@AnshulP68730967@JhalawarPolice@IgpKota@PoliceRajasthan@DmJhalawar लापता बालक को सकुशल खोज पाने में जनसेवा के माध्यम से जो सहयोग मिला, उसके लिए आम नागरिक समिति व संबंधित विभागों का दिल स��� धन्यवाद।
विशेष धन्यवाद अंशुल पटेल जी को, जिनकी ��त्परता से बच्चा सुरक्षित परिवार से मिल सका, आप की सजगता और संवेदनशीलता सराहनीय है
बर्फीली वादियों का ये नज़ारा हो,
मनाली की हवा में दिल हमारा हो।
पहाड़ों की गोद में ख्वाब सजते हैं,
हर मोड़ पे जन्नत के रास्ते मिलते हैं।
-अंशुल जैन चौमहला
Neelesh Mishra's poetry *'Pagal Pagal Phire Fakira'* is a soulful wanderer’s anthem—raw, restless, and deeply resonant. It’s not just words; it’s a feeling, a journey into the chaos within. ✨🎶 #NeeleshMishra#Poetry#hlf2025
उड़ती पतंगों के साथ, आसमान छूने के सपने देखें।
मकर संक्रांति का यह पावन पर्व आपके जीवन में नई ऊंचाइयों और खुशियों का संचार करे।
आप सभी को दिल से शुभकामनाएं!
- अंशुल जैन, चौमहला
कलम ने छेड़ा संगीत कोई मधुर सा,
शब्दों में गूँज रहा स्नेह का जादू बरस रहा ।
हर अक्षर में बस रही है आपकी मधुर छवि,
आपकी कृपा से ही सजी है ये रचना नई-नई।
भावनाओं का संगम, मन में उमड़ रहा है ,
सरस्वती सुर, आपके रंगों से रंग रहा है।
- अंशुल जैन चौमहला
सब कुछ भूल बैठा,तेरी कहानी याद है��गुज़रे वो पल वो रात सुहानी याद है
दिल ने जब पहली बार तुझे अपना माना तबसे हर धड़कन मे तेरी रवानी याद है
तेरे बिना ये दुनिया वीरान सी लगती मगर तेरी हंसी की वो निशानी याद है
सब कुछ भूल बैठा,तेरी कहानी याद है तू दूर है फिरभी तेरी जवानी याद है
यह निशा गंभीर लगती,
सन्नाटा हर ओर है,
चाँद की धुंधली किरणें,
अंधेरे में घुली चितचोर हैं
सितारे भी मौन हैं जैसे,
कोई अनसुनी कथा सुनाते,
धरती की गोद में छुपी,
हर साँस को थामे ज��ते
हवा की सरगम में छिपी,
एक अदृश्य सी पुकार,
यह निशा गंभीर लगती,
जैसे हो कोई अनंत विचार
अंशुल जैन
टूटेगा मेरी शर्ट का बटन,तो लगा दोगी क्या तुम
इन धागों से दिल भी सिलेगा,समझा दोगी क्या तुम?
जो छू कर तुमने सी दिया,वो रिश्ता अमर हो जाए
इक बटन से शुरू हुआ,क्या इश्क़ का सफर हो जाए?
धड़कनें जो उलझी हैं,उन्हें सुलझा दोगी तुम
टूटेगा मेरी शर्ट का बटन,तो लगादोगी क्या तुम?
#हिंदी
एक छोटी कहानी:
भूखी लोमड़ी पेड़ पर लगे अंगूरों को देखकर खुश हुई. उसने अंगूरों को पाने के लिए छलांग लगाई, लेकिन अंगूर उसकी पहुँच से ऊँचे थे.उसने कई बार कोशिश की, पर सफल नहीं हुई.अंत में थककर वह बोली ये अंगूर तो खट्टे हैं, इन्हें खाना ही नहीं चाहिए! और वहां से चला गया
#प्रेरणादायक
सफलता के लिए 5 टिप्स, जो मैंने अपने जीवन से सीखे
•अनुशासन
•दृढ़ निश्चय
•कड़ी मेहनत
•आत्मविश्वास
•सतत एवं उद्देश्यपूर्ण प्रयास
#सुबह#सवेरे
-अंशुल जैन चौमहला
अब के रूत बदली तो ख़ुश्बू का सफ़र देखेगा कौन
ज़ख्म फूलो की तरह महफ़िल पर देखेगा कौन
देखना सब रक़्स ए बिस्मिल में मगन हो जायेंगे
जिस तरफ़ से तीर आयेगा उधर देखेगा कौन
-अहमद फ़राज़