शुभ प्रभात किसान साथियो
Kisanektamorcha
अगर अपनी फसलें कौड़ियों के भाव पर ही बैचनी हैं और फिर कर्ज़ में डूबकर खेती छोड़ शहरों में मज़दूरी करनी है तो चुप बैठे रहो मगर अगर अपना हक़ अपनी इज़्ज़त वापस लेनी है तो एकजुट हो जाओ!
#13फरवरी_दिल्ली_कूच#FarmersProtest_2