रिफाइनरी मंच से CM भजनलाल शर्मा का संबोधन के दौरान प्रभारी मंत्री के तौर पर जोराराम कुमावत उच्चारण करना उनकी गलती नहीं थी….यह उक्त अधिकारी की गलती थी जिसने PM मोदी के पूरे कार्यक्रम की सूची में हर जगह “जोराराम कुमावत” का नाम “जोगाराम” लिख रखा था।
अब सवाल यह है कि किसी अधिकारी की इस पर नजर क्यों नहीं गई!
#Rajasthan
"यह आँखों देखी में बता रहा हूं जब वो भरतपुर में रैली थी तब मैं दौसा तक जा रहा था जिस तरह से RLP के कार्यकर्ता खिड़कियों से लटककर , छतों पर बैठकर या फिर टोल परमेरा परिवार भी मेरे साथ था हमें ठीक नहीं लगा..."
- शरद कुमार(आज तक)
यह बनेंगे CM 😃
@BarmerDurg@khurpenchh#Barmer
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि तीन तलाक और #हलाला जैसी प्रथाओं पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा है कि इनकी आड़ में महिलाओं के यौन शोषण की अनुमति नहीं दी जा सकती।
Law करते समय जब मैंने halala के बारे में पढ़ा तो मैं असहज था।
#Halala
Bsdk गधेङ अपनी औकात जरूर दिखाएंगे रोङ जैसे इन madar*hodo के बाप की जागीर हैं इतनी गेंद फटती हैं तो उस ge*du को घर में लूगाई का घाघरा पहनाकर बैठा दो हरामखोरों सङक पर तो राहगीर चलते रहेंगे !
जाट CM नहीं है... तब भी हनुमान बेनीवाल समर्थकों के हौसले इतने बुलंद है...
अगर कोई जाट CM बन जाएगा तो....?
वहीं होगा जो बिहार में लालू के CM बनने पर हुआ?🤔
जनता की गाड़ियों को प्रयोगशाला बनाने की इजाज़त सरकार को किसने दी है? एक आम आदमी के लिए गाड़ी एक सपना होती है। उस सपने के साथ अगर कुछ भी खिलवाड़ E20 ईंधन के कारण हो रहा है, माइलेज घट रहा है या मेंटेनेंस बढ़ रहा है तो इसकी भरपाई का जिम्मा कौन उठाएगा?
आप कुछ नया करते हैं, जरूर कीजिए। लेकिन आपके नया करने की सनक को जनता भुगत रही हो तो यह किसी काम का नहीं है। सरकार की नीतियों के केंद्र में जनता का हित ही सबसे पहले होना चाहिए।
जय हिन्द
जिनको समस्या हुई है वे बोल रहे हैं।
आज जिनको लग रहा है कि उनकी गाड़ी में इथेनॉल से कोई प्रॉब्लम नहीं है, लेकिन कल को जब कहीं अटकेंगे तो पता चलेगा। हो सकता है तब परिवार के साथ हों और बीच सड़क पर गाड़ी चोक हो जाए। तब आपको ग़ुस्सा आएगा और आप सोचेंगे कि सब आपका साथ दें। नहीं। अगर आज चुप रहेंगे तो कल कोई आपका साथ देने नहीं आएगा। इथेनॉल के ख़िलाफ बोलिए। सब साथ मिल कर लड़िए।
Look at joy when they discuss how a vegetarian Hindu governor was tricked into eating mutton-mixed soup by family of this Khalistani. No different from Islamists.
@SumanDudi6 Indirectly supported by family. Silence is always counted in affirmation. If I do anything wrong my parents will disown me asap but here the story is different