पुरानी पेंशन ख़त्म कर, भाजपा ने बुज़ुर्गों को आत्मनिर्भर से निर्भर बना दिया।
दे��� को मज़बूत करने वाले सरकारी कर्मचारियों का हक़ है: पुरानी पेंशन
हमने राजस्थान, छत्तीसगढ़ में पुरानी पेंशन बहाल की। अब गुजरात में भी कांग्रेस सरकार आएगी, पुरानी पेंशन लाएगी।
#CongressDegiOldPension
मि लार्ड….
ज़्यादा सांप्रदायिक…
ज़्यादा ग़ैरज़िम्मेदार…
ज़्यादा फेक न्यूज़ …
मेनस्ट्रीम मीडिया में है यहाँ जो न्यूज़ चैनल चलाते हैं वहीं रागुलेटरी बॉडी भी चलाते है ।
The British wanted to wipe out any sign of the massacre by setting up a cloth market on the spot, but the Indians persevered.They collected a sum of Rs 5,60,472 in a year & acquired the 6.5-acre Bagh from its owner Himmat Singh on August 1,1920
They were better ‘Indians’ than us
हिंदू हूँ
‘ब्राह्मण’ हूं (जिसमें मेरा कोई योगदान नहीं)
पूजा भी करती हूं (न भी करती तो भी कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता)
लेकिन जय श्री राम नहीं बोलती… न बोलूँगी
जो उखाड़ पाओ उखाड़ लो
जय हिंद जय भारत 🇮🇳
कितनी बुज़दिल हैं वो सरकारें
जिन्हें चुनाव जीतने के लिए एक समुदाय के लोगों को परेशान करना, प्रताड़ित करना और मारना पीटना ज़रूरी होता है
पाँच साल कितना काम किया इसी बात से समझ जाइए
अपने समुदाय के लिए भी काम नहीं किया क्या जिससे खुश होकर वो ऐसे ही वोट दे दे?
भाई सुशील काजल जो डेढ़ एकड़ के किसान थे 9 महीने से आंदोलन में अपनी हिस्सेदारी दे रहे थे कल करनाल टोल प्लाजा पर जो पु��िस ने लाठियां चलाई उनको बहुत चोट आई थी और रात को हार्ट फेल के कारण शरीर त्याग कर भगवान को प्यारे हो गए हो गए किसान कौम इनके बलिदान की सदा आभारी रहेगी
शत शत नमन 🙏🏻
ये कितना बीमार आदमी है। जिसने भाजपा की महिला नेताओं को भी नहीं बख्शा। इसका समर्थन कपिल मिश्रा जैसे केरल रिसोर्ट specialist कर रहे थे, इसके लिए चंदा उगाही कर रहे थे। ये आदमी हिन्दू और मुस्लिम महिलाओं दोनों के बारे अपशब्द बोलता है। ये जेल में क्यों न��ीं ?
करनाल के #SDM#AyushSinha पर किसानों की हत्या की साज़िश रचने का मुक़दमा करके तुरंत जेल भेजा जाना चाहिए और भारतीय प्रशासनिक सेवा से बाहर किया जाना चाहिए।
कुछ रीढ़ बाक़ी है @IASassociation ?
ये UPSC की तैयारी करने वाले अगर आपको कहें कि वो देश के लिए कुछ करना चाहता है तो धक्का देकर भगा देगा। आयुष सिन्हा जैसे IAS अफसर और तमाम अफसर महज सरकारी गुलाम के अलावा कुछ नहीं।
तालिबान पर दिन रात हल्ला काटने वाले न्यूज़ चैनलों ने आज हरियाणा में किसानों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज पर चुप्पी क्यों साध रखी है.
करनाल का एसडीएम जर्नल डायर की तरह हुक्म सुना रहा है. देश में चल रहे इस अघोषित आपातकाल पर आप लोगों के ज़ुबान पर ताले क्यों लटके ���ैं.
2017 बैच का SDM किसानों का सिर फोड़ने को कहता है
कहता है कि बिना सिर फोड़े मत आना
मोदी सरकार के आने के बाद ये कौन सा UPSC में अलग चैप्टर डाला ��या है!
कहीं वो तो नहीं ? हरियाणा पुलिस तुम लठ बजाओ हम तुम्हारे साथ हैं?
बेहद शर्मनाक