सोचिए, ऐसा क्या गुनाह किया था इन बच्चों ने कि इन्हें गोली मार दी गई?
इन्होंने सरकार से सिर्फ़ तीन चीज़ें माँगी थीं - शिक्षा, रोज़गार, और जवाबदेही।
एक छात्र के पैर की हड्डी AK 47 की गोली से टूट गई। सेना में जाकर देश की सेवा करने का उस��ा सपना भी उसी के साथ चला गया। दो और छात्रों के कंधों को गोली चीरती हुई निकल गई।
ये अपराधी नहीं थे। ये ग़रीब घरों के वो बच्चे थे जो अपने परिवार के सपने लेकर पढ़ने निकले थे - किसी को अच्छी नौकरी चाहिए थी, किसी को अपने घर के हालात बदलने थे।
गोली के घाव भर जाएंगे - पर जो डर इन बच्चों के भीतर बैठ गया है, उसका इलाज किस अस्पताल में होता है?
प्रधानमंत्री जी, मुख्यमंत्री जी - इनकी टूटी हड्डी तो जुड़ जाएगी। ���्या इनका टूटा हुआ सपना आप लौटा सकते हैं?
जंतर मंतर प्रदर्शन में गंभीर जुर्मों के 25 आरोपी जेल से वहाँ कैसे पहुंच गए?
क्या चेहरा पहचानने वाला दिल्ली पुलिस का software गड़बड़ है, जबकि उसका इ��्तेमाल हर जगह हो रहा है?
या जघन्य अपराधियों और गुंडों को जानबूझकर प्रदर्शन स्थल पर अराजकता और हिंसा फैलाने के लिए लाया गया?
देश की राजधानी में @4pmnews_network की महिला पत्रकार के साथ मारपीट मोदी सरकार की बेलगाम @DelhiPolice का अत्याचारी चेहरा सामने लाता है।
ख़ान है तो क्या जान ले लोगे भाई?
DM पर तो नाजायज़ काम करने पर, हाईकोर्ट के जुर्माने की फटकार पड़ गई लेकिन उनका क्या होगा, जिनके दिशा-निर्देश में ये सब प्रतिशोधात्मक काम हो रहा है?
D से पहले तो C आता है ना?
बाक़ी… जनता समझदार है।
ये मुसलमान है। ये महिला है। ये पत्रकार है। ये Gen-Z है।
जुर्म इतना है कि देशभक्त महिला पत्रकार ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से सवाल पूछ लिया। फिर अमित शाह की दिल्ली पुलिस ने बेरहमी से इस बहन की पिटाई कर द��।
मोदी जी के अमृतकाल वाले कथित न्यू इंडिया में अब मुसलमान होना, महिला होना और निष्पक्ष पत्रकार होना, सबसे बड़ा गुनाह है।
भाजपा ने पूरे देश में सत्ताई निरंकुशता की हर सीमा को लाँघ दिया है। निरंकुश भाजपा सरकारों से अब सवाल पूछना उनकी आलोचना करना ही सबसे बड़ा अपराध है।
दिल्ली हो या बिहार, हर जगह कायर भाजपाई अब पुलिस से पत्रकारों को पिटवा रहे हैं, डरा रहे हैं। भाजपा के शासनकाल में संवैधानिक स���स्थाएं और पुलिस लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का प्रतीक बन गई है।
Noida के कितने गोदी मीडिया पत्रकार विशेषकर महिला एंकरों का कल से लेकर आज तक खून खौला?
देश की राजधानी दिल्ली में 2 महिला पत्रकारों को पु���िस थाने के अंदर ले जाकर पीटा गया, लेकिन चारों तरफ सन्नाटा है।
क्या वजह रही होगी?
BJP सरकार और दिल्ली पुलिस की गुंडई 👇
4PM की पत्रकार शाहीन ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछा तो दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले ���िया और मारपीट की।
शाहीन का कहना है- जब पुलिसवालों को पता चला कि वो मुसलमान हैं तो उन्हें और बेरहमी से मारा गया। उनके शरीर पर जख्म हैं.. कैमरापर्सन भी बेसुध पड़ी है।
एक पत्रकार के साथ ऐसा बर्ताव कतई सही नहीं है, दोषी पुलिसवालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
हालांकि, इसकी उम्मीद कम है, क्योंकि- BJP सरकार में सवाल पूछना गुनाह हो चला है।
निशु, घबराने की ज़रूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूँ।
साफ है कि तुम्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के हक़ की आवाज़ उठाती हो।
अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ़ छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है। दूसरी तरफ़ एक दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है।
@narendramodi जी, @AmitShah जी - ऐसे अपराधी को आपका और आपकी पार्टी के लोगों का संरक्षण क्यों है? अब भी कार्रवाई ह���गी या किसी को बचाते रहेंगे?
निशु, तुम्हारी लड़ाई अकेली नहीं है। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता।
जय भीम। जय संविधान।
4PM की महिला पत्रकार शाहीन के साथ अल्पसंख्यक विभाग लीगल सेल की टीम साकेत थाने में मौजूद है,अल्पसंख्यक विभाग के NOB महमूद ख़ान जी अस्पताल से थाने तक पत्रकार बहन के साथ हैं, मैं भी लगातार उनके संपर्क में हूँ, मुख्यमंत्री से सवाल पूछने पर शाहीन के साथ बर्बर��ा करने वाले पुलिसकर्मियों के साथ क़ानूनी कार्यवाही सुनिश्चित होनी चाहिये।
@INCMinority @MahmoodKhanINC
बेरहमी की सभी सीमाएं पार कर दी हैं आपने @DelhiPolice . आप जिसे मर्जी उठाकर ले जाते हैं- जिसके साथ चाहें बर्बरता करते हैं? कोई जवाबदेही है @CPDelhi ? शर्मनाक! कुछ कहेंगी आप @gupta_rekha ? In solidarity with the Reporters of @4pmnews_network
सिर पर ‘सत्ता-सजातीय’ हाथ है
इसीलिए इनकी मूंछों पर ताव है
ऐस लोगों से क्या होना इंसाफ़ है
पर अब ये कुछ दिनों की बात है
क्योंकि दस्तक दे रहा बदलाव है
हम निलंबन की माँग नहीं करेंगे!
7 वर्षीय रागिनी के गांव पहुंचकर उससे मुलाकात की। पढ़ाई के जज्बे को देखते हुए ट्राईसाइकिल, किताबें, खिलौने, क्रच, टीएलएम किट व शैक्षिक सामग्री दी। पैर के ऑपरेशन हेतु CMO को जांच व उपचार के निर���देश दिए। शौचालय व सड़क मरम्मत की भी व्यवस्था के निर्देश दिए।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने मेरे खिलाफ दुष्प्रचार किया और भ्रम फैलाया कि मैंने मछली भोज किया, जिससे मेरी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।
मैं काशी का रहने वाला, शुद्ध शाकाहारी और बाबा विश्वनाथ का भक्त हूं। मैं निषाद समाज की परंपरा के तहत केवल उनके कार्यक्रम में शामिल हुआ था।
मुख्यमंत्री के इस झूठ से दुखी होकर हमने मानहानि का केस दर्ज कराने के लिए सभी सबूत सौंप दिए हैं। उन्हें अपने झूठ को स्वीकार करते हुए जनता और देश से माफी मांगनी चाहिए।
- प्रदेश अध्यक्ष श्री अजय राय (@kashikirai) जी
भाजपा और 'वोट चोरी आयोग' के तरीके बदलते रहते हैं, और बदलते रहेंगे - मकसद बस एक ही है: किसी भी क़ीमत पर BJP की जीत, और भारत के लोकतंत्र का अंत।
महाराष्ट्र 2024 - लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच अचानक 39 लाख नए वोटर जुड़ गए। मैंने तब भी कहा था, आज भी कहता हूँ: यह वोट चोरी थी।
बंगाल 2026 - SIR में जिन नामों को काटा गया, उनमें से 91% नाम अपील के बाद वापस जोड़ने पड़े। यानी हर 10 में से 9 नाम गलत तरीके से काटे गए, और नाम चुनाव के बाद ही जोड़े गए। मैंने तब भी कहा था, आज भी कहता हूँ: यह वोट चोरी थी।
और अब महाराष्ट्र में 2.07 करोड़ मतदाताओं को ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर कर दिया गया है - यानी हर पांचवां वोटर।
लोक सभा 2024: 9.29 करोड़
विधान सभा 2024: 9.7 करोड़
SIR 2026: 7.78 करोड़
कौन सी लिस्ट सही थी?
वोट चोरी से बनी सरकार के लिए जनता ज़रूरी नहीं है - यही कारण है कि ये BJP न जनता की सुनती है, न उनका आदेश मानती है।
जयपुर में सुबह 9 बजे से होने वाली NEET-PG की परीक्षा 12 बजे तक शुरू ही नहीं हो पाई
अब यह परीक्षा 5 सितंबर को कराई जाएगी
मोदी सरकार एक परीक्षा तो ठीक से करवा नहीं सकती
इनसे बस कोरी बकवास करा लो
'मोदी जी, आपने मेरी ज़िन्दगी नरक बना दी है'
- ये बात 15 साल की रुचिका ने कही है, जिसे मोदी ने गुंडों से डरा-धमकाकर माफी मंगवाई थी
रुचिका का कहना है 👇
"नरेंद्र मोदी ने मुझे इतना टॉर्चर करवाया है कि मेरा सबकुछ छिन गया है। अब मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं बचा।"
Gen Z के आगे इंस्टाग्राम पर 'Fraands-Fraands' चिल्लाने वाले नरेंद्र मोदी का ये असली चेहरा है।
जो एक 15 साल की लड़की के आगे दम दिखाते हैं, BJP के गुंडों से ट्रोल करवाते हैं, डराते-धमकाते हैं और माफ़ी मांगने के लिए मजबूर करते हैं।
शर्म आनी चाहिए।
“मैं उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनना चाहता हूँ”
~ केशव प्रसाद मौर्य
अभी किसी और पार्टी के किसी नेता ने यह कहा होता तो हैडलाइन होती
• रस्साकशी
• सिर फुटव्वल
• अंदरूनी कलह
• तकरार
• दंग���
यूपी में BJP के डूबते जहाज़ को कोई नहीं बचा सकता