सभी को बहुत सतर्क रहना होगा और सूझबूझ से काम करना होगा ।
भाजपा चुनाव से पहले राम मंदिर को मुद्दा बनवा कर दंगे करवा सकती है ।
इसके सिवा उनके पास जीतने का कोई तरीक़ा नहीं बचा है।
सावधान रहें !!
आने वाले विधानसभा चुनाव में अपना ब���ुमूल्य वोट अवश्य दें, और अपने परिजनों दोस्तों को #VoteChallenge देकर प्रेरित करें। मैं वोट दूंगा और मेरा #VoteChallenge प्रदेश के प्रत्येक मतदाता के लिए है।
-सवाल नंबर तेरह -
मोदी जी की निगाह से देखिए मामा जी की विदेशी यात्राओं का कमाल,
निवेश में मध्यप्रदेश ठन ठन गोपाल ।
मामाजी , क्या विदेश यात्राओं में सिर्फ खर्च किया सरकारी कैश ?
क्यों नही आया कोई विदेशी निवेश ?
प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का शिवराज ब्रांड झूठ ।
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12 सालों से शिवराज जी देश विदेश में चमक-धमक के साथ इन्वेस्टर्स मीट कर रहे हैं। कहते हैं कि 40 लाख़ करोड़ रुपए के अनुबंध भी हुए हैं। सच क्या है? सच 23 जुलाई 2018 को लोकसभा में बताया गया।
1.वर्ष 2103-14 में भारत में कुल 24299.33 मिलियन डॉलर का विदेशी निवेश आया।
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इसमें से केवल 118.85 मिलियन डॉलर (यानी 0.49%) का निवेश मध्यप्रदेश और छतीसगढ़ में आया। इतने में से पूरा भी मप्र में नहीं आया।
2.वर्ष 2014-15 में भारत में कुल 30930.50मिलियन डाॅलर का विदेशी निवे�� आया। इसमें से केवल 100.13 मिलियन डाॅलर (यानी 0.32%) मप्र और छतीसगढ़ में आया।
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3.वर्ष 2015-16 में भारत में कुल 4000000मिलियन डाॅलर का विदेशी निवेश भारत में आया। इसमें से केवल 80.02 मिलियन डाॅलर (यानी 0.20%) मध्यप्रदेश और छतीसगढ़ में आया।
4.वर्ष 2016-17में भारत में 43478.27मिलियन डाॅलर का विदेशी निवेश भारत में आया।
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इसमें से केवल 76.10 मिलियन डाॅलर ही (यानी 0.17%) मध्यप्रदेश और छतीसगढ़ में आया।
5.वर्ष 2017-18 में भारत में कुल 44856.75 मिलियन डाॅलर का विदेशी निवेश आया। इसमें से केवल 28.16 मिलियन डाॅलर (यानी 0.06%) मध्यप्रदेश और छत���सगढ़ में आया।
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शिवराज जी, सरकारी खज़ाने से विदेश यात्रायें करने के बाद भी कोई निवेश करने क्यों नहीं आया?
क्योंकि निवेशक शिवराज सरकार के भ्रष्टाचार से भयभीत रहे।
शिवराज ब्राँड झूठ
सबसे ज्यादा विदेशी निवेश कर्नाटक, तमिलनाडु, आँध्रप्रदेश में आया, जहाँ भाजपा की सरकारें नहीं हैं।
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- सवाल नंबर चौदह -
मोदी जी और मामा जी युवाओं को कुशलता से सिखा रहे हैं पकौड़े तलने का काम ,
मुद्रा और कौशल विकास योजना हुई नाकाम।
मामा जी , क्यों युवाओं के भविष्य से रहे हो खेल ?
मुद्रा और कौशल विकास क्यों हो गई फ़ेल ?
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1)मध्यप्रदेश में मुद्रा लोन के कुल खाते 8842202 हैं , जिसमें से 93% लोन शिशु श्रेणी के दिए गए हैं ,अर्थात 50 हज़ार रु से कम के ।
2) 82,85,140 लोगों को 50 हज़ार रुपये स��� कम के 19,172 करोड़ रु के लोन मुद्रा योजना में मामा -सरकार ने दिए हैं ।
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4) कौशल विकास पर मोदी सरकार बता रही है कि जब से योजना प्रारंभ हुई ���ै , 2016 से 23-3-2018 तक सेंट्रली स्पांसर्ड स्टेट मैनेज्ड (CSSM) 25 % राशि ही मुहैया कराई गई है ।
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6) राज्य द्वारा भी वोकेशनल ट्रेनिंग का सेंट्रली स्पांसर्ड एंड सेंट्रली मैनेज्ड (CSCM)योजना के तहत ���रवरी 2018 तक मात्र 3380 उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया गया है ।
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शिवराज सिंह के साले संजय सिंह ने आज कांग्रेस की रीतियो-नीतियो में जो विश्वास व्यक्त किया और शि���राज व भाजपा की नीतियो की जो पोल खोल वास्तविकता उजागर की ,उससे प्रदेश की वास्तविकता को समझा जा सकता है कि मामा जी से ख़ुद के बच्चों के मामा ही ख़ुश नहीं है..
- सवाल नंबर पंद्रह -
मध्यप��रदेश में खेती पर संकट के बादल छा रहे हैं ,
मोदी जी अपनी रिपोर्ट में बता रहे हैं ।
शिवराज जी, किसानों को तो उतार दिया मौत के घाट ,
अब खेती ��ो क्यों पहुँचा रहे हो आघात ?
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