मेहनत करिए कामयाबी झक मराकर आपके पास आएगी और इसका उदाहरण है बुलंदशहर के गरीब किसान घर का बेटा पवन जिन्होंने आज #upscresult में 239वीं रै��क पायी।
#UPSC2023
ये छप्पर और पीछे जो घर देख ���हे हैं...पवन कुमार का है। पवन ने UPSC में 239वीं रैंक पाई है।
अपने रास्ते खुद बनाओ बच्चों, कोई दूसरा आपसे मोटी फीस लेकर आपको *ध्येय* या *दृष्टि* नही दे सकता।
वीडियो, सूचना साभार
@sachingupta
इसका पाठ सुबह शाम वो लोग जरूर करें जो विंध्य क्षेत्र में निवास करते हैं तथा जिनकी कुलदेवी माता विंध्यवासिनी हैं।
श्री विन्ध्येश्वरी स्तोत्र
निशुम्भ-शुम्भ-गर्जनीं, प्रचण्ड-मुण्ड-खण्डिनीम् ।
वने रणे प्रकाशिनीं भजामि विन्ध्यवासिनीम् ॥
त्रिशुल-मुण्ड-धारिणीं धरा-विघात-हारिणीम् ।
गृ��े-गृहे निवासिनीं भजामि विन्ध्यवासिनीम् ॥
दरिद्रदुःख-हारिणीं, सदा विभुतिकारिणीम् ।
वियोग-शोक-हारिणीं,भजामि विन्ध्यवासिनीम् ॥
लसत्सुलोल-लोचनं लतासनं वरप्रदम् ।
कपाल-शुल-धारिणीं, भजामि विन्ध्यवासिनीम् ॥
कराब्जदानदाधरां, शिवाशिवां प्रदायिनीम् ।
वरा-वराननां शुभां भजामि विन्ध्यवासिनीम् ॥
ऋषिन्द्रजामिनीप्रदां, त्रिधा स्वरूप-धारिणीम् ।
जले स्थले निवासिनीं,भजामि विन्ध्यवासिनी��् ॥
विशिष्ट-शिष्ट-कारिणीं, विशाल रूप-धारिणीम् ।
महोदरे विलासिनीं, भजामि विन्ध्यवासिनीम् ॥
पुरन्दरादि-सेवितां पुरादिवंशखण्डिताम् ।
विशुद्ध-बुद्धिकारिणीं,भजामि विन्ध्यवासिनीम् ॥
इस स्तोत्र का पाठ बहुत सुंदर हैं, मन को अनुपम शांति मिलती है और ऐसा लगता है जैसे भगवती की कृपा हो गयी है।
और तुम कान खोल के सुन
लो पढ़ाई करना है तुमको
बस वही एक रास्ता है
नरक से निकलने का,
हम साला कुछ भी करके
खर्चा जुटाएंगे
चाहे कुछ भी हो जाए
और लेकिन तू अपना
माइंड इधर उधर मत
हिलना समझ रहे हो तुम
चाहे कुछ भी हो जाए।