@sudhirchaudhary अपने आप को बीजेपी का दलाल घोषित क्यों नहीं कर देते सर ? वैसे अब बचा भी क्या है।
विपक्ष मुद्दा उठाये तो ड्रामा कर रहा है , ना उठाये तो विपक्ष क्या कर रहा है, माने हद है ।।
दलाली कीे ।
मैं आपको सुनता था लेकिन अब बंद कर दूंगा ।
ये व्यक्ति पत्रकारों के खिलाफ भीड़ को “लिचिंग” के लिये भड़का रहा है.
एक पॉलिटिकल पार्टी की राजनीतिक यात्���ा में हिस्सा लेकर अपनी पत्रकारिता बेच देने वाला शख़्स पत्रकारिता सिखाने में लगा हुआ है.
@chitraaum तुम लोग हो दलाल तुम लोगों के बातों से लगता है। सरकार से सवाल पूछने की तुम्हारी हिम्मत नहीं है । और ये समझे वाले मुट्ठी भर लोग नहीं है। ये तुम्हारी ग़लतफहमी है। मैने अपने घर से खुद टीवी निकलवाया है। क्योंकि तुम लोग बच्चों के लिए हानिकारक हो। शर्मकरो
एक दौर था जब कश्मीर में रिपोर���टिंग करने पर ��म जैसे पत्रकारों को कहा जाता - इंडियन मीडिया गो बैक, हमें धमकी दी जाती , हमारा माइक तोड़ दिया जाता था. उस समय हम लाचार होकर अपनी जगह बदल लेते थे, लेकिन काम करना नहीं छोड़ा.
( मैं सभी की बात नहीं कर रही, मुट्ठीभर कुछ लोग )
आज भी एक वर्ग की मानसिकता वही है,
लेकिन उनके शब्द बदल गए हैं.
जाहिलों की उस तादाद से हम तब भी लड़े थे,
जाहिलों की इस तादाद से अब भी लड़ेंगे…
मेरे सरकारी आवास सफदरजंग लेन के बाहर सड़क पर @RahulGandhi जी के धरने के कारण मेरे छोटे बेटे को परीक्षा सेंटर में आधे घंटे विलंब से पहुँचना पड़ा? शायद इसकी ज़िम्मेदारी @INCIndia पार्टी लेगी ?
बेहद प्रभावशाली कविता और उतना ही कमाल का पाठ राजेंद्र जी का। गिरने का महत्व बहुत सुंदर से बताया गया है। इसे सुनने के बाद गिरते रहने की असीम प्रेरणा मिलेगी। जो भी गिर रहे हैं, ज़्यादा गिरने के लिए यह कविता सुनें।
राजेंद्र जी के यू ट्यूब चैनल का लिंक-
https://t.co/F08YBm1faP
While Delhi and Gujarat fill up at around ₹99/L, Telangana and Kerala are paying ₹112+/L for the same petrol.
𝐒𝐚𝐦𝐞 𝐛𝐚𝐬𝐞 𝐩𝐫𝐢𝐜𝐞. 𝐒𝐚𝐦𝐞 𝐜𝐞𝐧𝐭𝐫𝐚𝐥 𝐭𝐚𝐱𝐞𝐬. 𝐁𝐮𝐭 𝐬𝐤𝐲-𝐡𝐢𝐠𝐡 𝐒𝐭𝐚𝐭𝐞 𝐕𝐀𝐓 𝐢𝐧 𝐧𝐨𝐧-𝐁𝐉𝐏-𝐫𝐮𝐥𝐞𝐝 𝐬𝐭𝐚𝐭𝐞𝐬 𝐢𝐬 𝐥𝐨𝐨𝐭𝐢𝐧𝐠 𝐲𝐨𝐮𝐫 𝐰𝐚𝐥𝐥𝐞𝐭.
Next time Congress lectures you about being "pro-people"... show them the bill.
सरकार कब से देश बन गई? विपक्ष कबसे सरकार समर्थक होने लगा? जब आडवाणी जी और मोदी रोज मनमोहन सिंह की सरकार को हटाने की बातें करते थे, तब वे भी देश विरोधी थे? टूल किट गैंग थे? ��ा अराजकता फैला रहे थे ??
@sambitswaraj
राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी की अल्पसंख्यक सलाहकार बैठक में कहा कि, “अगले एक वर्ष में मोदी सरकार गिर जाएगी।”
इस वक्तव्य से स्पष्ट होता है कि राहुल गांधी अराजकता के माध्यम से सरकार गिराने की साजिश रच रहे हैं। लेकिन देश की जनता उनकी इस साजिश को कभी सफल नहीं होने देगी।
मोदी सरकार को 140 करोड़ देशवासियों का अटूट विश्वास और आशीर्वाद प्राप्त है। यह सरकार निरंतर इसी प्रकार जनता-जनार्दन की सेवा और राष्ट्रहित में कार्य करती रहेगी।
सरकार कब से देश बन गई? विपक्ष कबसे सरकार समर्थक होने लगा? जब आडवाणी जी और मोदी रोज मनमोहन सिंह की सरकार को हटाने की बातें करते थे, तब वे भी देश विरोधी थे? टूल किट गैंग थे? या अराजकता फैला रहे थे?
#piyushgoyal@PiyushGoyal
राहुल गांधी का बयान देश के खिलाफ कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दलों एवं भारत को अस्थिर करने का सपना देख रहे टूलकिट गैंग की एक बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है। यह कोई साधारण बयान नहीं है बल्कि देश में अराजकता फैलाने का गंभीर षड्यंत्र है।
राहुल गांधी एंड कंपनी ने जब देख लिया कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को देश की जनता के हृदय से हटाया नहीं जा सकता और सीधी लोकतांत्रिक लड़ाई में भाजपा को परास्त नहीं किया जा सकता तो अब वो देश में हिंसा फैलाना चाहते हैं।
उनको भारत से इतनी नफरत है कि देश का कुछ भी अच्छा होता हुआ ये देख ही नहीं सकते। राष्ट्र को बदनाम करना, संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करना और विदेशी धरती पर जाकर विदेशी ताकतों से भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की अपील करना, ये बताता है कि कांग्रेस की असली मंशा क्या है?
देश की जनता समझदार है। वह राहुल गांधी, विपक्ष और देश के खिलाफ काम कर रहे टूलकिट गैंग को अच्छे से समझती है। जनता ने बार–बार इन लोगों को करारा जवाब दिया है। INDI गठबंधन की भारत में आग लगाने की साजिश कभी भी कामयाब नहीं हो पाएगी।
इस बार NEET की ��रीक्षा के लिए केंद्रीय बलों के 2.4 लाख जवानों को तैनात करना चाहिए। सभी DG को परीक्षा केंद्र का प्रभारी बना देना चाहिए। चुनाव आयोग को निगरानी का काम दे देना चाहिए। शर्मनाक है कि एक परीक्षा नहीं करा सकते। मालूम नहीं चोरी से कितने लोग डॉक्टर बन कर अस्पतालों में काम कर रहे हैं और राष्ट्रवादी राजनीति के पीछे छुपे हुए हैं।
देश में धर्म और राष्ट्रवाद की राजनीति का तूफ़ान भी चल रहा है और लोग चोरी से डॉक्टर भी बन रहे हैं । यह कैसे हो सकता है।
Number of schools in India 🏫
• 2015: 15.16 lakh
• 2016: 15.22 lakh
• 2017: 15.35 lakh
• 2018: 15.58 lakh
• 2019: 15.51 lakh
• 2020: 15.07 lakh
• 2021: 15.09 lakh
��� 2022: 14.89 lakh
• 2023: 14.66 lakh
• 2024: 14.71 lakh
• 2025: 14.71 lakh
आप पाएंगे कि 2018 के बाद से देश में स्कूलों की संख्या घटती गई.
इतना नहीं नहीं.. आंकड़े ये भी बताते हैं कि प्राइवेट स्कूलों की संख्या जहां बढ़ रही है, वहीं सरकारी स्कूल कम हो रहे हैं.
मन की बात ���रने वाले प्रधानमंत्री, अब मन की बात छोड़कर मणिपुर की बात करें.
- राघव चड्ढा
मैं जानता था - ये बंदा अलग है. BJP जॉइन करते ही PM मोदी को सलाह दे दी 😉
@chitraaum महिलायें कभी नहीं हारती ये आपकी ओछी सोच महिलाओं के प्रति दिख रहा है ।
ये महिलाओं का बिल नहीं था ये परिसीमन का खेल था।।
जो आप खुल कर जनता को नहीं बताती तभी तो आप दलाल मीडिया है ।।।।।।। शर्म करो
#dalamedia#godimedia
⦁ जिन्होंने हाथरस में कुछ नहीं किया
⦁ जिन्होंने उन्नाव में कुछ नहीं किया
⦁ जिन्होंने मणिपुर में कुछ नहीं किया
⦁ जिन्होंने महिला पहलवानों के लिए कुछ नहीं किया
अब ये लोग महिला विरोधी माइंडसेट की बात करेंगे?
@priyankagandhi जी 🔥🔥
दुनिया में जहां भी लोकतंत्र है, वहां लोग बड़े से बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के समय विरोध प्रदर्शन करते हैं.
कोई विरोध ‘प्रदर्शन’ क्यों करता है? ताकि वो लोगों की नज़र में आए, लोगों तक उनकी बात पहुँचे. मीडिया उसे कवर करे. उनकी बात पर लोग चर्च�� करें. प्रदर्शन लोगों को दिखाने के लिए ही होता है.
वर्ना तो देश में न जाने कितने लोग प्रशासनिक दफ़्तरों के बाहर चिल्लाते, रोते, नारे लगाते रह जाते हैं, किसी को पता भी नहीं चलता. जब तक लोग अहिंसक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, तो समझिये कि उन्हें अब भी देश के लोकतंत्र से उम्मीद है. ये अच्छा साइन है.
मेरा सवाल सत्ता समर्थकों से नहीं ह���, समझदार लोगों से है कि क्या ये सही है कि जब कोई अंतरराष्ट्रीय आयोजन हो, तो विदेशी लोगों के लिए टेंट लगा कर ग़रीबी को ढक दिया जाए?
बाकी, लिहाज़ शब्द का इस्तेमाल शायद सिर्फ़ कड़वा सच छुपाने के लिए ही किया जाता है.