल, दूरदर्शी और सम्मान योग्य थे हैं और रहेंगे।
शत शत नमन 🙏
बाप का दर्द आँसू बन कर बह रहे है
गोदी में पाला बेटा छीन कर ले गए और मुल्ला बना दिया धर्म परिवर्तन करा दिया बुद्धि बांध दी
तबलीगी जमात पर कब बैन लगेगा? @AmitShah
शेयर भी नहीं कर सकते तो छोड़ दो सोशल मीडिया
भारत तिवारी का एनकाउंटर नहीं होना चाहिए था, उस समय तो बिलकुल नहीं जब उसने पिस्तौल वापस कर दी थी। तिवारी फ़्रस्ट्रेशन में था, गाँव के लिए लगातार लिख-बोल रहा था।
दूसरा सत्य यह है कि उसने पुलिस पर पिस्तौल तानी थी। ���िसी भी दूसरे देश में पिस्तौल हाथ में देखते ही पुलिस पहले गोली मारती है, फिर बात करती है। उसने यह कार्य दो बार किया था।
फेसबुक पर पिस्तौल के साथ उसकी तस्वीरें हैं। यदि वह निहत्था था, तो यह पुलिस हत्यारी ही कही जाएगी। पुलिस ने यदि ��हली ही बार में, पिस्तौल तानते ही गोली मार दी होती तो वह कानूनी रूप से उचित होता।
बिहार पुलिस दूध की धुली नहीं है, पर पुलिस पर पिस्तौल तानना यदि हम उचित कहने लगें फिर नक्सलियों पर हम क्यों आतंकी, उग्रवादी की ठप्पा लगाते हैं?
एक लड़के ने बताया कि वह अपने परिवार को ट्रेन में बैठाने के लिए महाराष्ट्र के कल्याण रेलवे स्टेशन गया था। ट्रेन दोपहर 12 बजे की थी लेकिन बाद में बताया गया कि वह 2 बजे आएगी।
लड़के ने प्लेटफॉर्म टिकट ले लिया था और परिवार के साथ इंतजार करता रहा। लेकिन ट्रेन लगातार लेट होती रही। शाम करी�� 5 बजे वह परिवार को ट्रेन में बैठाकर वापस जाने लगा
तभी टीटी ने उसे रोक लिया और प्लेटफॉर्म टिकट दिखाने को कहा। उसने टिकट दिखाया तो टीटी ने कहा कि प्लेटफॉर्म टिकट 2 घंटे बाद एक्सपायर हो जाता है। इसके बाद उस पर 500 रुपये का जुर्माना लगा दिया!
वीडियो में लड़के ने सवाल उठाया कि जब ट्रेन रेलवे की वजह से कई घंटे लेट हुई थी तो उसके इंतजार की जिम्मेदारी कौन लेगा??
उसने कहा कि उसने परिवार को छोड़ने के लिए ��ैध प्लेटफॉर्म टिकट लिया था, फिर भी उसे जुर्माना भरना पड़ा!
ये भी सवाल जायज है कि जब देरी रेलवे की तरफ से हुई थी तो उसकी सजा यात्री को क्यों मिली..?
बेटी कार में बैठी हुई है। पत्नी कार किनारे खड़े होकर रो रही है। रिटायर मेजर गुरुग्राम (हरियाणा) पुलिस की करतूतों को झेल रहे हैं।
जम्मू कश्मीर में आतंकियों से लड़ते हुए दिव्यांग हुए मेजर हेमेन्द्र सिंह ने सोचा भी नहीं होगा कि रिटायर होने के बाद ऐसा सलूक होगा।
उन्हें शराब पीकर गाड़ी चलाने के शक में ट्रैफिक पुलिस ने रोका। एल्कोहलिक टेस्ट किया। वह एकदम ठीक पाये गए। फिर भी उन्हें रात डेढ़ बजे तक सड़क पर रोका गया, परेशान किया। जब उन्होंने डायल–112 पुलिस बुलाई तो ट्रैफिक पुलिसकर्मी भाग गए।
@SumedhaSharma
💟 BPSC TRE 💟
TRE 1,2 और 3 के शिक्षक बहाली का लाभ विधानसभा चुनाव में @NitishKumar को पूरा मिला।
✅ लेकिन महाशय जल्दबाजी में कम से कम 40 हजार फर्जी शिक्षकों की भर्ती कर दिए ये भी कबूल कर लीजिये।
✅ योग्य युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर दिए उसकी भरपाई कौन?
@Jduonline@RJDforIndia
यह बिना लाग-लपेट के कहा जा सकता है कि उत्तर प्रदेश में अधिकारियों के स्तर का भ्रष्टाचार निर्बाध चल रहा है और @myogiadityanath इसे रोकने में असफल रहे हैं। जब IAS अधिकारी गलत करने पर निलंबित न हो कर दो महीने बाद प्लम पोस्टिंग पा जाते हों, तो यही सब होगा।
Hello @Uppolice एक गाड़ी में तीन लोग वो भी बिना हेलमेट के — हा यदि इस टोपी को आप हेलमेट माने तो अलग बात हैं ..
इनका चालान कब कटेगा ?
गाड़ी नंबर साफ़ दिख रहा हैं ।
बिहार में गोल्डन दास द्वारा प्रतिदिन भूमिहार, राजपूत और ब्राह्मण समाज के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की जाती है। लेकिन इसपर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती।
वहीं, जब सत्या सिंह भूमिहार नामक लड़के ने गोल्डन दास को उसी के भ��षा में जवाब दिया। तो नवादा पुलिस ने एक दिन के भीतर स्वतः SC/ST एक्ट में FIR दर्ज कर उस लड़के को जेल भेज दिया। बिहार पुलिस प्रशासन और नवादा साइबर थाना के इस कथित दोहरे रवैये पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
BPSC TRE4 💟
बिहार में शिक्षक बहाली TRE 4 में सीट का घोटाला चल रहा है।
जब सामान्य प्रशासन विभाग और BPSC ने
46595 पदों पर विज्ञापन जारी करने की बात कही तो बिहार सरकार 20 हजार पदों पर विज्ञापन जारी करने की बात क्यों कर रही है?
BJP सरकार युवा विरोधी है।
@patna_RJD
>आपने उन मासूम बच्चों क��� कितनी बार धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा?
>कितनी बार आपने सरकार से सवाल किया?
>कितनी बार NTA को रद्द करने की मांग की?
>कितनी बार आप में सड़क में आंदोलन करने वालों का सपोर्ट किया?
जो आप का काम है वो करो,
>मेलोडी का टेस्ट बताओ
>झालमुडी में मिर्ची बताओ
>पूछो, आम काट कर खाते हो या चूसकर
>आप थकते क्यों नहीं ये पूछो
>आपको जनता इतना प्यार क्यों देती है ये पूछो
ये कार्य तो सपाइयों का हुआ करता था। यदि @CMOfficeUP के लोग चाहें तो मैं चेयरमैन और सांसद का नाम, भूमि का जियो लोकेशन भेज सकता हूँ।
जिस व्यक्ति की भूमि है, उसके पिता की मृत्यु छः माह पूर्व हुई, माताजी का ऑपरेशन होना है और सांसद को लगा कि यही सही अवसर है। @myogiadityanath@narendramodi जी, दुर्भाग्यपूर्ण है ये। देख लीजिए। बाकी, अब आशा धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही है।
ब्राह्मण बच्चे की आंख निकाली गई, गुप्तांग काटा गया !
भीमवादी जश्न मना रहे ! मीडिया की No Coverage.
-दिलीप पाण्डेय
यूपी में एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी है । 21 मई को बच्चा गायब हुआ और 23 मई को लाश मिली । खबरगांव के यूट्यूूब चैनल ने पीड़ित परिवार से बात की तो पता ये लगा कि बच्चे के नाखूनों में कील ठोंकी हुई थी । आंखों को निकाला गया । गुप्तांग काटा गया । तेजाब फेंका गया और गलत काम करके तड़पा कर मारा गया ।
याद कीजिए हाथरस केस, जिसमें दलित बच्ची का केस था । फर्जी तरीके से ठाकुरों को फंसाया गया, बाद में सारे लोग छूट गए । जो एक व्यक्ति फंसा हुआ है उसके बारे में गांव में क्या चर्चाएं रहीं ये कोई आज भी जाकर पूछ सकता है, पूरा मामला असल में क्या है समझ में आ जाएगा । हाथरस केस में भीम आर्मी ने प्रोपागेंडा किया ���र पूरा नोएडा के फिल्म सिटी का मीडिया वहां पहुंचकर कर अखंड कवरेज करने लगा जबकि यहां क्योंकि ब्राह्मण बच्चा है तो सबका जमीर ठंडा पड़ गया इसलिए क्योंकि शायद सुनियोजित रूप से अंडेकरवाद और पेरियारवाद को देश में बढ़ाया जा रहा है जिसके मूल में ही ब्राह्मण विरोध है ।
मतलब ब्राह्मण लड़की रुचि तिवारी की मॉब लिंचिंग की कोशिश हो, यूजीसी लाया जाए, ब्राह्मण बच्चे की आंख निकाल ली जाए लेकिन मीडिया को कुछ नहीं कहना है, जबकि तमाम मीडिया न्यूज चैनलों में सभी अहम पदों पर अधिकांश सामान्य वर्ग के लोग ही काबिज हैं उसमें भी ब्राह्मण ज्यादा हैं ।
मैंने एक फोटो भी अपलोड किया है । सामान्य वर्ग के अधिकारों की मांग उठाने वाले एक ट्विटर चैनल पर जब इस बच्चे के लिए मांग उठाई गई तो एक भीमवादी ने उस मृतक बच्चे को ही मां बहन की गाली देते हुए लिखा है कि मर गया अच्छा हुआ ।
आप खुद सोच सकते हैं कि फुलेवाद के नाम पर देश में किस तरह ब्राह्मण विरोधी घृणा फैलाई जा रही है और इसका दुष्परिणाम किस तरह पूरे देश में लगातार सामने आ रहा है ।
-दिलीप पाण्डेय
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बिहार के कटिहार जंक्शन पर ट्रेन के पार्सल बोगी में कुछ लड़के घुसे हुए थे, क्योंकि ट्रेन में बहुत भीड़ थी ,
तभी Train Manager साहब आ गए और सबकी अच्छे से मां बहन कर दिया , साथ में धमकाया कि चोरी का इल्जाम लग जाएगा तो तुम सब���ा बुखार छूट जाएगा !
जब मां बाप 10 हजार में बिकेंगे तो बच्चों को ऐसे जलील तो होना ही पड़ेगा , ऐसे लोगों से कोई हमदर्दी नहीं होना चाहिए किसी को !
लेकिन मैनेजर साहब को ऐसे गाली नहीं देना चाहिए था , लेकिन क्या करें उनको भी तो अपनी नौकरी करनी है !