धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और भारत की बर्बाद education system के प्रतीक हैं और हमेशा रहेंगे।
उसी system ने 26 बच्चों की जान ली, और लाखों युवाओं को सड़कों पर उतरने को मजबूर किया।
इस्तीफ़ा भी नैतिकता से नहीं - युवाओं के आक्रोश से डरकर देना पड़ा।
और आज उसी व्यक्ति को संसद में BJP माला पहना रही है। यह कोई सम्मान नहीं - लाखों बच्चों के भविष्य की बर्बादी का जश्न है।
देश का हर छात्र ये देख रहा है। और इसमें शामिल हर चेहरा याद रखेगा।
सत्य और सत्याग्रह - दोनों से डरती है मोदी सरकार।
मध्य प्रदेश के आदिवासी भाई-बहन जल सत्याग्रह और भूख हड़ताल पर इसलिए बैठे थे क्योंकि केन-बेतवा परियोजना में उनकी ज़मीन छीन ली गई, लेकिन उन्हें न न्यायपूर्ण मुआवज़ा मिला और न सम्मानजनक पुनर्वास।
"सत्य" यह है कि आदिवासी देश के पहले मालिक हैं - जल, जंगल और ज़मीन पर सबसे पहला हक़ उन्हीं का है।
और उनका "सत्याग्रह" इसलिए है क्योंकि वही हक़ आज उनसे छीना जा रहा है।
अपने अनोखे तरीके से उनकी मांग बस इतनी है कि गुज़र-बसर करने के लिए उचित सहारा तो दो - वरना जिंदगी तो चिता के ही समान है।
मगर यह भी भाजपा सरकार को मंज़ूर नहीं। उनकी बात सुनने के बजाय पुलिस बल से उनका शांतिपूर्ण विरोध भी कुचला जा रहा है।
हम अपने आदिवासी भाई-बहनों के साथ हैं। उन्हें न्याय दिला कर रहेंगे - मुआवज़ा और पुनर्वास तो देना ही पड़ेगा।
Credits for video: Shiksha Pareek and Lok Singh
@faeloreeah @lok_singh_
असम में आई विनाशकारी बाढ़ में कई लोगों की मृत्यु का समाचार बहुत दुखद है। शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करता हूं। इस आपदा से प्रभावित लाखों लोगों के साथ मेरी पूरी सहानुभूति है।
अपेक्षा है कि राज्य और केंद्र सरकार प्रभावित लोगों के राहत और बचाव में कोई कसर न छोड़े।
हर साल बाढ़ आती है, जान-माल का भारी नुकसान होता है और कई परिवार उजड़ जाते हैं। अब वक्त आ गया है कि हम बाढ़ से निपटने के लिए एक मज़बूत और स्थायी व्यवस्था बनाएं।
एक ऐसी व्यवस्था जो वैज्ञानिक रूप से रोकथाम, पूर्व चेतावनी समेत मज़बूत बुनियादी ढांचे और पुनर्वास को प्राथमिकता दें - ताकि हर साल लोगों को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।
छात्रों के ख़िलाफ़ पूरा का पूरा सिस्टम ही जानलेवा है।
खबर आ रही है कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर AK-47 से गोलियाँ चलाई गई हैं और सैकड़ों छात्रों को गिरफ़्तार करके उनपर FIR की जा रही है।
मोदी जी, कहाँ गया आपका वादा कि छात्रों पर कोई FIR नहीं की जाएगी और उन्हें रिहा कर दिया जाएगा? उल्टा उनपर घातक हमले और बर्बरता की जा रही है।
दिल्ली में छात्रों पर पेलेट गन चली और बिहार में AK-47। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार हो या दिल्ली - हर जगह पैटर्न एक ही है।
पहले भी कहा है, ये सरकार झूठी है। सुधार इनके बस का नहीं है। अपनी बातों से मुकर जाएगी और हर तरकीब से छात्रों की आवाज़ दबाएगी।
मोदी जी, देश के छात्रों से माफ़ी मांगिए। और जिन्होंने छात्रों पर हमला किया है, उन्हें कुचला है उनपर कार्रवाई कीजिए, छात्रों पर नहीं।
Proud moment for India! 🇮🇳
Heartiest congratulations to Mirabai Chanu on winning India's first Gold 🥇Medal at the Commonwealth Games 2026 in the Women's 48 kg Weightlifting event.
A champion who continues to make India proud.
#MirabaiChanu#CWG2026
Pellet guns, lathis and tear gas were used against students peacefully protesting in Delhi.
I met 19-year-old Sahil Lochab. Shot with pellets, he may lose an eye. His “crime”? Demanding an end to paper leaks and a fair future for our students.
@AmitShah ji, I have two questions:
1. Did you approve the use of lethal force, including pellet guns, against students? If not, who did?
2. Were the men in plain clothes beating students with lathis police personnel or volunteers? Who authorised their deployment?
Desh jawab maang raha hai.
People who resigned after 26/11:
> Shivraj Patil (Home Minister)
> Vilasrao Deshmukh (Maharashtra CM)
> R.R.Patil (Maharashtra Deputy CM)
All of them were on part of accountability, not on "sacrificing" (unlike Pradhan)
Stop giving shitty excuses.
Manmohan didn’t resign after 26/11, came back with coalition government.
Indira didn’t resign after emergency.
Nehru didn’t resign after losing War to China
But Education Minster from Modi's Govt resigned for the sake of students. That's the difference between BJP and selfish Congress.
भारत की सीमा की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी वीर जवानों को कारगिल विजय दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि।
देश आपके साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।
The same people who mocked the reporter are now apologizing to him.. this is the best thing about this generation that they realize their mistakes quickly and own up to them. So happy to see him smiling again
#KargilVijayDiwas#ReleaseInnocent#Gen-Z #RAGA#Modiji
This is GenZ - in Mumbai During protest they mobbed a senior journalist, After protest ends they mobbed him again but to apologise.
They understand what a man has to do for his family.