चूँकि मेरे दिए गए समाधान न तो जनवरी में माने गए, न फ़रवरी में (नीचे कमेंट में), और आज पुनः हम उसी मोड़ पर हैं जहाँ भाँग खाने वाले सलाहकारों और पे-रोल पर पलने वाले चापलूस 'कीप काम एंड ट्रस्ट मोदी' का जाप कर रहे हैं, मैं फिर भी पतितों की तरह कुछ समाधान बिंदु लिख रहा हूँ।
यह मैं इसलिए नहीं करता कि कोई इसे पढ़ कर अपनी अंतरात्मा जगा लेगा या सरकार मेरी बात मान लेगी, ये मैं केवल डॉक्यूमेंटेशन के लिए लिखता हूँ कि मैं केवल समस्या बताने वालों में से नहीं था, बल्कि मैं समाधान भी दे रहा था।
1. PM को सामने आ कर विद्यार्थियों, उनके परिजनों से सीधे बात करनी चाहिए। वहाँ स्वीकारिए कि यह समस्या है और सरकार उसे अभी तक केवल आंशिक रूप से सही कर पायी है, वृहद समाधान में समय लगेगा, और आप तत्परता से उस पर कार्य कर रहे हैं। क्या कर रहे हैं, उसकी एक झलक भी दिखाएँ/बताएँ।
2. अब धर्मेंद्र प्रधान को हटाना उचित नहीं लगता क्योंकि यदि अभी ऐसा होता है तो 'ज��� सबसे लंबा अनशन करेगा, उसके हिसाब से मंत्री हटाए जाएँगे' की एक परिपाटी बनेगी। वो हटे, पर अभी तो बिल्कुल नहीं। बात यह नहीं है कि कॉकरोच की डिमांड क्या है, बात यह है कि 28 करोड़ लोगों के द्वारा चुनी सरकार को अराजकतावादियों के हिसाब से मंत्री नहीं बदलना चाहिए। समर्थकों के कहने पर नहीं हटाया तो इन पर तो बिल्कुल नहीं।
3. चाहे NEET हो, SSC हो या अन्य परीक्षा, इसे ऑब्जेक्टिव तक ही सीमित ना रख कर इसका एक-दो चरण ���सा हो कि केवल MCQ ही उनका भविष्य तय ना करे। बोर्ड तक उसकी सतत समझ की क्षमता के साथ साक्षात्कार आदि को भी डाला जाए या IIT की तरह उसे भी बड़ा बनाया जाए। यदि यह संभव ना हो तो आप IIT या UPSC से सीखें कि उनकी परीक्षा के प्रश्न लीक क्यों नहीं होते।
4. हर कोचिंग संस्थान, विद्यालयों और महाविद्यालयों में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता की नियुक्ति अनिवार्य की जाए ताकि हर 40 मिनट में एक विद्यार्थी आत्महत्या ना करते रहें।
5. हर विभाग का परीक्षा कैलेंडर (हर चरण का दिन पूर्व निर्धारित) हर वर्ष निकले और परीक्षा केंद्र छात्रों की सहजता के हिसाब से हो ना कि रैंडम। अभी ऐसी स्थिति है कि सेंटर अनावश्यक रूप से 4-500 किलोमीटर दूर तक दे द���ए जाते हैं। इसका कोई तर्क नहीं होता।
6. पेपर लीक से जुड़ी फर्म ही नहीं, उनसे जुड़े व्यक्ति और उनके परिजन तक ब्लैकलिस्टेड होने चाहिए कि ये लोग इसी व्यवसाय में पुनः कहीं से भी नहीं आ सकते। यदि कोई सरकारी व्यक्ति पैसा खा कर ऐसा कुछ भी करता है, उन्हें कोई टेंडर आदि दे देता है तो उस पर देशद्रोह का केस चले और न्यूनतम 20 वर्ष का दंड हो।
7. ऐसे अपराध से जो जुड़े हों, उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अपना ट्रिब्यूनल हैंडल करे और ऐसी सुनवाई 'इन कैमरा' होने के स्थान पर 'ऑन कैमरा' सार्वजनिक रूप से हो। इसे एक तय समयसीमा में निपटाने की बाध्यता हो। यदि यह सार्वजनिक नहीं होता तो फिर से हर चीज मैनेज हो जाएगी और इसका कोई महत्व नहीं रहेगा।
8. इस नौटंकी आंदोलन में जो भी हैं, एक-एक को चिह्नित कर, उनका उदाहरण बनाया जाए। हाँ, कुछ वास्तविक विद्यार्थी भी होंगे, तो उ��्हें काउंसलिंग के साथ छोड़ दिया जाए, परंतु अराजक तत्वों को, यदि वो किसी पार्टी से हैं, 18 वर्ष से ऊपर के हैं, तो उन्हें जेल में डाला जाए, उन्हें जीवन में कोई नौकरी ना मिले यह सुनिश्चित किया जाए और यह हर हिंसक आंदोलनकारी को बताया जाए कि प्रदर्शन का अधिकार है, आगजनी और हिंसा का नहीं।
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और भी कुछ सुझाव होंगे, परंतु अभी इतना ही। सरकार ऐसा कुछ नहीं करेगी पर 'दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ��़याल अच्छा है' के लिए मैं यह लिख रहा हूँ।
SHOCKING : पंजाब में pharmacy officer recruitment exam में बहुत बड़ा scam हुआ जिससे हज़ारों छात्रों का भविष्य ख़राब हुआ है ‼️
Exam में कई छात्र pen cameras और bluetooth device के सहारे चीटिंग करते पकड़े गए। लाखों रुपये लेकर बच्चों को exam पास करवाया जा रहा था।
अब तक केजरीवाल और भगवंत मान का एक भी बयान नहीं आया है, ना ही कोई एक्शन। इससे पहले जब छात्र नौकरी के लिए प्रोटेस्ट कर थे तब पंजाब में युवाओं पर बेरहमी से लाठीचार्ज हुआ था।
रोज़ भारत को नेपाल बनाने के भड़काऊ भाषण देने वाले अरविंद केजरीवाल को छात्रों से कोई मतलब नहीं है। सब छलावा और धोखा है…
सुबह से उबल रहे कांग्रेसी चमचों को समर्पित!!! 🤭
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पंडित नेहरू ने कहा था—
"अगर कोई भूख हड़ताल से ब्लैकमेल करके अपनी बात मनवाने लगे, तो ये लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है। फिर तो संसद को बंद कर देना चाहिए।"
#Chidambaram#Congress#JawaharlalNehru#IndianPolitics #PoliticalDebate
@INCIndia
Yes, I Barkha Trehan am the woman who threw ink on that radical Urban Naxal Abhijeet Dipke because he laughed when my Prabhu Shri Ram Ji was insulted on his Cockroach Janta Party stage.
I am a Kattar Hindu. I was very upset. This was my protest and I am proud of it.
Jai Hind. Jai Shri Ram 🙏
सीजेपी के प्रदर्शन का मंच एक बार फिर हिंदू भावनाओं को भड़काने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
अब इस प्रदर्शन का मकसद छात्रों की आवाज उठाने से ज़्यादा हिंदुओं को टारगेट करना और हिन्दू धर्म के बारे में अपशब्द बोलना रह गया है।
ये औरतें बुर्का पहनने के अपने अधिकार के लिए नहीं लड़ रही हैं। वे इसलिए लड़ रही हैं ताकि आप भी बुर्का पहनें।
सिर्फ़ अपनी ज़िंदगी बर्बाद करना ही उनके लिए काफ़ी नहीं है। वे आपकी ज़िंदगी भी बर्बाद करना चाहती हैं।
भाई लोग,
15-16 वर्षीय लड़का वैभव सूर्य वंशी ने आप का कौन सा डांड- मेड़ काट लिया है, जिसके खिलाफ ट्रोलिंग शुरू कर देते हो?🏏
आप अपने पसंदीदा खिलाड़ी को टीम में शामिल की मांग बेशक रखो, पर और के लिए अनुचित कहा जाना कहां तक उचित है?
वैभव, iPL में आग उगल रहा था, लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट में 4-5 ही मैच खेले हैं, और फार्म अभी थोड़ी खराब चल रही है।
वैभव का ��पना दमखम ही है जो पाकिस्तान में भी उसे प्यार - दुलार से बबलू नाम मिला है।
सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, रोहित शर्मा अनगिनत नाम है हर महान खिलाड़ी ने संघर्ष किया है।
वैभव अभी बच्चा है, उसके सामने भविष्य पड़ा है, आज ट्रोल करके, कल जब वह दुनियां को मात देगा तो कौन सा मुंह दिखाओगे?
पाकिस्तान दुलारता है, आप भी उसे स्नेह दो, सपोर्ट करो, हौसला दो।
वैभव आप की शान बढ़ाएगा, देश की शान बढ़ाएगा।
जय हिन्द - जय भारत।🇮🇳
केजरीवाल जी, आज हर पंजाबी आपसे यही सवाल पूछ रहा है - आप हो कौन?
पंजाब के हर उद्घाटन में अपना नाम CM से ऊपर, पंजाब के टैक्स के पैसों पर उड़ने वाले प्राइवेट जेट से पूरे देश में प्रचार करत�� हो, पंजाब के सभी मंत्रियों के ऊपर अपने दिल्ली के चेले बिठा दिये। पर्दे के पीछे से पूरी सरकार पर आपका क़ब्ज़ा है और आपकी सरकार की देखरेख में पंजाब में बेहिसाब भ्रष्टाचार, अपराध, ड्रग्स चल रहे हैं।
जिन @nitinnabin जी को आप अपना अहंकार दिखाकर पूछ रहे हैं कि वो कौन हैं- वो विश्व की सबसे बड़ी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। सालों की मेहनत से उन्होंने कार्यकर्ता से अध्यक्ष तक का सफ़र तय किया है। आपकी पा���्टी में आप ही अध्यक्ष हो, आप ही सरकार हो, आप ही सुपर CM हो…
इतना अहंकार अच्छा नहीं है, पहले दिल्ली में टूटा था, अब पंजाब में टूटेगा
रोमानिया की एक खबर है, आपको जानकर अच्छा लगेगा।
विपिन कुमार रोमानिया में काम करने वाले एक भारतीय निर्माण श्रमिक हैं।
एक दिन वह क्रायोवा ���े निकोले रोमानेस्कु पार्क के पास से गुजर रहे थे। तभी उन्होंने देखा कि एक छोटी बच्ची बर्फ की पतली परत टूटने के बाद बर्फीले पानी में गिर गई और डूबने लगी। उसे बचाने के लिए उसके पिता भी आगे बढ़े, लेकिन वे भी टूटी हुई बर्फ में फंस गए।
विपिन ने बिना एक पल की देरी किए पास में पड़ी एक स्लेज की मदद से बच्ची तक पहुंचने की कोशिश की। इसी दौरान उनके नीचे की बर्फ भी टूट गई और वे भी बर्फीले पानी में गिर गए। फिर ���ी उन्होंने बच्ची को पक��़ लिया और करीब 30 मिनट तक उसे पानी के ऊपर सुरक्षित पकड़े रखा, जब तक कि बचाव दल वहां नहीं पहुंच गया।
इस दौरान विपिन और बच्ची, दोनों को भीषण ठंड की वजह से गंभीर हाइपोथर्मिया हो गया। इसके बाद दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया गया।
विपिन कुमार की बहादुरी और अपनी जान जोखिम में डालकर बच्ची की जान बचाने के लिए रोमानिया ने उन्हें मानद नागरिकता प्रदान की।
आजकल सोशल मीडिया पर भारत और भा���तीयों के खिलाफ नफरत फैलाने वाली बातें तेजी से वायरल हो जाती हैं। लेकिन जब ऐसे प्रेरणादायक और गर्व करने वाले किस्से सामने आते हैं, तो उन्हें वैसी सुर्खियां नहीं मिलती जैसी नफरत फैलाने वाली खबरों को मिलता है।