पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी आप
क्यों नहीं इस तानशाही के खिलाफ सड़क पर उतर कर आंदोलन नहीं करते आखिर कब तक ऐसे ही Ac में बैठ कर ट्वीट करते रहोगे
उत्तर प्रदेश में सत्ता हासिल करने का ख्वाब अगर देख रहे हो तो उसको पूरा करने के लिए आपको इस तानशाही के खिलाफ सड़को पर उतरना ही पड़ेगा
भाजपा को शिक्षा में भी साम्प्रदायिकता नज़र आती है। शिक्षा, शिक्षक, शिक्षार्थी ��र शिक्षा के बाद मिलनेवाली नौकरी भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं।
भाजपा अपने अनरजिस्टर्ड संगी-साथियों के अवैधानिक भवनों को कब ढहाएगी? जब संगी-साथी ही अपंजीकृत है, तो उनके भवन, कार्यालय, संस्थान कैसे जायज़ होंगे?
निंदनीय!
@pankhuripathak बेहद दुःखद ऐसा नहीं होना ��ाहिए था आज कल लोगों के अंदर सहनशीलता बिल्कुल खत्म हो चुकी है
वक्त रहते अगर लोग मुस्लिमों की मोबलिंचिंग पर आवाज़ उठाते तो शायद कोई कठोर कानून बन जाता
ऐसे मौके पर राहत इंदौरी साहब की बहुत याद आती है
@priyanka2bharti शर्म से डूब कर मर जाना चाहिए सरकारों को और नेताओं को जो वोट लेने के लिए हर जगह पहुंच जाते हैं
और लानत उन लोगों पर भी जिनकी जेबें भरी रहती हैं फिर भी अपनी बस्ती का या आस पड़ोस का ख्याल नहीं करते
@RubikaLiyaquat सुन रूह बिका तेरे जैसे अक्ल के अंधों को कुछ नहीं दिखता है क्योंकि तुझ जैसे लोग फेंके हुए टुकड़ों पर पलते हैं
वैसे जानकारी के लिए बता दूं ताज़ा मामला बरेली का है जो अपने ही घर में नमाज़ पढ़ने को लेकर कई लोग��ं पर मुकदमे बाजी हुई है
लेकिन अमेरिकन पिल्लों को ये नहीं दिखेगा
@dbabuadvocate@CMOfficeUP@dgpup@kanpurnagarpol अबे पगलेट उसका कैप्शन भी पढ़ लेता जो उसने इस फोटो के साथ लिखा था ये उसका भाई है
लेकिन तुझ जैसे लोग ठहरे वकालत की आड़ में नफरत फैलाने वाले