उदयपुर जिले के पदमपुरा-सं��ाडा के लोग आज भी सड़क से वंचित हैं।
मन्नालाल रावत जी और बाबूलाल खराड़ी जी बताएं—क्या यही अनुसूचित क्षेत्र का विकास है?
#सलूंबर_के_हालात
@RawatML7 @babulalkharadi3
@UdaipurDm
जिला चिकित्सालय की नींव से पहले दीवार खड़ी हो गई, और उद्घाटन से पहले ही व्यवस्था की पोल खुल गई! जिस दीवार के उद्घाटन के दिन तालियाँ बजनी थीं… उसने उससे पहले ही जमीन चूम ली। आखिर निर्माण की गुणवत्ता की जिम्मेदारी किसकी है? उद्घाटन से पहले ही सवाल खड़े हो गए।
#सलूंबर_के_हालात
विश्व आदिवासी दिवस पर आदिवासी समाज की एकजुटता को “भेड़ चाल” कहना उनकी चेतना और संघर्ष को छोटा करने जैसा है। मदन राठौड़ को अपने शब्दों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
#मदन_राठौड़_माफी_मांगो@madanrrathore
द्रोणाचार्य के विचारों पर चलने का दावा करने वालों, आपकी संस्कृति हमें मत सिखाओ। "आप आपके रास्ते, हम हमारे रास्ते" का सिद्धांत ही हमारा मार्ग है। हमारी संस्कृति और त्योहारों में दखल देना बंद करो, अपनी सीमा में रहो!
#मदन_राठौड़_माफी_मांगो
माननीय सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि आदिवासी ही इस देश के असली मालिक हैं। यह सत्य सामने आते ही धर्म के व्यापारि��ों की साँसें फूलने लगी हैं। अब आपकी साजिशें और ढोंग ज्यादा दिन नहीं चलेंगे।
#मदन_राठौड़_माफी_मांगो
जब से सुप्रीम कोर्ट का यह ऐतिहासिक निर्णय आया है कि आदिवासी भारत के असली स्वामी हैं, धर्म के ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है। अब आदिवासियों के हकों पर ��ाका डालना बंद करो!
#मदन_राठौड़_माफी_मांगो
त्योहार हमारी आस्था और उमंग के प्रतीक हैं, इन्हें नियंत्रित करने का अधिकार किसी को नहीं है। भाजपा और आरएसएस जैसे संगठनों की मानसिकता हमारी संस्कृति पर हमला कर रही है, जिसे हम हरगिज सहन नहीं करेंगे।
#मदन_राठौड़_माफी_मांगो
'वनवासी' का ठप्पा लगाकर हमारी सांस्कृत��क पहचान बदलने का एजेंडा खतरनाक है। हमारी धार्मिक रीति-रिवाज सदियों से अक्षुण्ण हैं। भाजपा और आरएसएस को आदिवासियों का अपमान करना बंद करना ही होगा।
#मदन_राठौड़_माफी_मांगो
सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने हमारी मूल पहचान पर मुहर लगा दी है। धर्म की आड़ में राजनीति करने वालों को यह सच पच नहीं रहा है। अब आपकी हर साजिश का जवाब हम देंगे।
#मदन_राठौड़_माफी_मांगो
संस्कृति किसी दल के एजेंडे से नहीं, बल्कि जन-जन की भावनाओं से चलती है। हमारे पर्वों में दखल देने की कोशिश पूरी तरह से अस्वीकार्य है। जनता अपनी संस्कृति का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगी।
#मदन_राठौड़_माफी_मांगो
आदिवासियों को वनवासी कहकर नीचा दिखाने की रा��नीति बंद करो! हम अपनी शर्तों पर जीते हैं और अपनी संस्कृति के अनुसार पूजते हैं। अपनी संकुचित मानसिकता को सुधारो और सार्वजनिक रूप से माफी मांगो।..
#मदन_राठौड़_माफी_मांगो
धर्म और राजनीति के नाम पर आदिवासियों को कमजोर समझने की गलती न करें। हम मानवता में विश्वास रखते हैं, लेकिन अपनी मूल पहचान और स्वाभिमान के साथ कभी कोई समझौता नहीं करेंगे।
#मदन_राठौड��_माफी_मांगो
साजिशें रचने वाले समझ लें क�� आदिवासी स्वाभिमान अडिग है। हम किसी जाति या धर्म के दुश्मन नहीं, बस अपनी पहचान के रक्षक हैं। आपसी भाईचारा ही देश की असली ताकत है, इसे अपनी राजनीति से खराब न करें।
#मदन_राठौड़_माफी_मांगो
वैज्ञानिक सोच और मानवता का संदेश ही आगे बढ़ने का सही रास्ता है। जो लोग आदिवासियों की अस्मिता मिटाने की कोशिश में लगे हैं, उन्हें अपनी नीति और मानसिकता बदलनी होगी। ��्वाभिमान हमारा अधिकार है।
#मदन_राठौड़_माफी_मांगो
9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाने वाले आदिवासी समाज को “भेड़ चाल” कहना बेहद आपत्तिजनक है। आदिवासी समाज के सम्मान से जुड़े बयान पर मदन राठौड़ को सार्वजनिक रूप से स्पष्��ीकरण और माफी मांगनी चाहिए।
#मदन_राठौड़_माफी_मांगो
@madanrrathore
मानवता का अर्थ है एक-दूसरे का सम्मान करना। हम उ��� सभी लोगों का स्वागत करते हैं जो हमारे साथ प्रेम और भाईचारे से रहते हैं। विरोध केवल उस नीति का है जो आदिवासी पहचान को मिटाना चाहती है।
#मदन_राठौड़_माफी_मांगो
आदिवासी स्वाभिमान को दबाने की साजिश सदियों पुरानी है। धर्म के व्यापारी अपनी राजनीति चमकाने के लिए हमारी पहचान मिटाने की कोशिश कर रहे हैं। याद रखें, हमारा धैर्य हमारी कमजोरी नहीं, हमारी संस्कृति है।
#मदन_राठौड़_माफी_मांगो
संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) द्वारा घोषित विश्व आदिवासी दिवस की आप सभी को शुभकामनाएं। जोहार🍁
आइए, इस विश्व आदिवासी दिवस पर अपनी संस्कृति, पहचान और अधिकारों के स��रक्षण का संकल्प लें। शांतिपूर्ण एवं एकजुट होकर जल, जंगल और जमीन की लड़ाई को और मजबूत करें। #विश्व_आदिवासी_दिवस_2026
संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) द्वारा घोषित विश्व आदिवासी दिवस की आप सभी को शुभकामनाएं। जोहार🍁
आइए, इस विश्व आदिवासी दिवस पर अपनी संस्कृति, पहचान और अधिकारों के संरक्षण का संकल्प लें। शांतिपूर्ण एवं एकजुट होकर जल, जंगल और जमीन की लड़ाई को और मजबूत करें। #विश्व_आदिवासी_दिवस_2026