कल नोएडा की सड़कों पर जो हुआ, वो इस देश के श्रमिकों की आख़िरी चीख़ थी - जिसकी हर आवाज़ को अनसुना किया गया, जो मांगते-मांगते थक गया।
नोएडा में काम करने वाले एक मज़दूर की ₹12,000 महीने की तनख्वाह,₹4,000-7,000 किराया। जब तक ₹300 की सालाना बढ़ोतरी मिलती है, मकान मालिक ₹500 सालाना किराया बढ़ा देता है।
तनख्वाह बढ़ने तक ये ब���लगाम महंगाई ज़िंदगी का गला घोंट देती है, कर्ज़ की गहराई में डुबा देती है - यही है “विकसित भारत” का सच।
एक महिला मज़दूर ने कहा - “गैस के दाम बढ़ते हैं, पर हमारी तनख्वाह नहीं।” इन लोगों ने शायद इस गैस संकट के दौरान अपने घर का चूल्हा जलाने के लिए ₹5000 का भी सिलेंडर खरीदा होगा।
यह सिर्फ़ नोएडा की बात नहीं है। और यह सिर्फ़ भारत की भी बात नहीं है। दुनियाभर में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं - पश्चिम एशिया में युद्ध की वजह से सप्लाई चेन टूट गई है।
मगर, अमेरिका के टैरिफ़ वॉर, वैश्विक महंगाई, टूटती सप्लाई चेन - इसका बोझ Modi जी के “मित्र” उद्योगपतियों पर नहीं पड़ा। इसकी सबसे बड़ी मार पड़ी है ��स मज़दूर पर जो दिहाड़ी कमाता है, तभी रोज़ खाता है।
वो मज़दूर, जो किसी युद्ध का हिस्सा नहीं, जिसने कोई नीति नहीं बनाई - जिसने बस काम किया। चुपचाप। बिना शिकायत। और उसके बदले अपना हक मांगने पर उन्हें मिलता क्या है? दबाव और अत्याचार।
एक और ज़रूरी मुद्दा - मोदी सरकार ने 4 लेबर कोड जल्दबाज़ी में बिना संवाद नवंबर, 2025 से लागू कर, काम का समय 12 घंटे तक बढ़ा दिया।
जो मज़दूर हर रोज़ 12-12 घंटे खड़े होकर काम करत�� है फिर भी बच्चों की स्कूल फ़ीस क़र्ज़ लेकर भरता है - क्या उसकी मांग ग़ैरवाजिब है? और जो उसका हक़ हर रोज़ मार रहा है - वो “विकास” कर रहा है?
नोएडा का मज़दूर ₹20,000 माँग रहा है। यह कोई लालच नहीं - यह उसका अधिकार, उसकी जिंदगी का एकमात्र आधार है।
मैं हर उस मज़दूर के साथ हूं - जो इस देश की रीढ़ है ��र जिसे इस सरकार ने बोझ समझ लिया है।
उत्तर प्रदेश के नोएडा में मजदूर सड़कों पर हैं, क्योंकि महंगाई बढ़ती जा रही है और वेतन जीवन की बुनियादी जरूरतों के लिए भी पर्याप्त नहीं। जब युवा सम्मानजनक रोजगार और उचित मजदूरी की मांग करते हैं और जवाब में आंसू गैस मिलती है, तो यह केवल कानून-व्यवस्था का प्रश्न नहीं, बल्कि शासन की प्राथमिकताओं पर सवाल है। विज्ञापनों से पेट नहीं भरता। लोकतंत्र में समाधान संवाद से निकलता है, दमन से नहीं। मजदूरों की ��ायज मांगों को सुना जाना चाहिए।
नोएडा में वेतन बढ़ाने को लेकर उग्र हुए आंदोलन का कारण भाजपा सरकार की वो एकतरफ़ा नीति है जो पूंजीपतियों का पोषण करती है लेकिन सामान्य काम करनेवाले कर्मचारियों और वेतनभोगी श���रमिकों-मज़दूरों का शोषण।
��ाजपाई चंदादायी पूँजीपतियों के एटीएम में तो पैसे भरते जा रहे हैं, लेकिन श्रमिकों-मज़दूरों के वेतन के लिए इनके एटीएम खाली हैं।
बेतहाशा महंगाई के इस दौर में कम वेतन में घर चलाना कितना मुश्किल है, ये एक परिवारवाला ही समझ सकता है।
वेतनभोगी कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!
◆ अपने अनुभव का हवाला देते हुए अनुराग यादव ने कहा कि हमने भी इस सेवा में 25 साल गुजारे हैं, आप हमसे इस तरह से बात नहीं कर सकते
◆ अनुराग यादव के इस तरह से मुख्य चुनाव आयुक्त को जवाब दिए जाने के बाद कुछ देर के लिए बैठक में सन्नाटा छा गया, फिर दूसरे विषयों को लेकर बात शुरू की गई और किसी तरह बैठक को निपटाया गया, अब जानकारी मिली है कि अनुराग यादव को पर्यवेक्षक के पद से हटा दिया गया है
"आप मुझसे ऐसे बात नहीं कर सकते"
◆ IAS अनुराग यादव ने बैठक के दौरान CEC ज्ञानेश कुमार से कहा
◆ पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर बुधवार को एक रिव्यू मीटिंग थी, यह मीटिंग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ले रहे थे और इस दौरान उनकी यूपी के IAS अधिकारी अनुराग यादव से तीखी बहस हो गई
◆ मामला यह था कि अनुराग यादव बंगाल के कूच बिहार में चुनाव पर्यवेक्षक बनाए गए हैं, वर्चुअल मीटिंग के दौरान ��ुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सभी अधिकारियों से बारी-बारी से पूछ रहे थे कि उनके यहां कितने पोलिंग बूथ आदि हैं
◆ इसी दौरान जब अनुराग यादव की बारी आई तो उन्हें जवाब देने में थोड़ी देरी हुई, इसी बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कोई टिप्पणी कर दी
#AnuragYadav | #WestBengal | #GyaneshKumar | Anurag Yadav | West Bengal | Gyanesh Kumar
@apnarajeevnigam सबके घर में LPG गैस खत्म हो जाए तो लोग परेशान हो जाते हैं, खाना रुक जाता है। लेकिन भैया, यादव बिरादरी में ऐसा नहीं होता। यहाँ जुगाड़ की कमी नहीं। गैस हो या ना हो, दूध-दही वालों का घर है, कुछ ना कुछ बन ही जाता है और हँसी भी चलती रहती है। 😄
@pushprajyadav97 सबके घर में LPG गैस खत्म हो जाए तो लोग परेशान हो जाते हैं, खाना रुक जाता है। लेकिन भैया, यादव बिरादरी में ऐसा नहीं होता। यहाँ जुगाड़ की कमी नहीं। गैस हो या ना हो, दूध-दही वालों का घर है, कुछ ना कुछ बन ही जाता है और हँसी भी चलती रहती है। 😄
सबके घर में LPG गैस खत्म हो जाए तो लोग परेशान हो जाते हैं, खाना रुक जाता है। लेकिन भैया, यादव बिरादरी में ऐसा नहीं होता। यहाँ जुगाड़ की कमी नह��ं। गैस हो या ना हो, दूध-दही वालों का घर है, कुछ ना कुछ बन ही जाता है और हँसी भी चलती रहती है। 😄 #yadav
@ShubmanGill 2007🏆2024🏆2026
3 बार लगातार जीतने वाली T20 विश्व कप भारतीय टीम
लगातार 2 बार T20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम History defeat, history repeat ✅🏆🇮🇳💙🤗
Congratulations Indian Cricket Team
कल सुबह 10 बजे, लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी मुख्यालय में माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी की उपस्थिति में,मैं औपचारिक रूप से 'समाजवादी पार्टी' की सदस्यता ग्रहण करूँगा।
य�� मेरे लिए मात्र एक दल से जुड़ना नहीं, बल्कि अपनी मिट्टी, एक किसान पुत्र के स्वाभिमान और आप सबके अटूट विश्वास को एक नई आवाज़ देने का पवित्र संकल्प है। समाजवादी विचारधारा के साथ जुड़कर जनहित की इस लड़ाई को और मजबूती देने का मेरा वादा है। आप सभी का आशीर्वाद और स्नेह ही मेरी असली पूँजी है।
#Naveensharmasikandrabad #SamajwadiParty