ये वीडियो ज़रूर देखें…
कल मैंने दिल्ली में कुछ कार मैकेनिकों और गाड़ी मालिकों से Ethanol पर बात की। E20 के कारण ख़राब हुई गाड़ियों की ��ाइन लगी हुई थी। गाड़ियों के माइलेज में भी भारी गिरावट है। सब परेशान हैं।
मोदी सरकार को समझना होगा कि टीवी पर झूठे इंटरव्यू देने और फर्जी प्रेस कॉन्फ्रेंस करने से ज़मीनी हक़ीक़त नहीं बदल जाएगी। लोगों पर E20 थोपना बंद करिए। अब पानी मिडिल क्लास के सिर से ऊपर जा रहा है।
59 साल के @Wangchuk66 देश के करोड़ों युवाओं के बेहत�� भविष्य के लिए 14 दिन से आमरण अनशन पर बैठे हैं, उनकी हालत बिगड़ रही है, 9 किलो वजन कम हो चुका है, लेकिन मेलोडी मोदी पर घंटों ख़बर चलाने वाला निर्दयी गोदी मीडिया की आत्मा मर चुकी है उसको करोड़ों युवाओं के मुद्दे से कोई मतलब नही।
तुम कब जागोगे युवा शक्ति?
पहुँचो जंतर मंतर।
गडकरी का एक और हास्यास्पद बयान सामने आ रहा है
वे कह रह��� हैं कि "कोई प्रिंट वाला नहीं छाप रहा, कोई टीवी वाला नहीं दिखा रहा, बस सोशल मीडिया इंफ़्लुएंसर्स मेरे ख़िलाफ़ रील बना रहे हैं..."
माननीय @nitin_gadkari जी, अधिकतर अख़बार और टीवी मीडिया तो गोदी मीडिया है, कैसे आपके ख़िलाफ़ लिखेगा बोलेगा? ये सोशल मीडिया वाले न होते तो आपकी इथेनॉल नीति और बहक गई होती... इसलिए प्लीज़ तोल मोल के बोलिए... सविनय निवेदन है।
Al Jazeera reports on Modi’s lack of press conferences & why India under him has fallen to 157 position out of 180 countries in the Press Freedom Index
Ethanol पर बोलने वाले हर आम आदमी को सरकार तरह-तरह की गाली दे रही है- Anti-National, petrol lobby, और भी कुछ-कुछ। इतना अहंकार ठीक नहीं।
आज मैं petrol pump और service station जाकर आम लोगों से बात क��ूँगा और उनकी समस्या आपसे share करूँगा।
सुप्रीम कोर्ट में जो हुआ वह दुखद है। माननीय जस्टिस ने संय�� और उदारता का परिचय देते हुए उचित ही कोई एक्शन नहीं लिया। यह बात तारी��़ के क़ाबिल है। सुप्रीम कोर्ट का कंधा चौड़ा होना चाहिए और दिल बड़ा। इस बात को भी संज्ञान में लेना चाहिए कि समाज में न्याय को लेकर हताशा फैलती जा रही है। उसकी निष्पक्षता पर संदेह बढ़ता जा रहा है। अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं होती। कोई किसी का एनकाउंटर कर दे रहा है, किसी का घर गिरा दे रहा है। नागरिक अपने सवालों को लेकर कोर्ट की सीढ़ियाँ चढ़ता है लेकिन दीवारों से टकरा जा रहा है। इन्हीं कारणों से हताशा बढ़ती जा रही है। उम्मीद है, ऐसी घटना दोहराई नहीं जाएगी। यह भी कि न्याय व्यवस्था अपनी उदारता के साथ साथ विश्वसनीयता को बेहतर करेगी। उम्मीद की आख़िरी मंज़िल कोर्ट है और उस मंज़िल का बने रहना ही हताशा का इलाज है।
पिछले कुछ हफ्तों का घटनाक्रम दर्शाता है कि राम मंदिर में डकैती करने वाले महापापियों को मोदी सरकार बचाने में लगी है। सनातन के इन गुनहगारों को फांसी मिलनी चाहिए थी।
अब हर सनातनी हिंदू का धर्म है कि इन महापापियों को सज़ा दिलवाने के लिए अपने आप को समर्पित करे। जो लोग इन पापियों को सज़ा दिलवाने के लिए प्रयास करेंगे, प्रभु श्री राम उनका और उनके परिवार का कल्याण करेंगे।
क्या करना है, इस वीडियो में देखें और इस वीडियो को खूब शेयर करें।
इस रविवार को दिल्ली में सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जा रहा है..
स्थान: JMD टेंट, जापानी पार्क, सेक्टर 10, रोहिणी
तारीख: 12 जुलाई 2026
समय: सुबह 11:30 बजे
आप सब लोग अधिक से अधिक संख्या में पहुँचें। पाठ के बाद इस पर चर्चा होगी कि प्रभु श्री राम के गुनहगारों को सज़ा दिलवाने के लिए क्या प्रयास करने हैं।
Delhi Police is not allowing us to bring in tarpaulins.
It rained all night, and we need them to protect the students who have been on a hunger strike for the past 12 days from the rain.
For the last three days, we have been struggling to get the tarpaulins inside the protest site.
अगर कोई बिना किसी बायस के देखने की हिम्मत जुटा सके तो पता पड़ेगा की कितना महत्वपूर्ण मुद्दा उठा रहा है अरविंद केजरीवाल।
He thinks different. He is built different.