Ambedkarite, social, political, Most serious problem of the country #One_Nation_One_Education,Secularism A worker of the needy society of humanity and justice.
रवि किशन शुक्ला ने जो जूता पहना है उसका कीमत है 16499 और है विदेशी कंपनी यह लोग नारा स्वदेशी का देते हैं और खुद विदेशी कंपनियों का प्रोडक्ट उस करते हैं,
दूसरी बात यह जूता गाय के चमड़े और बछड़े के चमड़े के प्रयोग से बना हुआ है और गाय के नाम पर ही यह लोग वोट मांगता है और आरामदायक जूता के लिए गाय के बने चमड़े के जूते का इस्तेमाल करता है है ना कमाल की बात?
इन छुटभैय्ए पार्टी का टिकट इतना महंगा?
2 से 8 करोड़ 🤫🤫
निषाद पार्टी और सुहैलदेव पार्टी में विधायक के टिकट के 5 करोड़ रुपए लगेंगे। 👇
आधा अभी कर दें, आधा घोषणा से पहले कर देना। पिछली बार कहीं 7-8, तो कहीं 2-3 करोड़ था।
अत्यंत पीड़ादायक खबर।
हरियाणा के रोहतक में एक दलित युवक की निर्मम हत्या का भयावह मामला सामने आया है। हमलावरों ने घेरकर तेजधार हथियार से नीरज की गर्दन पर हमला करके उसकी हत्या कर दी, और उसका शव एवं सिर अलग-अलग कर दिया।
BJP राज में दलित समुदाय कहीं भी सुरक्षित नहीं है।
पैर दबाने से मना करने पर दलित की हत्या!
ललितपुर में शराब पार���टी में दलित ने जातिवादियों का पैर
दबाने मना किया तो सम्यक जैन, गजेंद्र लोधी और गौरव रैकवार ने लोह��� की राड से पीटकर उसकी हत्या कर दी।
BJP राज में दलित वेंटीलेटर पर जीने को मजबूर हैं।
जातिवादी आतंकियों की उल्टी गिनती शुरू।
उत्तराखंड में दलित टैक्सी ड्राइवर को जूतों की माला पहनाने वाले विरेन्द्र सिंह, शोबन सिंह, हरीश बोहरा एवं मोहन चन्द्र पर SC-ST Act के तहत कड़ी कार्रवाई हो रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए चंपावत की SP रेखा यादव ने निर्देश दिए हैं कि पुलिस मामले ��ें त्वरित कार्रवाई करे और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे। इन जातिवादी गुंडों ने दलित टैक्सी ड्राइवर को जातिगत गालियां देते हुए जूतों की माला पहनाकर इसलिए अपमानित किया क्योंकि उसने कम किराए पर सवारी बैठा ली थी। अन्य टैक्सी ड्राइवरों की लूट की कमाई पर इससे असर पड़ रहा था।
उस समय ये लोग खुद को बहुत बड़ा जातिवादी शहंशाह समझ रहे थे। लेकिन अब पीड़ित की शिकायत पर BNS एवं SC-ST Act ���े तहत मुकदमा दर्ज हो चुका है। कानून का सामना करने की बारी आई, तो सारी दबंगई हवा हो गई।
पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने एक पॉडकास्ट में कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री रही मायावती जी ने हमे ��ूरी तरह से फ्री हैंड दे रखा था और आदेश दिया कि अपराधी कोई भी हो मंत्री हो विधायक हो मेरा या पराया हो किसी को बख़्शा��ा नहीं है।
ऐसे ही नहीं थोड़ी न बसपा की सरकार में क़ानून व्यवस्था एक दम चुस्त थी क़ानून द्वारा क़ानून का राज चलता था और इसलिए ही आज भी लोग बसपा के लॉ एंड ऑर्डर याद करते हैं।
प्रदेश की जनता को फिर से बसपा की सरकार बनाना चाहिए और मायावती जी सीएम की कुर्सी पर बिठाना चाहिए तभी प्रदेश में महिला सुरक्षा की बात होगी तभी कानून का राज स्थापित होगा।
मेरिटधारी शिक्षक बना दरिंदा।
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में योगेश पांडेय नामक शिक्���क ने 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म किया।
छात्रा छह माह की गर्भवती हो गई तो शिक्षक ने उसे गर्भपात की दवा खिला दी और भ्रूण को जंगल में फेंक दिया।
गर्भपात की वजह से बच्ची को हैवी ब्लीडिंग होने लगी। जिससे डर के मारे परिजन उसे अस्पताल ले गए। जांच में पता चला कि बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ है और उसका भ्रूण निकाल दिया गया है। पीड़िता छात्रा ने बताया कि वह शिक्षक योगेश पांडेय की क्रूरता की वजह से डर के मारे किसी को बता नहीं सकी। दरिंदे पांडेय ने उसे जबरन ही गर्भपात की दवा खिलाई थी। गर्भपात के लगभग 20 दिन बाद रक्तस्राव होने से छात्रा की तबीयत बिगड़ गई। तब जाकर मामला खुला।
पुलिस ने डॉग स्क्वॉड की मदद से भ्रूण क�� अवशेषों को खोज लिया है और हैवान शिक्षक योगेश कुमार पांडेय के खिलाफ दुष्कर्म, भ्रूण हत्या एवं पॉक्सो के तहत गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की गई है। कोई बड़ी बात नहीं है कि इनके सजातीय लोग बलात्कारी शिक्षक के समर्थन में रैलियां न करने लगें। ऐसे हैवान शिक्षकों से अपने बच्चों को बचाएं। ऐसे दरिंदों की मेरिट महिलाओं के शोषण तक सीमित है।
यूपी की राजधानी लखनऊ के पड़ोसी ज़िला हरदोई में एक सरकारी अधिकारी शाहाबाद के एसडीएम श्री सुशील मिश्रा पर सरकारी निरीक्षण के दौरान दबंगों द्वारा ईंट व पत्थर आदि से किया गया जानलेवा हमला तथा उसमें उनके घायल होकर इलाज के लिये अस्पताल में भर्ती होने की ख़बर है, जो दुर्भाग्यपूर्ण ही नहीं बल्कि अति-चिन्ताजनक भी है। ऐसी घटनाओं की रोकथाम ज़रूरी है ताकि सरकारी कार्यों में कथित भ्रष��टाचार के साथ-साथ प्रदेश को अराजक तत्वों से बचाया जा सके। सरकार व्यापक जनहित के मद्देनज़र, इस ओर ज़रूर समुचित ध्यान दे।
कल लखनऊ में एक पत्रकार ने कहा अखिलेश जी नजर इस समय बहनजी के दफ्तर पर हैं।
बसपा में टिकट होता देख सपा से 100 टिकट फ़ाइनल होने की खबरें आ रही है।
सपा बीट के एक पत्रकार ने बतया अखिलेश के यहां नंबर बढ़वाने के लिए कुछ दरबारी पानी पी पी कर बहनजी को कोस रहे हैं
जो सपा कल तक भाजपा से लड़ रही थी आज एक विधायक और जीरो सांसद वाली पार्टी के ख़िलाफ़ वोट कटवा होने का नरेटिव सेट कर रही है
जनाधार के मामले में बसपा अध्यक्ष बहन मायावती जी बड़ा नेता देश मे कोई नहीं है।
EVM की जगह बैलेट पेपर आ जाये तो ये भीड़ 100 फीसदी वोट में तब्दील हो जाएगी। हर जगह से सांसद, विधायक निकलने लगेंगे।
क्योंकि बसपा की रैलियों में आने वाली भीड़ खुद अपना पैसा लगाकर, समय निकालकर आती है। पांच सौ-हजार रुपए लेकर नहीं आती।
#बहुजन_समाज_पार्टी
मकानों की जनगणना व आने वाली जातिगत जनगणना मे अनुसुचित जातियो को ध्यान रखना चाहिए कि;
"आरक्षण का निर्धारण उनके प्रतिशत के आधार पर होता है"
1.जनसँख्या का प्रतिशत ज्यादा होने पर केंद्र व राज्य सरकार पर आरक्षण बढ��ने का दवाब बनाया जाता रहा है।
2.एससी/एसटी की जिम्मेदारी है कि वो सुनिश्चित करे कि जनगणना वाले ने उसकी सही सही जाति भरी है या नही।
3.गलत जानकारी राष्ट्रीय स्तर पर एससी प्रतिशत को नुकसान कर सकता है। जनगणना करने वाले का सही जानकारी भरने हेतू सहयोग करे। कोशिस करे कि स्वयं अपनी जनगणना के डेटा ऑनलाइन जाकर डाले। कोई जातिवादी जनगणना करने वाला ऐसा करते दिखे तो उंसकी डीएम को शिकायत करे।
इसके अलावा;
��ससी अगर धर्म के कॉलम में ईसाई या मुस्लिम लिखवाता है तो भविष्य में उसका जाति प्रमाणपत्र चैलेंज हो सकता है। रद्द हो सकता है। इसका ध्यान रखे। एससी का आरक्षण केवल;
"बौद्ध, सिख, हिन्दू" धर्म को मानने वाले अनुसुचित जाति के व्यक्ति को ही मिलेगा।।
इसे गम्भीरता से ले। जनगणना विषय आपके मानव अधिकारों व प्राकृतिक अधिकारों जिसमे संसाधनों पर हिस्सेदारी से ज���ड़ा हुआ व काफी महत्वपूर्ण विषय है।
विकास कुमार जाटव
दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड में जान गँवाने वाले हर व्यक्ति और उनके परिवार के साथ मेरी गहरी संवेदनाएं है। जिन्होंने अपनों को खोया, उनके दुख की कोई भरपाई नहीं लेकिन इतना ज़रूर है कि वे इस घड़ी में अकेले नहीं हैं। पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
मैं जानता हूँ कि कोई भी हादसा पूरी तरह रोका नहीं जा सकता। लेकिन कुछ हादसे ऐसे होते हैं जिनकी कहानी हम पहले भी सुन चुके होते हैं और यही सबसे तकलीफ़देह बात है। उपहार सिनेमा से लेकर आज तक, दिल्ली ने आग से होने वाली मौतों का यह सिलसिला बार-बार झेला है। हर बार वही सवाल उठते हैं, और हर बार जवाब अधूरे रह जाते हैं।
ईमानदारी से कहूँ तो इन घटनाओं की ज��िम्मेदारी किसी एक पार्टी पर नहीं डाली जा सकती। दिल्ली में बारी-बारी से कांग्रेस, बीजेपी और आम आदमी पार्टी ने सरकार चलाई है, नगर निगम भी इनके पास रहा है और फिर भी फायर सेफ्टी के बुनियादी नियम लागू करना किसी की प्राथमिकता नहीं बन सका। बिना मंज़ूरी के रेस्टोरेंट चलते रहे, अनाधिकृत निर्माण होते रहे, और जिनकी ज़िम्मेदारी निगरानी की थी, वे कहीं और देखते रहे। यह सिर्फ़ प्रशासन की चूक नहीं है यह उस भरोसे की चूक है जो हर नागरिक अपनी सरकार से करता है।
दिल्ली के लोग सिर्फ़ फ़रियाद नहीं कर रहे वे यह माँग रहे हैं कि अगली बार किसी और परिवार को इस त्रासदी को ना झेलना पड़े। यह माँग बहुत बड़ी नहीं है। यह वही बुनियादी माँग है जिसका हर लोकतंत्र अपने नागरिकों से वादा करता है।
हम मिलकर इसे बदल सकते हैं,पार्टी से ऊपर उठकर, चुनाव से ऊपर उ��कर। यही उन परिवारों के प्रति सच्ची संवेदना होगी जिन्होंने आज अपनों को खोया है।
Call me GOD 😎
एक महीने पहले ही लिख दिया था, ममता बनर्जी अपना संगठन ही बचा ले तो गनीमत है, आज TMC के 50MLA नेता चुनाव आयोग के पास अलग #NEW#TMC बनाने पत्र लेकर गए है, सत्ता से बाहर होते ही ममता बनर्जी से एक महीने संगठन नहीं थमा,
बहन जी जैसा नेता करोड़ो में एक पैदा होता है, बसपा के संगठन का तिल बराबर नुकसान नहीं कर सकता भले ही हज़ार मोदी बुला लो और दो हज़ार अमित शाह,
ये तो ��लितों की बुद्धि खराब है जो कोहिनूर छोड़ के कंकड़ जोड़ते डोले !!
लेख दुबारा पढ़ना और दुबारा समझना !! नमस्ते
देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर के एक होटल में आज हुआ भीषण अग्निकाण्ड अति-दुर्भाग्यपूर्ण तथा इसमें काफी लोगों की हुई मौत तथा कई लोगों के घायल होने की भी घटना अत्यन्त ही दुखद। सभी पीड़ित परिवार वालों के प्रति मेरी गहरी संवेदना।
ऐसी दुखद घटनाओं की रोकथाम पर केन्द्र व दिल्ली सरकार को ज़रूर विशेष ध्यान देना चाहिये ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृति ना हो सके।
बाबा निकला बलात्कारी। 😡
IIT रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियर अभिषेक मिश्रा ने पढ़ाई छोड़ मथुरा के गोवर्धन में पुजारी बनने का रास्ता चुना।
यहां वह धर्म की शिक्षा देन�� के बहाने लड़कियों का ब्रेनवाश करके बहला-फुसलाकर उनसे गंधर्व विवाह करता था और फिर उनका रेप करके घटना का फोटो-वीडियो रिकॉर्ड कर लेता था। हाल ही में उसने छत्तीसगढ़ की एक बीएससी नर्सिंग छात्रा को अपनी धार्मिक बातों से चंगुल में फंसाया और फिर उसका रेप किया। दरिंदे बाबा ने घटना का फोटो वीडियो भी बना लिया और उसी के आड़ में ब्लैकमेल करते हुए छात्रा से ₹5 लाख मांगे। महिला ने SSP मथुरा को शिकायत किया, त�� जाकर उसका भांडा फूटा। पुलिस ने अभिषेक मिश्रा उर्फ आदिकर्ता नारायण दास नामक को राधाकुंड के एक मोहल्ले से गिरफ्तार क��या। उसके फोन से 12 लड़कियों के आपत्तिजनक फोटो भी बरामद हुए हैं।
इस देश में धर्म के नाम पर लड़कियों एवं महिलाओं का शोषण करना बहुत आम सा बन चुका है। आए दिन कोई न कोई हिंदू बाबा महिलाओं से दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार हो रहे हैं। सोचिए कि इनके आश्रमों में वास्तविकता में कितनी भयावह स्थिति होगी। ऐसे ही कुछ ही मामले हैं जिसमें पीड़ित महिलाएं खुलकर बोल पाती हैं। अनगिनत लड़कियां एवं महिलाएं तो ध���्म की गुलामी में या तो मौन हैं या फिर लोक लाज एवं डर की वजह से इन बाबाओं के आगे मुंह खोलने में असमर्थ हैं।
ऐसे ढोंगी स्त्रीद्वेषी मनुवादी बाबाओं के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर बड़े विमर्श एवं अभियान की जरूरत है। ये लोग न केवल समाज को बदनाम करते हैं बल्कि भोली भाली महिलाओं की मासूमियत का नाजायज फायदा उठाते हैं। ऐसे हवस के पुजारी ��रिंदों से अपनी जान बचाएं।