दिन - रात लोगों को मां - बहन की गालिया देना , उनको अपमानित करना , इनके गुंडे सड़को पर बेटियों के कपड़े फाड़ते है दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान देखा......आप सांसद श्री संजय सिह जी।
और क्या कुछ कहा सुनिए 👇
“जिनके नाम वोटर लिस्ट से काटे गए, वो कहाँ हैं?”
वो इसी देश में हैं। बंगाल के जो 27 लाख लोग अपील में गए, वे जिंदा हैं। जो सुप्रीम कोर्ट में गये थे, वे भी जिंदा थे। आज दिल्ली में जो नेता प्रतिपक्ष से मिल रहे हैं, वे भी जिंदा लोग हैं।
सबसे कमजोर लोगों को वोटर लिस्ट से हटा दो, फिर पूछो कि वे सड़क पर क्यों नहीं आए? जो सड़क पर आ जाएं, उनके लिए बोलो कि आतंकवादी और अर्बन नक्सल हैं।
जामिया मिलिया की दीवारों पर फ्री कश्मीर लिखने वाला BJP RSS का गुंडा पकड़ा गया।
इससे पहले यह गुंडा दिल्ली में चल रहे छात्र प्रोटेस्ट को दंगा का रूप देने की कोशिश की थी।
तब भी पुलिस इसे संरक्षण दे रही थी,और आज गिर इसने जामिया में दंगा भड़काने की कोशिश की है।
लेकिन पुलिस इसे अरेस्ट करने के बजाए वहाँ से इसे निकालने की कोशिश कर रही है।
*🔴 LIVE डिबेट में सन्नाटा! 🔥💥*
अभी तक चित्रा त्रिपाठी और BJP के लोग कांग्रेस प्रवक्ता यश को नहीं झेल पा रहे थे...
तब तक कांग्रेस ने एक और प्रवक्ता को फ्री हैंड दे दिया है!
*प्रोफेसर रतन लाल ने ऐसा जवाब दिया कि पूरी मीडिया पैनल में सन्नाटा छा गया, खासकर चित्रा त्रिपाठी जी के मुँह पर!
इसे कहते हैं असली प्रोफेसर वाला ज्ञान! ज्ञान का प्रहार!
*प्रोफेसर रतन लाल @ratanlal72
नरेंद्र मोदी हमेशा से अमेरिका के आगे झुकते रहे हैं। देश और देशवासियों का नुकसान करवाकर, अमेरिका को फायदा पहुंचाते रहे हैं।
BJP सांसद और मोदी सरकार में विदेश सचिव रहे हर्ष वर्धन श्रृंगला ने बताया 👇
''जब मैं विदेश सचिव था, तब एक अमेरिकी अधिकारी ने भारत से कहा था कि हम रूस से तेल की खरीद कम करें।
उससे पहले, अमेरिका ने ही हमसे ईरान से तेल न लेने को कहा था और हमने वैसा ही किया।
फिर हमसे वेनेजुएला से तेल लेना बंद करने को कहा गया, जबकि हमने वहां 6 बिलियन डॉलर का निवेश किया था।''
ये बयान बताता है कि नरेंद्र मोदी पूरी तरह से Compromised हैं और अमेरिका के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं।
अभी तक चित्रा त्रिपाठी और BJP के लोग कांग्रेस प्रवक्ता यश को नहीं झेल पा रहे थे तब तक कांग्रेस ने एक और प्रवक्ता को फ्री हैंड दे दिया है।
प्रोफेसर रतन लाल ने ऐसा जवाब दिया की पूरी मीडिया पैनल में सन्नाटा छा गया खासकर चित्रा त्रिपाठी जी मुँह पर 😂
चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में SIR समेत कई आरोपों पर जवाब दिया है। आयोग के 10 मुख्य प्वाइंट्स इस प्रकार हैं:
1. सर्वसम्मत हलफनामा: यह हलफनामा CEC समेत तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से मंजूर किया गया है।
2. सर्वसम्मत SIR आदेश: SIR से जुड़े तीनों बड़े आदेश सर्वसम्मति से पास हुए थे। आयोग ने कहा कि अंदरूनी चर्चा के दौरान मतभेद होना सामान्य है और सभी विचारों पर गौर किया जाता है।
3. विवादित आदेश लागू ही नहीं हुआ: 28 जुलाई का आंतरिक कार्य-विभाजन वाला आदेश, जिस पर दोनों चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति जताई थी, कभी लागू ही नहीं किया गया।
4. फॉर्म 6 में कोई बदलाव नहीं: ECI ने फॉर्म 6 में संशोधन के आरोपों को सिरे से खारिज किया। आयोग ने कहा कि अतिरिक्त SIR डिक्लेरेशन वोटर वेरिफिकेशन के लिए एक अलग दस्तावेज है।
5. SIR को आसान बनाया गया: वोटर मैपिंग के लिए पुरानी वोटर लिस्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं, जबकि BLO घर-घर जाकर दस्तावेज लेंगे। ऑनलाइन सुनवाई और परिवार के सदस्य के जरिए पेश होने की भी अनुमति है।
6. ECINet वोटर नहीं हटा सकता: नाम जोड़ने या हटाने का अधिकार सिर्फ वैधानिक ERO के पास है। ECI ने ECINet के अनुपालन की समीक्षा के लिए स्वतंत्र विशेषज्ञों की एक कमेटी भी बनाई है।
7. गोवा के आरोपों का जवाब: 97 वोटरों में से 88 पहले ही फॉर्म 6 जमा कर चुके थे, जिसे स्वीकार कर लिया गया। 6 विदेश में थे और 3 पुर्तगाली पासपोर्ट धारक/विदेशी थे।
8. बंगाल के आरोप खारिज: जिन वोटरों की अपील पर सवाल उठाया गया, वे पहले से ही वोटर लिस्ट में थे और विधानसभा चुनाव में वोट देने के हकदार थे। न्यायिक अधिकारियों ने भी उनके पक्ष में आदेश दिए थे।
9. अखबार की रिपोर्ट सबूत नहीं: ECI ने कहा कि असत्यापित अखबार की रिपोर्टों को कानूनी सबूत नहीं माना जा सकता। याचिका बिना सत्यापन के सिर्फ एक खबर पर आधारित थी।
10. CEC पर रोक नहीं लग सकती: ECI ने दलील दी कि CEC पर रोक लगाना कानूनी रूप से ठीक नहीं है। संविधान CEC के कार्यकाल को सुप्रीम कोर्ट के जज के बराबर हटाने की प्रक्रिया से सुरक्षा देता है, जबकि ECI के फैसले तीन सदस्यीय वैधानिक प्रक्रिया से होते हैं।
फ्रांस के Uber ड्राइवर्स ने Zomato, Swiggy और Blinkit
जैसी कंपनियों के बाप (AI) की औकात दिखा दी है
बिना किसी कोडिंग के, सिर्फ एक खुफिया सिंडिकेट ट्रिक से
इन्होंने डिलीवरी एल्गोरिदम को घुटनों पर ला दिया है।
कॉरपोरेट लूट के खिलाफ ये सबसे बड़ा डिजिटल विद्रोह है....1/2
दोनों पहले डबल मीनिंग वीडियो बनाकर लाखों फॉलोअर बनाए।
अब सामाजिक मुद्दों पर रोचक सवाल कर रहे हैं।
जैसे इस वीडियो में ज्योतिबा फुले की बताई हुई रीजनिंग कर रहे हैं।
पत्रकार ही पक्ष विपक्ष की दलाली, हुड़दंगई कर रहे हैं बाकी क्रिएटर्स कायदे का काम कर रहे हैं।
अपने द्वारा उसी शब्द के प्रयोग के बारे में क्या कहेंगी?
‘बाप’ प्रचलित शब्द न होता, तो ख़ुद भी प्रयोग न करतीं!
हर जगह ‘रायचंद’ बनना है, लेकिन BJP शासित राज्यों में महिलाओं के साथ होती क्रूरता और यौन उत्पीड़न के मामलों में मुँह पर दही जम जाता है 🤔
वोट आपका, अधिकार आपका… लेकिन वोटर लिस्ट जाँचने वाला सॉफ्टवेयर ‘गोपनीय’!
RTI में सॉफ्टवेयर का नाम और जानकारी माँगी गई तो चुनाव आयोग ने ‘Trade Secrets, IPR’ बताकर इनकार कर दिया।
सवाल सीधा है कि जब तकनीक मतदाता की जाँच कर सकती है, तो मतदाता उस तकनीक की जाँच क्यों नहीं कर सकता?
लोकतंत्र में इतनी गोपनीयता आखिर क्यों?
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव जी ने आज गाजियाबाद में साईकिल बांटने को लेकर बोला है कि अधिकारी कार्यक्रम होने दे नहीं तो घर घर साइकिल बाटी जायेगी।
और आगे भरोसा दिलाएं कि पूरे प्रदेश में सरकार बनने पर साईकिल बटेंगे।
हमेशा हिंदू मुस्लिम करने वाली सरकार नहीं समझ सकती कि बच्चियों के साईकिल मिलने से आगे बढ़ेगी।
अंग्रेजो के चमचे मज़े मार रहे है
और जो लड़े थे वह कैद कर दिए गए
मुझे फक्र है हिंदुस्तान के आखरी मुगल बादशहा बहादुर शाह जफर पर....
वे सच्चे देशभक्त थे उन्होंने ब्रिटिश के खिलाफ जबरदस्त जंग की
इनके पुरखों के बनाए गए ऐतिहासिक इमारतों में से किसी एक का आमदनी इनको दे दिया जाए तो भी इनका जीवन खुशहाल होगा?
कभी किसी के DNA को गाली दे देना, कभी किसी महिला नेत्री को “जर्सी गाय” बुलाना, तो कभी किसी महिला मुख्यमंत्री को आपत्तिजनक तरीके से “दीदी-ओ-दीदी” कहना।
भाजपाइयों, कभी आईना भी देख लो?
नॉर्थ ईस्ट रीजनल मीडिया अगस्त से कह रही है
“सरकार झूठ पर झूठ बोल रही है, चीन अरुणाचल में 50 से 60 किमी अंदर आ चुकी है।”
वहीं मेनस्ट्रीम मीडिया मुँह पर ताला लगाकर बैठी है। ITBP के DG ने भी तनाव की बात स्वीकारी।
लेकिन सरकार जवाब देने के जगह पूरा ध्यान वीडियो हटाने पर लगाएगी!