यह आयुर्वेद के तीनों दोष वात, पित्त और कफ को सरल भाषा में समझाती है।
आयुर्वेद के अनुसार शरीर का संतुलन इन तीनों दोषों पर निर्भर करता है।
वात वायु और आकाश तत्व से मिलकर बना है, जो शरीर की गति को ��ियंत्रित करता है।
जब वात संतुलित रहता है तो शरीर हल्का और मन तेज रहता है।
वात बिगड़ने पर गैस, जोड़ों का दर्द और चिंता बढ़ सकती है।
पित्त अग्नि तत्व से जुड़ा है और पाचन शक्ति को नियंत्रित करता है।
संतुलित पित्त digestion को मजबूत और त्वचा को चमकदार बनाता है।
पित्त बढ़ने पर acidity, जलन और गुस्सा बढ़ सकता है।
कफ जल और पृथ्वी तत्व से बना है, जो शरीर को मजबूती देता है।
संतुलित कफ से immunity मजबूत और मन शांत रहता ���ै।
कफ बढ़ने पर सर्दी-खांसी और आलस महसूस हो सकता है।
तस्वीर में हर दोष के संतुलन और असंतुलन के लक्षण साफ बताए गए हैं।
यह जानकारी हमें अपने शरीर को समझने में मदद करती है।
सही भोजन और दिनचर्या से दोषों को संतुलित रखा जा सकता है।
वात के लिए गर्म और हल्का तैलीय भोजन लाभदायक बताया गया है।
पित्त के लिए ठंडी और शीतल चीजें उपयोगी मानी गई हैं।
कफ के लिए हल्का और गरम भोजन बेहतर होता है।
मसालों का सही उपयोग पाचन को मजबूत करता है।
ठंडा और बासी भोजन कई समस्याओं को बढ़ा सकता है।
आयुर्वेद प्रकृति के अनुसार जीने की प्रेरणा देता है।
यह शरीर और मन दोनों के संतुलन पर जोर देता है।
हर व्यक्ति की प्रकृति अलग होती है, इसलिए खानपान भी अलग होना चाहिए।
यह स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाती है।
संतुलित जीवनशैली ही असली स्वास्थ्य की कुंजी है।
योग और ध्यान भी दोष संतुलन में सहाय��� हैं।
समय पर सोना और उठना जरूरी है।
अच्छा पाचन अच्छे स्वास्थ्य की नींव है।
प्राकृतिक आहार से शरीर मजबूत बनता है।
आयुर्वेद हमें अपनी प्रकृति के अनुसार जीना सिखाता है।
यह स्वस्थ जीवन की ओर एक सुंदर और उपयोगी संदेश देती है।
उत्तर प्रदेश के बस्ती ज़िले से आया यह फैसला केवल एक मुआवज़े की खबर नहीं है, बल्कि भारतीय रेलवे की वर्षों से चली आ रही लापरवाही पर एक करारा तमाचा है...!!😏
जिला उपभोक्ता आयोग ने रेलवे को आदेश दिया है कि वह एक छात्रा को 9 लाख 10 हजार रुपये का हर्जाना दे क्योंकि हमेशा की तरह लेट ट्रेन ने उसका पूरा शैक्षणिक वर्ष छीन लिया।
मामला 7 मई 2018 का है। बस्ती की रहने वाली छात्रा समृद्धि इंटरसिटी एक्सप्रेस से NEET परीक्षा देने लखनऊ जा रही थी। ट्रेन अपने तय समय से ढाई घंटे देरी से पहुँची।
नतीजा छात्रा परीक्षा केंद्र पर समय से नहीं पहुँच सकी और उसका पेपर छूट गया। एक ट्रेन की देरी ने मेहनत, तैयारी और सपनों पर ब्रेक लगा दिया।
छात्रा ने इस अन्याय को चुपचाप स्वीकार नहीं किया। उसने रेलवे के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में मुकदमा दायर किया। करीब 7 साल तक चले संघर्ष के बाद आयोग ने साफ शब्दों में माना कि यह रेलवे की सेवा में गंभीर कमी का मामला है।
आदेश है कि 45 दिनों के भीतर मुआवज़ा दिया जाए, वरना पूरी राशि पर 12% सालाना ब्याज भी देना होगा।
यह फैसला उन लाखों यात्रियों की आवाज़ है, जो रोज़ ट्रेन की देरी को अपनी किस्मत मानकर सहन करते रहते हैं। रेलवे भले ही घाटे की बात करे, लेकिन यात्रियों का समय, भविष्य और मेहनत भी तो किसी कीमत से कम नहीं।
जब ट्रेन लेट होती है, तो सिर्फ प्लेटफॉर्म पर खड़े लोग नहीं रुकते कई बार किसी का करियर भी वहीं अटक जाता है।
अब वक्त है कि रेलवे लेट होना हमारी पहचान है वाली सोच से बाहर आए और जवाबदेही, समय की पाबंदी और यात्री हित को प्राथमिकता दे।
क्योंकि सुधार मुआवज़े से नहीं, सिस्टम बदलने से होता है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में ह�� गरीब को पक्का मकान उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 2 लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे ₹2,000 करोड़ की अनुदान राशि का अंतरण किया जाएगा।
यह कार्यक्रम गरीबों के जीवन में गरिमा, सुरक्षा और स्थायित्व सुनिश्चित करने की दिशा में डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है।
सीधा प्रसारण देखें:
🗓️ 18 जनवरी, 2026
🕒 अपराह्न 3:00 बजे
📍 इंदिरा गांधी ���्रतिष्ठान, गोमतीनगर, लखनऊ