A 13-year-old girl working as a domestic help was allegedly physically and sexually assaulted by her employers in Gurgaon.
The girl was "unrecognisable" when found. Her hair had been pulled out, her hand burnt with acid, her neck bore scars, and her face was scarred.
Click on the 🔗 below to read the harrowing details of what happened
https://t.co/jJdUt4QsYR
Officials only turned to rat-hole mining, when more modern equipment collapsed in the face of the daunting challenge.
For 24 hours, Munna Qureshi and his team of 12 kept digging away, metres deep inside a 2.6-feet-wide steel pipe.
Vipin Rajput, one of the 12, said he hopes people will now consider their work noble. “I hope they will see us with some respect now because of the rescue,”.
https://t.co/QrA9A5eSmm
आज का इटली, कभी रोमन साम्राज्य था। जब रोम गिरा, तो उसन दूसरे आक्रांताओं ने कब्जा देखा। कई छोटे छोटे राज्य हो गए।
गैरीबाल्डी ने इटली का फिर एकीकरण किया। इसमे मेनलैंड से अलग एक आइलैंड भी था। इसे सिसली कहते हैं।
●●
यहां बड़े छोटे जमींदार थे, जो कानून व्यवस्था बनाये र��ते। पर जब नेशन स्टेट बन गया, उनके अधिकार छिन गए।
पुलिस रखी गई, पर नाकाफी थी। जमींदारों से परेशान सिसली वाले, बागी बन जाते। गैंग बनाते,धनिकों को मारते, लूटते। बागी बहादुर थे, जनता के हीरो थे।
माफिया का मतलब "बहादुर" या "जांबाज" ही होता है। आगे चलकर नया धंधा बना, कि अमीरों को लुटने से बचाने लगे, बदले मे वसूली करते। इनके संगठन बने, इलाके बांट लिए। ताकतवर, धनी हो गए। सफेदपोश होकर लीगल व्यवसाय भी कर��े लगे।
ये माफिया तन्त्र की ईजाद थी।
●●
एक माफिया नेटवर्क बना,जो "ला कोसा नोस्त्रा" कहलाता। याने "हमारी चीज".. याने, सरकार का कोई दखल नही। इसका नियम था- ओमेर्ता
याने - चुप्पी। सरकार,कोर्ट,पुलिस से न कोई शिकायत करेगा, न गवाही देगा। अपने विवाद, हम लोग आपस मे सुलटेंगे।
ओमेर्ता पवित्र था। मुंह खोला, तो दुश्मन नही, दोस्त ही मार देंगे। ऐसे मे कानून के लिए माफिया एक अबूझ पहेली थी।
तो सिसली में माफिया सुखी जीवन व्यतीत कर रहा था, कि 1922 में मुसोलिनी भाई सत्ता में आए। दो साल बाद सिसली आये।
●●
सनकी तानाशाह को सुरक्षा चाहिए। मुसोलिनी के साथ युद्धक पोत, विमान, सबमरीन, हजा��ों गार्ड का दस्ता था।ला कोसा नोस्त्रा के डॉन ने स्वागत किया।
उसे फ़ौज अपनी इन्सल्ट लगी।
कह दिया- इतनी फ़ौज की क्या जरूरत, आप मेरे प्रोटेक्शन में हो। कोई खतरा नही।
पहली गलती, मुसोलिनी ने डांट लगा दी। डॉन बुरा मान गए। मुसोलिनी को सबक सिखाने की सोची।
अगले दिन भाषण का कार्यक्रम था। मुसोलिनी भाषण देने आए, तो सामने मुट्ठी भर भीड़ थी। तमाम मसखरे, भिखारी, छोकरे.. मुंह चिढ़ाते ट्रोल कर रहे थे।
माफिया, दरअसल मुसोलिनी को औकात बता रहा था। एक तानाशाह का भाषण उत्सव खराब करना, दूसरी और आखरी गलती थी।
●●
फासिस्ट पार्टी, खुद माफिया थी।सरकार में थी। गुण्डई मे कोई उसका क्या ही मुकाबला करता।
सिसली के पुलिस चीफ को बुलाया। सीजर मोरी नाम था, ए���काउंटर स्पेशलिस्ट थे। अक्सर उसके सामने कानून आ जाता था।
मुसोलिनी ने आदेश दिया- कानून, नियम, न्यायालय, सबकी ऐसी तैसी... तुम खुद कानून बनाओ, खुद पालन करवाओ। माफिया खत्म होना चाहिए।
तो अब रोज नए कानून बनते। दस हजार से ऊपर एनकाउंटर, हजारों जेल में ठूंसे गए।अधिकांश मासूम लोग थे। माफियाओ के पत्नी- बच्चे, शरण ��ेने वाले या जिस पे भी शक हो, जेल या कब्र में भेज देते।
●●
जहां 2-4 माफिया के छुपे होने की खबर मिलती, गांव घेर लिया जाता। हफ़्तों तक गांव का खाना पानी बंद कर, पशु मार दिये जाते। गांव तब तक तड़पाया जाता, जब तक इच्छित आदमी उनके हवाले न होते।
फिर उन्हें वहीं गोली मार, लाश चौपाल पर छोड़कर पुलिस लौट आती। खबर सुनकर, डुचे मुसोलिनी प्रशंसा पत्र भेजते।
इन सीज में वो मशहूर कारलियोनि गांव भी था। सिसली में माफिया की कमर टूट गयी। बड़े माफिया अमेरिका भाग गए। बचे वही, जो मुसोलिनी के पाले हुए थे।
पांच साल बाद यह मानकर कि माफिया पर पूर्ण विजय प्राप्त हो चुकी है, इटली के अखबारों से, माफिया की खबरे फ्रंट पेज पर आनी बन्द हुई। मोरी साहब को मुसोलिनी जी ने सांसद नियुक्त किया।
●●
वक्त का पहिया घूमता है।
मुसोलिनी के लिए भी घूमा। जनता ने मारकर चौराहे में टांग दिया। उधर अमेरिका पहुचे माफिया ने अमरीकन माफिया को जन्म दिया।
इसी बैकग्राउंड में गॉडफादर जैसे कैरेक्टर बने। इनके हाथ मे एक नई ताकत थी- सफेद पाउडर, हेरोइन..माफिया छुपकर काम करना सीख चुका था।
जमीन के भीतर मजबूत हो रहा था।
इंटरनेशनल हो रहा था।
●●
माफिया पनपते है गरीबी, अत्याचार, करप्शन औऱ न्याय की नपुंसकता पर। जमीन में माफिया की उर्वरता खत्म किये बगैर, मुसोलिनी ने भरजोर प्रयत्न तो किया, मगर माफिया को खत्म न कर सका।
अलबत्ता कुछ माफिया मारकर, नये माफिया के लिए जगह जरूर बनाई। मुसोलिनी के बाद माफिया ने फिर से सिसली पर कब्जा जमाया।
इस बार ज्यादा ताकतवर, चतुर, धनी, अदृश्य था। सरकार के साथ सामंजस्य में था। ठेके ले रहा था, बड़े बिजनेस चला रहा था। वह पुलिस, कोर्ट, नेता औऱ सरकारों से गठजोड़ करता, सरकार�� बनवाता।
सरकार बनता।
●●
याद रहे। मर्डर, वसूली, दादागिरी, अनैतिक व्यापार, कब्जा, गुंडागर्दी, गलतबयानी, धोखा, जालसाजी, गवाहों को धमकाना..
ये सब जब कानून के खिलाफ होती है, उसे माफिया कहते हैं। बुरी चीज है। इसे हम नही चुनते।
पर जब यह कानूनी ताकत के साथ होता है, तो इसे सरकार कहते हैं। यह अच्छी चीज है।क्योकि इसे,
हम चुनते है।
2000-2002.
A Vill in Bengal
Goons used to maintain a Diary listing every girl entering Adulthood to G@ngrxpe her in future.
Not a Politician
A thin, Avg height, only 28yrs old. He stood up alone, Fought & defeated them at the cost of his Life.
Sharing his story. Stay Frndz.🌼1/18
“The sengol was handed over to the National Museum in Delhi on November 4, 2022 after an MoU between the Allahabad Museum and the National Museum. A nod was taken from Uttar Pradesh Governor, Anandiben Patel, who is ex officio chairperson of Allahabad Museum, where the sengol was kept, and not at Anand Bhavan, the home of the Nehru-Gandhi family.”
Imagine, how shamelessly lies are peddled from the highest office in the government.
Kamaljeet & Manish broke 3 WIPERS & many STICKS in last 4 months in beating this child. They kept a watch from office via CCTV & if she ate anything, she was beaten. Kamaljeet broke child's teeth hitting her with kadchi
Belts, fork, Kadchi, chimta, belan, Tawa - THEY USED ALL
@Na_ho_paayega Hmm.main porhane jata tha ek bache ko. First one month I thought his father did do any work. Always at home with mobile. Oneday I asked the boy about his father's profession and he told me he was a high school teacher. I was shocked.