खट्टर साहब दिखा दो अपना “शौर्य” और ढा दो इस आतंक के अड्डे “मेवात” को।
जहाँ कल हमारी बुजुर्ग महिलायें छोटे छोटे बच्चे सब लोगो पर मेवात के आतंकियों ने ह���ला किया है।
योगी बाबा बिना लाग लपेट की एक दम सच बोलते हैं इसलिए फर्जी सेकुलर इनको पसंद नहीं करते.
मुझे लगता है मेरी आईडी पर एलोन ने शैडोबन लगा दिया है इसलिए जो भी इस ट्वीट को देख रहे हैं कम से कम लाइक जरूर कर दें
जय श्री राम
देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय श्री Narendra Modi जी को फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “The Grand Cross of the Legion of Honor” से सम्मानित किया जाना समस्त सनातनियो के लिए गौरवशाली क्षण है, प्रधानमंत्री मोदी जी यह सम्मान प्राप्त करने वाले देश के प्रथम प्रधानमंत्री हैं।
ह्या गोवंश ला कापणार व नंतर खाणारा तो मुसलमान आहे ..... ���ण लक्षात ठेवा , त्या नंदीच्या डोळ्यातुन पडलेल्या आसवांच्या थेंबांची किंमत हिंदूंना मोजावी लागणार आहे ! कर्तव्यापासून दूर गेलेल्या कृती शून्य असलेल्या प्रत्येकाला भोग भोगावे लागणारेत ह्या पापाचे....
रामायण काल का विचित्र मंदिर, जो विज्ञान के नियमो से परे है .... इस मंदिर में नंदी की मूर्ति का आकार इतना बढ़ ग��ा, की खम्बो को हटाना पड़ा ।
आंध्र_प्रदेश के कुरनूल में स्थित इस मंदिर का नाम है श्री यंगती उमा मह���श्वर मंदिर। अपने आप में इस अनोखे मंदिर के बारे में कहा जा रहा है कि यहां नंदी के बढ़ते आकार की वजह से रास्ते में पड़ रहे कुछ खंबों को हटाना पड़ गया है। एक-एक करके यहां नंदी के आस-पास स्थित कई खंबों को हटाना पड़ा गया है।
इसे 15वीं शताब्दी में विजयनगर साम्राज्य के संगम वंश के राजा हरिहर_बुक्का राय के द्वारा बनवाया गया है। यह मंदिर हैदराबाद से 308 किमी और विजयवाड़ा से 359 किमी दूर स्थित है। जो कि प्राचीन काल के पल्लव, चोला, चालुक्य और विजयनगर शासकों की परंपराओं को दर्शाता है।
यहां के बारे में स्थानीय लोग एक कथा के बारे में बताते हैं कि तब अगस्त्य ऋषि तपस्या कर रहे थे, तो कौवे उनको आकर परेशान कर रहे थे। नाराज ऋषि ने शाप दिया कि वे अब यहां कभी नहीं आ सकेंगे। चूंकि कौए को शनिदेव का वाहन माना जा��ा है, इसलिए यहां शनिदेव का वास भी नहीं होता।
यहां शिव-पार्वती अर्द्धनारीश्वर के रूप में विराजमान हैं और इस मूर्ति को अकेले एक पत्थर को तराशकर बनाया गया है।
इस मंदिर की एक खास बात और भी है कि यहां पुष्कर्णिनी नामक पवित्र जलस्रोत से हमेशा पानी बहता रहता है। कोई नहीं जानता कि साल 12 महीने इस पुष्कर्णिनी में पानी आता कहां से है। भक्तों का मानना है कि मंदिर में प्रवेश से पहले इस पवित्र जल में ���्नान करने से सभी पाप धुल जाते हैं।
जय हो सनातन धर्म और संस्कृति की
गिलहरी का रामसेतु बनाने में योगदान...
माता सीता को वापस लाने के लिए रामसेतु बनाने का कार्य चल रहा था। भगवान राम को काफी देर तक एक ही दिशा में निहारते हुए देख लक्ष्मण जी ने पूछा भैया आप इतनी देर से क्या देख रहें हैं? भगवान राम ने इशारा करते हुए दिखाया कि वो देखो लक्ष्मण एक गिलहरी बार-बार समुद्र के किनारे जाती है और रेत पर लोटपोट करके रेत को अपने शरीर पर चिपका लेती है। जब रेत उसके शरीर पर चिपक जाता है फिर वह सेतु पर जाकर अपना सारा रेत सेतु पर झाड़ आती है। वह काफी देर से यही कार्य कर रही है।
लक्ष्मण जी बोले प्रभु वह समुन्द्र में क्रीड़ा का आनंद ले रही है और कुछ नहीं। भगवान राम ने कहा, नहीं लक्��्मण तुम उस गिलहरी के भाव को समझने का प्रयास करो। चलो आओ उस गिलहरी से ही पूछ लेते हैं कि वह क्या कर रही है? दोनों भाई उस गिलहरी के निकट गए। भगवान राम ने गिलहरी से पूछा कि तुम क्या कर रही हो? गिलहरी ने जवाब दिया कि कुछ भी नहीं प्रभु बस इस पुण्य कार्य में थोड़ा बहुत योगदान दे रही हूँ। भगवान राम को उत्तर देकर गिलहरी फिर से अपने कार्य के लिए जाने लगी, तो भगवान राम ने उसे टोकते हुए कहा- तुम्हारे रेत के कुछ कण डालने से क्या होगा ?
गिलहरी बोली प्रभु आप ��त्य कह रहे हैं। मै सृष्टि की इतनी लघु प्राणी होने के कारण इस महान कार्य हेतु कर भी क्या सकती हूँ? मेरे कार्य का मूल्यांकन भी क्या होगा? प्रभु में यह कार्य किसी आकांक्षा से नहीं कर रही। यह कार्य तो राष्ट्र कार्य है, धर्म की अधर्म पर जीत का कार्य है। राष्ट्र कार्य किसी एक व्यक्ति अथवा वर्ग का नहीं बल्कि योग्यता अनुसार सम्पूर्ण समाज का होता है। जितना कार्य वह कर सके नि:स्वार्थ भाव से समाज को राष्ट्र हित का कार्य करना चाहिए। मेरा यह कार्य आत्म संतुष्टि के लिए है प्रभु। हाँ मुझे इस बात का खेद अवश्य है कि मै सामर्थ्यवान एवं शक्तिशाली प्राणियों की भाँति सहयोग नहीं कर पा रही। भगवान राम गिलहरी की बात सुनकर भाव विभोर हो उठे। भगवान राम ने उस छोटी सी गिलहरी को अपनी हथेली पर बैठा लिया और उसके शरीर पर प्यार से हाथ फेरने लगे। भगवान राम का स्पर्श पाते ही गिलहरी का जीवन धन्य हो गया।
जय ��्रीराम, जय गोविंदा ✨🙏💖🕉️
रूस से पिछले कुछ वर्षों में हज़ारो लोगो ने सनातन धर्म अपनाया है, अन्य इस्लामिक देशों से भी लोग सनातन धर्म अपनाना चाहते है, इस काम मे #ISKON संगठन तेज़ी से कार्य कर रहा है। 😀
कोई विदेशी व्यक्ति, या फिर अन्य धर्म का व्यक्ति सनातन धर्म अपनाना चाहता है, तो वो नज़दीकी ISKON मंदिर विजिट कर सकता है।
भारत मे ISKON के अलावा क्या कोई अन्य संगठन या समूह में इस क्षेत्र में कार्य कर रहा है, अगर आपके पास जानकारी हो तो जरूर बताये ? 🧡🚩
कासी हूँ की कला गई मथुरा मसीत भई
शिवाजी न होतो तो सुनति होती सबकी।।
हिंदू कन्याओं के शील रक्षक, हिन्दू धर्म रक्षक, गौ-ब्राह्मण प्रतिपालक, हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी "हिन्दू साम्राज्य दिवस" की हार्दिक शुभकामनाएं।
श्शश्श किसी को बताना मत
साक्षी दलित समाज से थी
भीम मीम वालों छिप जाओ कहीं
हाथरस जाने वालों
ग़ायब हो जाओ
हर बार कौन जात पूछने वालों भेड़ियों
इस सच को दबा दो
झारखंड में आदिवासी अंकिता से लेकर दिल्ली मे��� दलित साक्षी तक सबका सच एक ही है